मध्य प्रदेश पुलिस की नई रणनीति, भीड़ नियंत्रण के लिए ड्रोन से दागे जाएंगे आंसू गैस के गोले

भोपाल 

कानून-व्यवस्था की चुनौतीपूर्ण स्थितियों से निपटने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस अब अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने जा रही है। दंगा, उपद्रव और हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस पहली बार ऐसे हाईटेक ड्रोन खरीदेगी, जो जरूरत पड़ने पर हवा से ही आंसू गैस के गोले छोड़ सकेंगे।

भीड़ में जाने की जरूरत होगी कम
नई तकनीक के इस्तेमाल से पुलिसकर्मियों को सीधे उपद्रवी भीड़ के बीच जाने की जरूरत कम होगी। इससे पथराव और हिंसक हमलों में पुलिसकर्मियों के घायल होने की आशंका भी काफी कम हो जाएगी।

40 जिलों के लिए खरीदे जाएंगे विशेष ड्रोन
पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के 40 जिलों के लिए विशेष ड्रोन खरीदने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रत्येक ड्रोन की अनुमानित कीमत करीब 14 लाख रुपये होगी। इनकी खरीद बीएसएफ टेकनपुर के माध्यम से की जाएगी।
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पहले चरण में 40 जिलों को मिलेगा एक-एक ड्रोन
प्रदेश के 55 जिलों में से पहले चरण में 40 जिलों को एक-एक ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा। बाकी 15 जिलों में जरूरत पड़ने पर नजदीकी जिलों से ड्रोन भेजे जाएंगे।

पहले लाइव निगरानी, फिर होगी सटीक कार्रवाई
इन ड्रोन में अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे, जो उपद्रव प्रभावित क्षेत्र की लाइव निगरानी करेंगे। कंट्रोल रूम में मौजूद पुलिस अधिकारी वास्तविक समय में देख सकेंगे कि किस स्थान पर भीड़ सबसे ज्यादा उग्र है और आंसू गैस के गोले कहां छोड़ने से सबसे अधिक असर होगा।

सुरक्षित दूरी से होगी भीड़ नियंत्रण की कार्रवाई
लाइव निगरानी के बाद ड्रोन के जरिए सुरक्षित दूरी से आंसू गैस के गोले छोड़े जाएंगे। इससे भीड़ को नियंत्रित करने की कार्रवाई अधिक प्रभावी और सुरक्षित होगी।

पुलिसकर्मियों की सुरक्षा होगी मजबूत
अब तक दंगों और हिंसक प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों को मौके पर जाकर आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़ते थे। इस दौरान कई बार उपद्रवी उनके ऊपर पथराव और हिंसक हमले कर देते थे। ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल से पुलिस दूर से ही कार्रवाई कर सकेगी, जिससे पुलिस बल की सुरक्षा में बड़ा सुधार होगा।

लाइव रिकॉर्डिंग बनेगी अहम सबूत
इन ड्रोन की मदद से पूरी कार्रवाई की उच्च गुणवत्ता वाली लाइव रिकॉर्डिंग भी की जाएगी। इससे उपद्रव, आगजनी, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपियों की आसानी से पहचान की जा सकेगी।

अदालत में भी काम आएगा वीडियो फुटेज
ड्रोन से रिकॉर्ड किया गया वीडियो अदालत में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे आरोपियों के खिलाफ प्रभावी और त्वरित कानूनी कार्रवाई करने में पुलिस को मदद मिलेगी।

दो से तीन महीने में मिल सकते हैं ड्रोन
पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार ड्रोन खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अगले दो से तीन महीने के भीतर ये ड्रोन पुलिस को मिलने की संभावना है। 

मध्य प्रदेश में पहली बार होगा इस्तेमाल
देश के कुछ अन्य राज्यों में इस तरह की तकनीक का पहले से इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन मध्य प्रदेश में पहली बार आंसू गैस छोड़ने वाले हाईटेक ड्रोन पुलिस बल का हिस्सा बनेंगे।

आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी कानून-व्यवस्था
अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से भीड़ नियंत्रण की कार्रवाई पहले से अधिक सटीक, सुरक्षित और प्रभावी होगी। साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मध्य प्रदेश पुलिस की कार्यक्षमता भी काफी मजबूत होगी।

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