उप मुख्यमंत्री शुक्ल के निर्देश, स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्तापूर्ण दवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करें

स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्तायुक्त दवाओं की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

दवाओं की मांग, भंडारण, गुणवत्ता परीक्षण, वितरण एवं मरीज तक वास्तविक उपलब्धता को प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के दिए निर्देश
मेडिकल सप्लाई चेन कार्ययोजना की समीक्षा की

भोपाल

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेश की मेडिकल सप्लाई चेन व्यवस्था की कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तायुक्त दवाओं की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। दवाओं की मांग, भंडारण, गुणवत्ता परीक्षण, वितरण एवं मरीज तक वास्तविक उपलब्धता की पूरी प्रक्रिया को प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि दवाओं की समय पर टेस्टिंग सुनिश्चित की जाए तथा गुणवत्ता परीक्षण उपरांत ही दवाओं का वितरण किया जाए। सभी स्तरों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहे और डिमांड-सप्लाई गैप की स्थिति निर्मित न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि मरीजों को दवाओं का वितरण सहजता से हो तथा दवा उपलब्धता के संबंध में किसी भी स्तर पर अनावश्यक कठिनाई न आए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि तकनीक आधारित मेडिकल सप्लाई चेन व्यवस्था से दवाओं की उपलब्धता और वितरण की सतत निगरानी संभव होगी। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय की गुणवत्ता सुदृढ़ और अधिक प्रभावी होगी।

आयुक्त स्वास्थ्य धनराजू एस ने मेडिकल सप्लाई चेन व्यवस्था की प्रस्तावित कार्ययोजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों पर 10 वेयरहाउस स्थापित किए जाएंगे। इन वेयरहाउसों में दवाओं के सुरक्षित एवं व्यवस्थित भंडारण की व्यवस्था की जाएगी। हाई-एंड टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस का उपयोग कर दवाओं की रियल टाइम ट्रैकिंग तथा स्टॉक की स्थिति की सतत निगरानी की जाएगी। इससे मेडिकल सप्लाई चेन में एंड-टू-एंड इंटीग्रेशन सुनिश्चित होगा। दवाओं की उपलब्धता, स्टॉक की स्थिति, मांग एवं वितरण की जानकारी वास्तविक समय में प्राप्त हो सकेगी।

आयुक्त स्वास्थ्य धनराजू एस ने बताया कि यह व्यवस्था क्षेत्रवार, केंद्रवार एवं स्वास्थ्य संस्था स्तर पर दवाओं की मांग का आकलन करने में भी सहायक होगी। इसके आधार पर आवश्यकता अनुरूप बेहतर योजना बनाते हुए दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे अंतिम उपयोगकर्ता अर्थात मरीज तक गुणवत्तायुक्त दवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित होगी। मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा दवाओं की खरीदी की जाएगी। आपूर्तिकर्ताओं द्वारा दवाएं वेयरहाउस तक पहुंचाई जाएंगी। वेयरहाउस में दवाओं का उचित भंडारण सुनिश्चित किया जाएगा और दवाओं की समय पर गुणवत्ता जांच कराई जाएगी। एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में परीक्षण उपरांत ही दवाओं को वितरण के लिए भेजा जाएगा।

गुणवत्ता परीक्षण के बाद दवाओं का वितरण मेडिकल कॉलेजों, जिला चिकित्सालयों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालयों के औषधि भंडार, सिविल अस्पतालों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक किया जाएगा। आगामी चरण में इस व्यवस्था का एकीकरण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक किया जाएगा। साथ ही मरीज को दवा के वास्तविक वितरण की जानकारी भी रियल टाइम में दर्ज करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। बैठक में मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक मयंक अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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