डीके शिवकुमार का सख्त आदेश, कर्नाटक में योजनाओं पर फर्जीवाड़ा रोकने के लिए नए नियम

कर्नाटक
कर्नाटक सरकार की 'पांच गारंटी' योजनाओं का लाभ अब केवल उन्हीं नागरिकों को मिलेगा, जिनका नाम मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) में दर्ज होगा। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को यह साफ कर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि जो भी इन योजनाओं के असली हकदार हैं, उन्हें लाभ से वंचित न किया जाए, लेकिन अपात्र लोगों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।

वोटर लिस्ट में नाम होना अनिवार्य
विधान सौधा में एक समीक्षा बैठक के दौरान डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार की 'गृह ज्योति' जैसी योजनाओं का लाभ अब सिर्फ पंजीकृत मतदाताओं तक सीमित रहेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे चल रहे 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के दौरान यह सुनिश्चित करें कि मतदाता सूची से उनका नाम न छूटे। मुख्यमंत्री ने कहा, "केवल वे मतदाता ही सरकारी योजनाओं के लाभार्थी होंगे, जिनके नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं।"

दूसरे राज्यों के लोगों का रोका जाएगा फायदा
समीक्षा बैठक में यह बात भी सामने आई कि दूसरे राज्यों से आकर कर्नाटक में रह रहे कई लोग भी 'गृह ज्योति' जैसी योजना का लाभ ले रहे हैं। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए सीएम ने कहा, "हमारे राज्य की योजनाओं का लाभ सिर्फ कर्नाटक के लाभार्थियों को ही मिलना चाहिए। हमने पाया है कि दूसरे राज्यों के वोटर भी यह लाभ ले रहे हैं, इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।"

गड़बड़ियों और फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम
बैठक में कल्याणकारी योजनाओं में हो रहे कई तरह के फर्जीवाड़े और अनियमितताओं पर भी चर्चा हुई।

अधिकारियों ने बताया कि योजना का पैसा यूपीआई (UPI) खातों और कर्नाटक के बाहर के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जा रहा है। सीएम ने ऐसे पैसे के प्रवाह पर रोक लगाने और लाभ को केवल राज्य के भीतर सीमित रखने के निर्देश दिए।

सीएम ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि मृत लाभार्थियों को भी पैसे का भुगतान जारी है। उन्होंने अधिकारियों को लाभार्थियों के रिकॉर्ड को 'रियल-टाइम' अपडेट करने का निर्देश दिया।

'गृह लक्ष्मी' योजना के तहत, बैंक खाते में पैसे आते ही कुछ बैंकों द्वारा उसे पुराने लोन की किस्तों (EMI) के रूप में काट लिए जाने के मामले भी सामने आए। इसके चलते कुछ महिलाओं ने अपने खाते बदल लिए। सीएम ने कहा कि लाभार्थियों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए।

ऑडिटर जनरल की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 'गृह लक्ष्मी' सहायता राशि एक ही बैंक खाते के जरिए कई लाभार्थियों को भेजी गई, जिसमें लगभग 3 लाख किस्तों में करीब 60 करोड़ रुपये बांटे गए। ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए सीएम ने निर्देश दिया कि योजना का पैसा खाते में आते ही लाभार्थियों को एक ऑटोमेटेड वॉइस मैसेज भेजा जाए।
क्या हैं कर्नाटक की 5 गारंटी योजनाएं और उनके ताज़ा आंकड़े?

समीक्षा बैठक में राज्य की फ्लैगशिप योजनाओं के आंकड़ों पर भी चर्चा की गई।

गृह ज्योति: हर घर को 200 यूनिट मुफ्त बिजली। (अब तक 1.65 करोड़ लाभार्थी मुफ्त बिजली का लाभ उठा चुके हैं।)

गृह लक्ष्मी: परिवार की महिला मुखिया को हर महीने 2,000 रुपये की आर्थिक मदद।

अन्न भाग्य: बीपीएल (BPL) परिवार के प्रत्येक सदस्य को हर महीने 10 किलो चावल। जुलाई 2023 से दिसंबर 2024 के बीच 11,561.05 करोड़ रुपये डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजे गए हैं। साथ ही 4.44 करोड़ लाभार्थियों को 5 किलो अतिरिक्त चावल हर महीने दिया जा रहा है।

शक्ति योजना: महिलाओं के लिए राज्य की सरकारी (नॉन-लग्जरी) बसों में मुफ्त यात्रा। मई के अंत तक महिलाओं ने 763 करोड़ मुफ्त बस यात्राएं की हैं, जिनके टिकट की कीमत लगभग 20,047.69 करोड़ रुपये है। साथ ही 2026-27 शैक्षणिक वर्ष में छात्रों को लगभग 10 लाख मुफ्त बस पास जारी किए जाने की उम्मीद है।

युवा निधि: 18 से 25 साल के बेरोजगार स्नातकों को 3,000 रुपये और बेरोजगार डिप्लोमा धारकों को 1,500 रुपये प्रति माह का भत्ता- दो साल के लिए।

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