मोहब्बत में बाधा बने मासूम की हत्या, कोर्ट ने 40 दिन में सुनाई फांसी; 6 दिन में दाखिल हुई थी चार्जशीट

फिरोजाबाद

यूपी के फिरोजाबाद में एक तरफा मोहब्बत में भाभी के डेढ़ साल के बच्चे आरव को मौत के घाट उतारने वाले आरोपी विराज को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट में चले मुकदमे में 40 दिन बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। 30 मई 2026 को मासूम आरव की हत्या शिकोहाबाद के यादव कालोनी में की गई थी। आरव की मां रति के रिश्ते का देवर विराज पाठक निवासी शेखुपुरा बदायूं ने जमीन पर आठ बार पटकने के बाद हत्या की थी। पूरी घटना गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

जानकारी के अनुसार रति के अपने पति से मारपीट और उत्पीड़न को लेकर विवाद चल रहा था और कोर्ट में तलाक दिलाने की बात कहकर सहयोग करने के नाम पर नजदीकी बढ़ाई थी। आरव जब विराज के एक तरफा प्यार के बीच में आने लगा तो उसको चाकलेट दिलाने के बहाने ले गया और गली के बाहर जमीन पर पटककर बड़ी ही निर्दयता से मार डाला। हत्याकांड में कोर्ट की तेजी से फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और पुलिस की तत्परता से महज 40 दिन के अंदर ही दोषी करार दिया है।

इस मामले में पुलिस की कार्रवाई भी बेहद तेज रही. शासकीय अधिवक्ता राजीव प्रियदर्शी के अनुसार, पुलिस ने घटना के केवल 6 दिन के भीतर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी. इसी वजह से मुकदमे की सुनवाई भी तेजी से आगे बढ़ी. कम समय में जांच पूरी कर अदालत के सामने मजबूत साक्ष्य पेश किए गए। 

अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल 13 गवाह पेश किए, जिन्होंने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों और सबूतों को अदालत के सामने रखा. वहीं बचाव पक्ष की ओर से केवल एक गवाह पेश किया गया. अदालत ने सभी गवाहों की गवाही, उपलब्ध साक्ष्यों और पूरे रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषी माना और सबसे कड़ी सजा सुनाने का फैसला किया। 

शासकीय अधिवक्ता राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि जिला जज द्वारा मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक अदालत में खुद को थप्पड़ मारने लगा. उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद जघन्य था और अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया. पुलिस और अभियोजन पक्ष की त्वरित कार्रवाई से इस मामले का निपटारा महज 40 दिनों में हो सका। 

जिला एवं सत्र न्यायालय, फिरोजाबाद के शासकीय अधिवक्ता राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि 30 मई को डेढ़ साल के मासूम की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद जिला जज ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को दोषी ठहराया. उन्होंने कहा कि अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है. यह फैसला तेज जांच और प्रभावी पैरवी का नतीजा है। 

मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार हुआ था हत्यारोपी विराज
हत्याकांड के 5 घंटे के अंदर ही आरोपी विराज को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। शिकोहाबाद पुलिस ने एक सप्ताह के अंदर ही पूरे मामले में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के साथ ही घटना को प्रत्यक्ष देखने वाले लोगों के बयान दर्ज कर लगभग 80 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी। 40 दिन में पूरी सुनवाई के लिए पुलिस की तत्परता बहुत काम आई। पुलिस ने यादव कालोनी के गली में लगे सभी सीसीटीवी की वैज्ञानिक तरीके से जांच कराकर उसको प्रमाणित कराकर कोर्ट में पेश किया था।

हत्याकांड में 13 गवाहों के दर्ज हुए थे बयान
साथ ही मासूम की हत्या को प्रत्यक्ष देखने वाले 13 गवाहों के बयान दर्ज किए। उसके बाद एक एक कर सभी गवाहों ने जज के सामने अपने बयान भी दर्ज कराए। जिससे आरोपी के खिलाफ जल्द से जल्द फैसला आ सके। वहीं मासूम आरव की मां रति शर्मा, नानी पिंकी शर्मा आरोपी को लगातार फांसी देने की मांग कर रही थी। जिला जज डॉ बब्बू सारंग ने हत्याकांड में गुरुवार को अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी विराज को दोषी करार दिया था। शनिवार को जिला जज ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। सजा सुनाने के बाद बच्चे की मां रति और नानी ने खुशी जाहिर की है।

More From Author

दिसंबर में बांग्लादेश वापसी करेंगी शेख हसीना? बयान में जताया जान का खतरा

Children from the snake charmer community played ‘Snakes and Ladders’ based on child rights

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13910/15

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.