16 हजार किमी से अधिक लंबाई में नालों की सफाई पूरी, 300 बाढ़ परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर

लखनऊ

 योगी सरकार इस वर्ष मानसून के दौरान जीरो जनहानि और कृषि भूमि को कम से कम नुकसान सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है। इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए उत्तर प्रदेश सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग युद्ध स्तर पर तैयारियों में जुटा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना, नालों की सफाई, तटबंधों की सुरक्षा, बाढ़ सुरक्षा समितियों के गठन समेत तमाम उपाय आगामी मानसून के दौरान बड़ी राहत साबित होंगे। प्रदेश के सभी 18 मंडलों में 31 मई तक एकीकृत बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित करने का निर्देश दिया गया है ताकि पहली जून से इन्हें संचालित किया जा सके। 
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुताबिक इस वर्ष रिकॉर्ड गति से कार्य करते हुए अब तक लगभग 4 हजार किलोमीटर लंबाई के तटबंधों को सुरक्षित किया गया है। वहीं नदियों-नालों के किनारे बसे गांवों और कृषि भूमि को कटान से बचाने के लिए 300 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन्हें 15 जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। संवेदनशील और अति-संवेदनशील स्थानों पर कटाव निरोधक कार्य पूरे किए जा रहे हैं। नदियों के किनारों पर पत्थर की पिचिंग और जियो-बैग्स का उपयोग कर सुरक्षा घेरा भी मजबूत किया जा रहा है।

नालों की सफाई और जल निकासी

विभाग के मुताबिक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मार्च 2026 तक 16 हजार किलोमीटर से अधिक लंबाई में नालों की सिल्ट सफाई का काम पूरा हो चुका है। बारिश शुरू होने से पहले बचे सभी संवेदनशील जगहों पर सफाई का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके जरिए भारी बारिश होने पर पानी की निर्बाध निकासी से फसलों और गांव-बस्तियों को डूबने से बचाया जा सकेगा।

18 मंडलों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष किए जा रहे तैयार

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की तरफ से लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज समेत प्रदेश के सभी 18 मंडलों में 31 मई तक एकीकृत बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है। बाढ़ और प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी के लिए यह कक्ष 15 जून से 15 अक्टूबर तक 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। जलस्तर की रियल टाइम निगरानी और आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई इनके जरिए सुनिश्चित कराई जाएगी।

सामाजिक सहभागिता से मिलेगी मदद

सामाजिक स्तर पर भी विभाग अपनी तैयारियां पुख्ता कर रहा है। विभिन्न ग्रामीण इलाकों में ‘बाढ़ सुरक्षा समितियां’ तैयार की जा रहीं हैं। इनमें संबंधित क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर, ग्राम प्रधान, लेखपाल समेत अन्य स्थानीय लोगों को जोड़ा जा रहा है, जिनकी जिम्मेदारी बाढ़ और आपदा की स्थिति में तत्काल सूचना पहुंचाने की होगी। साथ ही राहत से जुड़े काम में मदद करेंगे।

More From Author

भारत सरकार के भूमि संसाधन सचिव ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव से की अहम मुलाकात

सितंबर 2024 से अप्रैल 2026 तक 2962 शिकायतों का समाधान हुआ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13783/138

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.