योगी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल: 8 नेताओं को मिला मंत्री पद, जातीय संतुलन पर फोकस

 लखनऊ

 योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार दोपहर 3.30 बजे से जन भवन में हुआ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आठ मंत्रियों पद की शपथ दिलाई।

भूपेन्द्र चौधरी और मनोज कुमार पाण्डेय ने कैबिनेट मंत्री और डॉ. सोमेंद्र तोमर व अजीत पाल ने राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के पद की शपथ ली। इनके साथ कृष्णा पासवान, कैलाश सिंह राजपूत, सुरेन्द्र दिलेर व हंसराज विश्वकर्मा ने राज्यमंत्री के पद की शपथ ली। योगी आदित्यनाथ सरकार 2.0 में अभी मुख्यमंत्री, दो उपमुख्यमंत्री समेत 21 कैबिनेट मंत्री हैं। इनके साथ 14 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 18 राज्य मंत्री हैं। सरकार में 54 मंत्री हैं तो अधिकतम 60 मंत्री ही बनाये जा सकते है। बिना किसी को मंत्रिमंडल से हटाए आठ को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।

योगी आदित्यनाथ सरकार एक में कैबिनेट मंत्री रहे पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी व रायबरेली के ऊंचाहार से विधायक समाजवादी पार्टी से बगावत करने वाले मनोज कुमार पाण्डेय ने कैबिनेट मंत्री के पद की शपथ ली। इनके साथ अति पिछड़ी जाति से आने वाले वाराणसी के विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, फतहेपुर की खागा सीट से विधायक अनुसूचित जाति की कृष्णा पासवान, अलीगढ़ के खैर से विधायक सुरेन्द्र दिलेर और कन्नौज के तिर्वा से विधायक कैलाश सिंह राजपूत ने पहली बार राज्यमंत्री के पद की शपथ ली।

इन मंत्रियों ने ली पद की शपथ
उत्तर प्रदेश जन भवन में आज आठ मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इनमें दो राज्यमंत्रियों के कद में बढ़ोतरी गई है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी व मनोज कुमार पाण्डेय ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली।

चौधरी इससे पहले योगी आदित्यनाथ की पहली सरकार (2017-2022) में  पंचायती राज मंत्री  रह चुके हैं।

रायबरेली के ऊंचाहार से विधायक और अखिलेश यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे मनोज कुमार पाण्डेय ने योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री पद शपथ ली। लेंगे।

कन्नौज के तिर्वा से विधायक विधायक कैलाश सिंह राजपूत मंत्रिपद की शपथ लेंगे।

वाराणसी में भाजपा के जिलाध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा

अलीगढ़ के खैर से भाजपा के विधायक सुरेंद्र दिलेर

फतेहपुर के खागा से भाजपा की विधायक कृष्णा पासवान

मेरठ दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक डॉ. सोमेंद्र तोमर का कद बढ़ाया गया है। वह सरकार में राज्य मंत्री ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत हैं, अब इनको राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में शपथ दिलाई जाएगी।
कानपुर देहात के सिकंदरा से भाजपा के विधायक अजीत पाल योगी आदित्यनाथ सरकार में राज्य मंत्री विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग है। इनको प्रोन्नत किया गया है। अब यह राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के पद की शपथ लेंगे।

दो वर्ष पहले हुआ था पहला विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल का पहला विस्तार लोकसभा चुनाव से पहले पांच मार्च 2024 को हुआ था। तब सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए पिछड़े, दलित, अगड़े के साथ ही पूरब से पश्चिम को साधते हुए चार नए कैबिनेट मंत्री बनाए गए थे। इनमें सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर, भाजपा एमएलसी दारा सिंह चौहान, मुजफ्फरनगर की पुरकाजी सीट से रालोद विधायक अनिल कुमार और गाजियाबाद की साहिबाबाद सीट से भाजपा विधायक सुनील कुमार शर्मा मंत्री बने थे। इसके साथ कैबिनेट मंत्रियों की संख्या मुख्यमंत्री योगी सहित 22 हो गई, लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद जितिन प्रसाद केंद्रीय मंत्री बन गए थे। इस तरह से वर्तमान में 21 कैबिनेट मंत्री हैं।

मौजूदा मंत्रिमंडल का जातीय समीकरण
योगी आदित्यनाथ 2.0 सरकार जब गठित हुई उस समय पिछड़ा वर्ग के 20, आठ दलित, सात ब्राह्मण, छह राजपूत, चार वैश्य, दो भूमिहार मंत्री बनाय गये थे। पहले विस्तार में दो पिछड़े वर्ग मंत्रियों में बढ़ोत्तरी हुई, जिससे मंत्री पिछड़े वर्ग के मंत्रियों की संख्या 22 हो गई। इसके अतिरिक्त एक सुनील शर्मा ब्राह्मण को मंत्रिमंडल में स्थान मिला, लेकिन जितिन प्रसाद केंद्रीय मंत्री बन गये, जिससे ब्राहमण मंत्रियों की संख्या सात ही रही। अलबत्ता अनिल कुमार के रूप में दलित मंत्रियों की संख्या बढ़कर नौ हो गई थी।

भाजपा विधायकों का जातीय समीकरण
वर्तमान में भाजपा के पास 258 विधायक हैं। इनमें से 45 राजपूत, 42 ब्राह्णण, ओबीसी के 84, एससी के 59 और अन्य सवर्ण विधायक की संख्या 28 हैं। इसी तरह 100 सदस्यों वाली विधान परिषद में भाजपा के 79 सदस्य हैं। इनमें राजपूत 23, ब्राहम्ण 14, ओबीसी 26, मुस्लिम 02 और अन्य सवर्ण 12 और एससी वर्ग के दो सदस्य हैं।

जातीय व क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में अब सिर्फ आठ महीने ही है। इसको देखते हुए भाजपा यूपी में योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए जातीय व क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश करेगी। जहां छह और मंत्री बनाए जा सकते हैं वहीं मौजूदा राज्यमंत्रियों में से कुछ को कैबिनेट मंत्री बनाया जाएगा। राज्यसभा चुनाव में सपा से बगावत करने वाले विधायकों में से दो को मंत्री पद का पुरस्कार मिल सकता है। वर्तमान में मुख्यमंत्री योगी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक सहित कुल 54 मंत्री। राज्य में अधिकतम 60 मंत्री बन सकते हैं। जातीय व क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए मंत्रियों के छह रिक्त पदों को भरा जाएगा।

 

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