वन मंत्री केदार कश्यप की पहल, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी हॉर्नबिल सफारी

वन मंत्री केदार कश्यप की पहल से उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी हॉर्नबिल सफारी

हॉर्नबिल संरक्षण के साथ स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार का नया अवसर

पीवीटीजी गांवों ओढ़, अमलोर और आमामोरा में बढ़ी मालाबार पाइड हॉर्नबिल की संख्या

रायपुर
'हॉर्नबिल सफारी' से तात्पर्य हॉर्नबिल पक्षियों को देखने के लिए की जाने वाली वन्यजीव सफारी या हॉर्नबिल से जुड़े प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से है। हॉर्नबिल मुख्य रूप से जंगलों, विशेषकर पश्चिमी घाट और मध्य भारत के नम पर्णपाती और सदाबहार वनों में रहना पसंद करता है।

‘हॉर्नबिल सफारी’ प्रारंभ करने का लिया गया निर्णय 

            छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और सामुदायिक विकास को नई दिशा देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की जा रही है। वन मंत्री केदार कश्यप की पहल पर रिजर्व प्रबंधन द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के गांवों ओढ़, अमलोर और आमामोरा में ‘हॉर्नबिल सफारी’ प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। यह पहल दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल के संरक्षण को मजबूती देने के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित करेगी।

संरक्षण और आजीविका को साथ लेकर आगे बढ़ रहा वन विभाग

         वन मंत्री केदार कश्यप की सोच के अनुरूप वन विभाग वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण कार्यों को स्थानीय समुदायों की भागीदारी और आजीविका से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) ओ.पी. यादव के मार्गदर्शन में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में कई नवाचार किए जा रहे हैं, जिनसे वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीण विकास को एक साथ बढ़ावा मिल रहा है।

चार वर्षों में बढ़ी हॉर्नबिल की आबादी

        उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में पिछले चार वर्षों के दौरान मालाबार पाइड हॉर्नबिल की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह सफलता एंटी-पोचिंग अभियान, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, फलदार वृक्षों के संरक्षण एवं रोपण तथा ‘हॉर्नबिल रेस्टोरेंट’ जैसी अभिनव पहल का परिणाम है। स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी ने भी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

हॉर्नबिल ट्रैकिंग टीम निभा रही महत्वपूर्ण भूमिका

        हॉर्नबिल संरक्षण के लिए गठित विशेष ट्रैकिंग टीम लगातार पक्षियों की गतिविधियों, घोंसलों और आवास क्षेत्रों की निगरानी कर रही है। वन विभाग के कर्मचारियों के साथ स्थानीय ट्रैकर्स भी इस अभियान से जुड़े हुए हैं। उनके सतत प्रयासों से ओढ़, अमलोर और आमामोरा के आसपास का वन क्षेत्र आज हॉर्नबिल के सुरक्षित आवास और आकर्षक बर्डिंग स्थल के रूप में विकसित हो चुका है।

प्रकृति प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए बनेगा नया आकर्षण

        प्रस्तावित हॉर्नबिल सफारी के माध्यम से पर्यटक, पक्षी प्रेमी, वन्यजीव फोटोग्राफर और शोधकर्ता प्राकृतिक वातावरण में हॉर्नबिल का अवलोकन कर सकेंगे। सफारी के संचालन के लिए प्रारंभिक चरण में दो जिप्सी वाहनों की व्यवस्था की गई है।

स्थानीय युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार

        हॉर्नबिल सफारी की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता स्थानीय समुदायों की भागीदारी है। पीवीटीजी गांवों के युवाओं और ग्रामीणों को बर्ड वॉचिंग तथा नेचर गाइड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद वे पर्यटकों के लिए नेचर गाइड और हॉर्नबिल गाइड के रूप में कार्य करेंगे। इससे उन्हें स्थायी आय और रोजगार का अवसर मिलेगा तथा सामुदायिक आधारित इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।

मध्य भारत का उभरता बर्डिंग डेस्टिनेशन

        रायपुर से लगभग 130 किलोमीटर दूर स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व तेजी से मध्य भारत के प्रमुख बर्डिंग और नेचर टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यहां मालाबार पाइड हॉर्नबिल के अलावा शाहीन बाज, भारतीय पिट्टा, ब्राउन फिश आउल, ग्रे-हेडेड फिश ईगल, विभिन्न प्रजातियों के कठफोड़वा, बार्बेट, मिनिवेट सहित अनेक स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की विविधता देखने को मिलती है।

वन्यजीवों की समृद्ध जैव विविधता का केंद्र

         यह क्षेत्र पक्षियों के साथ-साथ भारतीय विशाल गिलहरी (इंडियन जायंट स्क्विरल) और भारतीय विशाल उड़न गिलहरी (इंडियन जायंट फ्लाइंग स्क्विरल) जैसे दुर्लभ वन्यजीवों के लिए भी प्रसिद्ध है। यही कारण है कि यह क्षेत्र प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।

संरक्षण, विकास और पर्यटन का सफल संगम

        विशेषज्ञों के अनुसार उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में की जा रही यह पहल इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि वैज्ञानिक वन प्रबंधन, वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों की सहभागिता के माध्यम से संरक्षण आधारित आजीविका और सतत पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है। हॉर्नबिल सफारी के शुरू होने से छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी और ग्रामीण विकास को भी गति प्राप्त होगी। मोबाइल नंबर – 7976688165, 7566510937

  • वेबसाइट – : www.udantisitanaditigerreserve.in पर पर्यटक, संपर्क कर विस्तृत जानकारी ले सकते हैं।

More From Author

बुधवार का राशिफल 24 जून: किन राशियों पर बरसेगी किस्मत, जानें आज का भविष्यफल

स्कूल बसों की जांच में बड़ा खुलासा, जगदलपुर के 44 वाहन जांच से रहे नदारद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13814/1

RO No. 13843/161

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.