पीएम जन-मन के तहत प्रदेश को मिली 261 करोड़ लागत वाली 384 किमी सड़क परियोजनाएं, 168 जनजातीय बहुल बसाहटों को मिलेगा सीधा लाभ

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विकास की प्रबल इच्छा-शक्ति हो, तो एक योजना ही पूरे देश के ग्रामीण इलाकों की तकदीर बदल सकती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने यह संभव कर दिखाया है। इस योजना से बनीं सड़कें गांवों की जीवन धारा बन चुकी हैं। ग्रामीण भारत की तकदीर और तस्वीर बदलने में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का योगदान अतुलनीय है। देश-प्रदेश के छोटे-बड़े कस्बों, गांव-देहात, टोले-मजरों की अंतिम सीमा तक पक्की सड़कों की पहुंच हो गई है। अब ग्रामीण क्षेत्रों तक आवागमन बेहद आसान हो गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम विकास कार्यक्रमों और लोक कल्याणकारी योजनाओं को धरातल में उतारकर समावेशी विकास की लक्ष्य पूर्ति में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से नई रफ्तार मिली है। ग्राम्य भारत का पूरा परिदृश्य ही बदल देने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 25 साल पूरे होने पर आज मध्यप्रदेश इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बन रहा है। इस योजना का रजत जयंती समारोह वास्तव में ग्रामीण विकास के एक नए युग का उद्घोष है। पीएमजीएसवाय-फोर और पीएम जन-मन का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ देश के गांवों को मजबूत, टिकाऊ और सर्वकालिक सड़क सम्पर्क से जोड़ने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को सीहोर जिले के भैरुंदा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-4 एवं प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जन-मन) के कार्यों के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्यमंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री  कमलेश पासवान सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर राज्य स्तरीय समारोह का विधिवत् शुभारंभ किया। कार्यक्रम में पीएमजीएसवाय की 25 वर्षों की यात्रा पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश ग्रामीण कनेक्टिविटी के मामले में देश में पहले स्थान पर है। प्रदेश में बीते कुछ सालों में 90 हजार 150 किमी सड़कों का निर्माण कर 17 हजार 540 से अधिक बसाहटों को मुख्य मार्गों से जोड़ा गया है। पिछले 25 सालों में सड़कों से मंडियों तक किसानों की पहुंच आसान हुई है। बच्चों की शिक्षा नियमित हुई और स्वास्थ्य सेवाओं में भी व्यापक सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समारोह के जरिए मध्यप्रदेश को 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सौगातें मिली हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की बात पर हम सभी साथ हैं। गरीब का कल्याण हमारा लक्ष्य है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए हम केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर काम करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गांव-देहात की सड़क एक रास्ता भर नहीं होती, यह विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मानजनक जीवन की आधार रेखा होती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने देश के गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है। पीएमजीएसवाय-फोर ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में ग्रामीण अधोसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। मध्यप्रदेश हमेशा ही इस राष्ट्रीय अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सुदूरवर्ती गांवों तक सड़क बनने से किसानों को बाजार तक पहुंचने, विद्यार्थियों को शिक्षा, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिले हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बुधनी क्षेत्र से आज प्रदेश को विकास की बड़ी सौगातें मिली हैं। उन्होंने कहा कि स्व. अटल जी ने 25 साल पहले ग्रामीण सड़कों के निर्माण की शुरुआत की थी, जिसे भारत सरकार के सहयोग से राज्य सरकार आगे बढ़ा रही है। आज प्रदेशवासियों को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कें, प्रधानमंत्री आवास और अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए राशि मिली है। सड़कों के निर्माण और रखरखाव के लिए मध्यप्रदेश को अलग-अलग कैटेगरी में तीन पुरस्कार मिले हैं। ग्रामीण सड़कों के निर्माण के मामले में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि विदिशा लोकसभा संसदीय क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा मांगे गए सभी विकास कार्यों एवं मांगों पर सहमति देते हुए इनकी पूर्ण मंजूरी की घोषणा की।

केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री  चौहान ने पीएमजीएसवाय-फोर एवं पीएम-जन-मन योजनाओं के स्वीकृति आदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपे। केन्द्रीय मंत्री  चौहान ने मध्यप्रदेश को वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से संबंधित निधि का 830 करोड़ रुपये सांकेतिक आवंटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा। कार्यक्रम के दौरान देश के अन्य राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को डिजिटल माध्यम से वर्ष 2026-27 के लिए पीएमजीएसवाय से संबंधित निधि 18 हजार 907 करोड़ रुपये का सांकेतिक वित्तीय आवंटन जारी किया गया। इसमें से 830 करोड़ रुपये मध्यप्रदेश में होने वाले विकास कार्यों के लिए आरक्षित हैं। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री  चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण के अंतर्गत मध्यप्रदेश को 2 हजार 55 करोड़ रुपये की मदर सैंक्शन जारी कर इसका स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा। केन्द्र सरकार का यह बजट आवंटन ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास और आवासीय सुविधाओं को नई गति देगा। केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री  चौहान ने भारत सरकार द्वारा मूंग एवं सरसों की फसल समर्थन मूल्य में खरीदे जाने का स्वीकृति पत्र भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव सौंपा।

रजत जयंती समारोह के दौरान ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। इसके लिए लम्बाई, बसाहटों को जोड़ना, तकनीक के उत्कृष्ट प्रदर्शन, रखरखाव एवं गारंटी पीरियड के बाद भी बेहतर रख-रखाव के मानक की कुल पांच श्रेणियां बनाई गई हैं। इन श्रेणियों में से सर्वाधिक लम्बाई वाली पीएमजीएसवाय सड़क निर्माण में मध्यप्रदेश को पहला स्थान मिला है। मध्यप्रदेश में कुल 90 हजार 150 किमी सड़कों का निर्माण किया गया है। पीएमजीएसवाय सड़कों से ग्रामीण बसाहटों को जोडने की श्रेणी में बिहार राज्य को पहला स्थान प्राप्त हुआ। दूसरा स्थान मध्यप्रदेश को मिला। मध्यप्रदेश में कुल 17 हजार 793 ग्रामीण बसाहटों को पक्की बारहमासी सड़कों से जोड़ा गया है। गारंटी पीरियड के बाद भी सड़कों को बेहतर रख-रखाव के मामले में मध्यप्रदेश को पहला स्थान मिला है।

बताया गया कि केन्द्र सरकार द्वारा देश के ग्रामीण सम्पर्क, अधोसंरचना और समावेशी विकास से जुड़ी भावी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इनसे मध्यप्रदेश को विशेष लाभ मिलेगा। इस अवसर पर पीएमजीएसवाय-फोर के अंतर्गत मध्यप्रदेश को 1 हजार 763 करोड़ रुपये की लागत से 2 हज़ार 117 किमी लंबाई वाली 973 नई सड़कों की बड़ी सौगात मिली। इन सड़कों से 987 ग्रामीण बसाहटों को जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही पीएम जन-मन के तहत 261 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 384 किमी लंबाई वाली सड़क परियोजनाओं की भी इस मौके पर मंजूरी मिली। इन सड़कों के बनने से 168 जनजातीय बहुल बसाहटों को सीधा लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार की यह पहल प्रदेश के जनजातीय, दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में विकास की नई रौशनी लेकर आएगी।

केन्द्रीय मंत्री  चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव संकल्प के धनी हैं। प्रदेश के विकास में वे कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश में विकास का महायज्ञ चल रहा है। प्रदेश में 973 सड़कों को मंजूरी दी गई है। प्रदेश का कोई गांव पक्की सड़कों ने वंचित नहीं रहेगा। पीएम जनमन के अंतर्गत भी पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 261 करोड़ लागत की नई सड़कों की सौगात मिली है। प्रदेश का कोई गरीब बिना छत के नहीं रहेगा। इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 2055 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता का स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा है। मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों के निर्माण में नंबर 1 है। इसके लिए राज्य सरकार और अधिकारी बधाई के पात्र हैं। आज देश के विभिन्न राज्यों को सड़क निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए 18 हजार 907 करोड़ रुपए की राशि का आवंटन किया। इसमें से 830 करोड़ रुपए मध्यप्रदेश को मिले हैं। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व गांवों तक पक्की सड़कें बन रही हैं। पहले मध्यप्रदेश में सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी थी। अब मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के किसानों को दिन में भी बिजली मिल रही है। स्व. अटल जी की प्रेरणा से ग्रामीण सड़कों का निर्माण जारी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए नए सिरे से सर्वे कराया गया है सबको पक्का मकान मिलेगा। केंद्र सरकार ने 3 करोड़ लखपति दीदी तैयार करने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। अब प्रधानमंत्री जी ने इस लक्ष्य को बढ़ाकर 6 करोड़ करने की बात कही है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में विकसित और शक्तिशाली भारत का निर्माण हो रहा है।

केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री  कमलेश पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से गांव और शहर की दूरी कम हुई है। आज किसान अपना अनाज शहर की मंडियों में बेच रहा है। गर्भवती महिलाएं समय पर अस्पताल और बच्चे पढ़ाई के लिए स्कूल जा रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय फील्ड में जाकर बेहतर कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री ने देश में तीन करोड़ दीदियों को लखपति बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि बीते एक साल में ही 2 करोड़ लखपति दीदियां बन चुकी हैं। गांवों में बसने वाली देश की आधी आबादी को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की 25वीं वर्षगांठ पर सभी को बधाई दीं।

केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्यमंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्पासानी ने कहा कि भूतपूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर 25 दिसंबर 2000 को भारत के गांवों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उपहार मिला। अटल जी का अटूट विश्वास था ग्रामीण सड़कें देश के विकास का मजबूत आधार हैं। उनका लक्ष्य साफ था कि देश के हर गांव तक पक्की सड़क पहुंचाना है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 8 लाख 25 हजार किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों को मंजूरी मिली और इनका 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। देशभर में 1 लाख 7 हजार से अधिक ग्रामीण बस्तियों को मुख्य सड़क से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश केन्द्र सरकार की योजनाओं को अक्षरश: लागू करने के साथ इनका लक्ष्य भी हासिल करता है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना-4 में हम देश में 2500 किलोमीटर की नई सड़कें बनाएंगे और बस्तियों से सम्पर्क सुधारेंगे। हमारी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों का कायाकल्प कर रही है। जल जीवन मिशन से हर घर को पानी दिया जा रहा है। विकसित भारत 2047 की यात्रा में गांव और किसान का विकास भी जरूरी है। प्रधानमंत्री  मोदी ने स्व. अटल जी के 25 साल पहले लिए संकल्पों को आगे बढ़ाया है।

बुधनी विधायक  रमाशंकर भार्गव ने कहा कि भैरुंदा में हो रहे इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम के जरिए आज प्रदेश को कई नयी पक्की सड़कों की सौगात मिल रही है। प्रदेश में 1763 करोड़ रुपये लागत से 2117 कि.मी. लंबी 963 सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

समारोह में राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा, विधायक सीहोर  सुदेश राय, विधायक आष्टा  गोपाल सिंह इंजीनियर, जिला पंचायत अध्यक्षा रचना सुरेन्द्र मेवाड़ा, केन्द्रीय संयुक्त सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय सु अदिति सिंह, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने पिछले 25 वर्षों में ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन में अहम भूमिका निभाई है। देश में लाखों किमी सड़कों के निर्माण ने गांवों को शहरों से जोड़ा है। कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाया और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी। मध्यप्रदेश में भी इस योजना के जरिए हजारों गांवों तक बारहमासी सड़क सम्पर्क स्थापित हुआ। इस राष्ट्रीय आयोजन में बीते दौर की उपलब्धियों के प्रदर्शन के साथ ही ग्रामीण भारत का भावी विजन भी प्रस्तुत किया गया। पीएमजीएसवाय- फोर और पीएम जन-मन जैसी योजनाएं भविष्य में गांवों को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का बेहतरीन जरिया बनेंगी। देश-प्रदेशों की राजधानी के बारहमासी ग्रामीण सम्पर्क का यह नया अध्याय विकसित भारत के संकल्प को और भी मजबूत करेगा। 

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