US-ईरान समझौते के बीच पाकिस्तान को इजरायल ने दिखाया आईना, राजदूत बोले- भरोसे लायक नहीं

यरुशलम

अमेरिका और ईरान के बीच हुआ शांति समझौता पश्चिम एशिया की जियोपॉलिटिक्स को बदल रहा है. इजरायल इस समझौते से खुश नहीं है. इस समझौते में पाकिस्तान ने मध्यस्थता की भूमिका निभाई है. इस पर भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने शांति की कोशिशों में पाकिस्तान की किसी भी भूमिका की संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने साफ कहा कि इजरायल, पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करता। 

न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए अजार ने कहा कि 'मैंने कई इंटरव्यू में यह बात कही है. हम पाकिस्तानियों पर भरोसा नहीं करते. मुझे लगता है कि उनका व्यवहार निंदनीय रहा है. जैसे- इजरायल के प्रति उनका रवैया, उनके रक्षा मंत्री की यहूदी-विरोधी टिप्पणियां वगैरह. इसलिए इसमें कुछ भी नया नहीं है। 

उनकी यह टिप्पणी तब आई है, जब हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि इजरायल और पाकिस्तान के बीच राजनयिक संबंध न होने के बावजूद पाकिस्तान इस क्षेत्र में भूमिका निभा सकता है। 

इजरायल और पाकिस्तान के बीच रिश्ते हमेशा से कड़वाहट भरे रहे हैं. दोनों के बीच अप्रैल में तनाव तब बढ़ गया था जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को बुरा और मानवता के लिए अभिशाप बता दिया था. आसिफ ने इजरायल को 'कैंसर' तक कह दिया था और इजरायलियों के लिए 'नरक में जलने' की दुआ की थी. इसके जवाब में इजरायल ने ख्वाजा आसिफ के बयान को 'बेहद आपत्तिजनक' बताया था और निष्पक्ष मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे। 

इंटरव्यू के दौरान रूवेन अजार ने अमेरिका-ईरान डील में लेबनान के शामिल होने की बात को भी खारिज कर दिया. उन्होंने दावा किया कि ये डील स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने के लिए हुई है. उन्होंने कहा कि हमारे पास जो जानकारी है, उससे लगता है कि सबसे जरूरी बात होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की है. टोल वसूलने या अमेरिका से मुआवजा पाने जैसी उनकी सारी कल्पनाएं अब खत्म हो चुकी हैं। 

उन्होंने दावा करते हुए कहा कि 'लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है. लेबनान के भविष्य का फैसला लेबनान की सरकार को करना है, जो इस समय इजरायल के साथ शांति समझौते पर बातचीत कर रही है.' उन्होंने कहा, 'हमारे रक्षा मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि हम लेबनान समेत अपने सभी बफर जोन में बने रहेंगे और अपनी सुरक्षा के लिए जो भी जरूरी होगा, वह करेंगे। 

उन्होंने कहा कि हम हिज्बुल्लाह के इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करने के लिए कार्रवाई जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि इजरायली कैबिनेट को समझौते की शर्तों को देखना होगा और तय करना होगा कि वह क्या करना चाहती है. उन्होंने साफ किया कि इजरायल इस समझौते का हिस्सा नहीं है। 

More From Author

AI स्किल्स से लैस होंगे यूपी के युवा, रोजगार के बढ़ेंगे अवसर

परीक्षा सुरक्षा के मद्देनज़र टेलीग्राम पर केंद्र सरकार की अस्थायी रोक, RE-NEET बना कारण

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13910/15

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.