अलीगंज हादसे के बाद सख्ती, ध्येय IAS और चंद्रा IAS समेत कई संस्थानों पर सीलिंग

लखनऊ
राजधानी लखनऊ में अलीगंज अग्निकांड के बाद पूरे यूपी में कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी, स्कूलों और अन्य प्रतिष्ठानों पर लगातार ऐक्शन हो रहा है। लखनऊ में 22 जून को हुए कांड में 15 बच्चों की मौत के बाद से ही कार्रवाई हो रही है। शनिवार को ध्येय आईएएस और चंद्रा आईएएस समेत 50 से अधिक कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, गेमिंग जोन और अन्य संस्थानों को सील कर दिया गया। दिनभर चली कार्रवाई से शहर के विभिन्न इलाकों में हड़कंप की स्थिति रही। वहीं, कोचिंग संचालकों और पुलिस के बीच आयोजित कार्यशाला में भी इसे लेकर हंगामा मच गया। पुलिस और संचालकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

गोमतीनगर में ध्येय और चंद्रा आईएएस पर ताला
एलडीए के प्रवर्तन दस्ते ने गोमतीनगर के जीवन प्लाजा में संचालित ध्येय आईएएस कोचिंग सेंटर को सील कर दिया। जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर संस्थान में ताला लगवा दिया। इसी प्रकार विजयंत खंड में संचालित चंद्रा आईएएस कोचिंग सेंटर पर भी कार्रवाई की गई और उसे सील कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार दोनों संस्थान भवन उपयोग संबंधी नियमों के विपरीत संचालित पाए गए। गोमतीनगर क्षेत्र में ही एक दर्जन से अधिक अन्य कोचिंग संस्थानों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।

अलीगंज में 11 कोचिंग सस्थान सील
अलीगंज क्षेत्र में एलडीए ने विशेष अभियान चलाकर 11 अवैध कोचिंग संस्थानों को सील किया। अधिकारियों का मानना है कि हालिया अग्निकांड के बाद सुरक्षा और भवन मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है। एलडीए की टीम उस भवन से जुड़े अन्य परिसरों और संपत्तियों की भी जांच कर रही है, जहां हाल में भीषण आग की घटना हुई थी। अधिकारियों ने संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल शुरू कर दी है। एक स्कूल भी प्राधिकरण के रडार पर रहा है, जिसके अभिलेख व स्वीकृतियों की जांच की जा रही है।

50 से ज्यादा प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी
एलडीए ने शनिवार को शहर के विभिन्न इलाकों के 50 से ज्यादा प्रतिष्ठानों को सीलिंग की नोटिस जारी कर दी है। नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद इन्हें भी सील किया जाएगा।

संचालक बोले कार्रवाई के नाम पर उत्पीड़न
अलीगंज के कोचिंग कॉम्प्लेक्स में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद शुरू हुई एलडीए की कार्रवाई अब बड़े विवाद का रूप लेने लगी है। शनिवार को कोचिंग सेंटर, स्कूल, लाइब्रेरी व अन्य शिक्षण संस्थानों के संचालकों के साथ इन्दिरागांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यशाला में माहौल उस समय गरमा गया जब व्यापारियों व स्कूल संचालकों ने सीलिंग अभियान को लेकर खुलकर विरोध दर्ज कराया। कई बार स्थिति ऐसी बनी कि अधिकारियों व संचालकों के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी।

एलडीए की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में कोचिंग संचालक, स्कूल प्रबंधक व भवन मालिक पहुंचे थे। अधिकारियों ने सभी को एक शपथ पत्र भरकर जमा करने के निर्देश दिए, लेकिन कई संचालकों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह शपथ पत्र भवन मालिकों के लिए तैयार किया गया है, जबकि कार्रवाई का सामना उन्हें करना पड़ रहा है।

मानक पूरे हैं फिर भी सील क्यों?
सबसे ज्यादा सवाल उन संस्थानों की ओर से उठे जिन्हें सभी सुरक्षा मानक पूरे होने के बावजूद सील किए जाने का दावा किया गया। सेंच्यूरियन अकादमी, आलमबाग के आदित्य ने सवाल किया, ‘हमारे यहां सभी मानक पूरे हैं, फिर भी संस्थान सील कर दिया गया। अब अभिभावकों व छात्रों को क्या जवाब दें? इस पर एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने कहा,यदि सभी मानक पूरे हैं तो एलडीए मुख्यालय में हेल्प डेस्क पर आवेदन दें। 24 से 72 घंटे के भीतर सत्यापन कर निर्णय लिया जाएगा।

फिजिक्स वाला ने भी उठाए सवाल
फिजिक्स वाला के गौरव श्रीवास्तव ने भी पूछा कि सभी मानक पूरे होने के बावजूद उनके कार्यालय को सील क्यों किया गया और सील कैसे खुलेगी। सचिव ने जवाब दिया कि सोमवार से ऐसे मामलों की समीक्षा शुरू की जाएगी।

अफसरों पर भड़के संचालक
स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब गोमतीनगर स्थित अनएकेडमी के विनय दीक्षित ने कहा कि उनके पास 2027 तक वैध फायर एनओसी है, इसके बावजूद संस्थान को अपमानजनक तरीके से सील कर दिया गया। इस पर कई संचालकों ने एक साथ खड़े होकर कार्रवाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। व्यापारियों और स्कूल संचालकों ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त सुनवाई के प्रतिष्ठानों को बंद किया जा रहा है। कई लोगों ने कहा कि एलडीए की टीम पहले नोटिस देने और सुधार का मौका देने के बजाय सीधे सीलिंग कर रही है।

छोटे संस्थानों की भी पीड़ा
अंग्रेजी की छोटी कोचिंग चलाने वाली प्रियंका पाठक ने बताया कि उनके यहां केवल 25 से 40 बच्चे पढ़ते हैं और सात अग्निशमन यंत्र भी लगे हैं। फायर एनओसी न मिलने से पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। वहीं एसपी. सिंह ने कहा कि जब वे बिजली व नगर निगम को व्यावसायिक दरों पर शुल्क दे रहे हैं तो भवन को व्यावसायिक श्रेणी में क्यों नहीं माना जाता। इस पर सचिव ने कहा, बिजली कनेक्शन या टैक्स देने से भवन व्यावसायिक नहीं हो जाता, भवन उपविधियों का पालन जरूरी है।

सील कोचिंग को खोलने के लिए हेल्प डेस्क बनेगी
अवैध रूप से सील हुए संस्थानों को राहत देने के लिए एलडीए 29 जून से प्राधिकरण के कमेटी हॉल में विशेष हेल्प डेस्क शुरू करेगा। कार्यशाला में एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन करने वाले संस्थानों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा। यहां संस्थान संचालक भवन मानचित्र, अग्नि सुरक्षा और अन्य जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत कर सील खोलने के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदनों की जांच न्यूनतम 24 घंटे और अधिकतम 72 घंटे के भीतर पूरी की जाएगी।

जिम्मेदारी से नहीं बच सकते
कुछ संचालकों ने तर्क दिया कि वे किराये के भवनों में संस्थान संचालित करते हैं, सुरक्षा मानकों की जिम्मेदारी भवन मालिकों की होनी चाहिए। इस पर अफसरों ने कहा कि विद्यार्थियों व कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। संस्थान संचालक अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते हैं।

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