एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की निगरानी अब सीधे CM योगी करेंगे

लखनऊ
यूपी की योगी सरकार ने यूपी में एक्सप्रेसवे और उससे जुड़ी परियोजनाओं के होने वाले कामों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला किया है। एक्सप्रेसवे बनाने के लिए बनाए गए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) का काम अवस्थापना विभाग के अधीन कर दिया गया है। अभी तक यह काम औद्योगिक विकास विभाग के अनुभाग तीन द्वारा देखा जा रहा था। अवस्थापना मंत्रालय मुख्यमंत्री के पास है। इसके बाद यह साफ हो गया है कि एक्सप्रेसवे और इससे जुड़ी परियोजनाओं का काम मुख्यमंत्री सीधे तौर पर देखेंगे। सचिव सचिवालय प्रशासन गुर्राला श्रीनिवासुलु की ओर से इस बारे में आदेश जारी कर दिया गया है। यह बदलाव क्यों किया जा रहा है, इसके बारे में भी बताया गया है।

यूपी में अभी तक औद्योगिक विकास विभाग के अधीन यूपीडा का काम देखा जाता था। शासन में औद्योगिक विकास विभाग के अनुभाग तीन को यह काम आवंटित था। सचिव सचिवालय प्रशासन गुर्राला श्रीनिवासुलु की ओर से जारी आदेश में यूपीडा के काम को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है। उनके इस आदेश में कहा गया है कि 18 मई 2007 को अवस्थापना विभाग का गठन किया गया और 30 जुलाई 2007 को काम भी आवंटित किए गए। अवस्थापना का काम औद्योगिक विकास अनुभाग तीन द्वारा देखा जा रहा था।

बदलाव के लिए यह बताया गया कारण
आदेश में कहा गया है कि अवस्थापना विकास अनुभाग का काम तय है। यूपीडा के अधीन एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का काम औद्योगिक विकास विभाग के अनुभाग तीन को आवंटित है। निर्धारित लागत सीमा से अधिक चिह्नित अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र या सहभागिता के आधार पर क्रियान्वयन की नीति निर्धारण व समन्वय का काम अवस्थापना विकास अनुभाग को आवंटित है। इसके चलते इस काम के आवंटन में विरोधाभाष तथा संबंधित प्रत्रावलियों के निस्तारण को और आसान बनाने के लिए यूपीडा से संबंधित सभी काम तात्कालिक प्रभाव से अवस्थापना विकास अनुभाग को आवंटित कर दिया गया है।

नई स्टार्टअप नीति बनेगी
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी स्टार्टअप केंद्र बनाने के लिए नई स्टार्टअप नीति-2026 तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नई नीति में भरण-पोषण भत्ता, प्रोटोटाइप अनुदान, सीड कैपिटल सहायता तथा पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणन से जुड़े प्रोत्साहनों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

सीएम ने निर्देश दिया कि महिला उद्यमियों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर उद्यमियों तथा पूर्वांचल एवं बुंदेलखंड क्षेत्र के स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन देने के प्रावधान शामिल किए जाएं। स्टार्टअप गतिविधियों के संचालन, प्रोत्साहन, वित्तीय प्रबंधन, निगरानी, क्षमता निर्माण तथा विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन का गठन किया जाए।

प्रस्तावित नीति की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने रविवार को प्रस्तावित उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 के विभिन्न प्रावधानों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति, बड़ा बाजार, डिजिटल एवं औद्योगिक आधार, निवेशकों के अनुकूल वातावरण यूपी को अर्थव्यवस्था का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की क्षमता रखते हैं। नई नीति ऐसी होनी चाहिए जो प्रदेश के युवाओं को रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाए। उत्तर प्रदेश को स्टार्टअप तथा नवाचार के क्षेत्र में पहचान दिलाए।

मुख्यमंत्री को प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स ने बताया कि पिछले सालों में यूपी ने स्टार्टअप इकोसिस्टम के विकास में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 2018 में ‘एस्पायरिंग लीडर’ श्रेणी से आगे बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश वर्ष 2025 में भारत सरकार की स्टार्टअप रैंकिंग में ‘टॉप परफॉर्मर’ श्रेणी में स्थान प्राप्त कर चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप्स को प्रारंभिक चरण से लेकर विस्तार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा तक जरूरी सहयोग उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

More From Author

‘क्या मुझे खेलना बंद कर देना चाहिए?’ हरमनप्रीत कौर ने सवाल से पलट दिया माहौल

हेयर लॉस के शुरुआती संकेत, समय रहते पहचानें वरना बढ़ सकता है गंजापन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13814/1

RO No. 13843/161

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.