इंगलवुड
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में स्पेन और फ्रांस के बीच होने वाले बहुप्रतीक्षित मुकाबले से पहले स्पेन के युवा स्टार लैमिन यामाल ने बड़ा बयान देकर मुकाबले का रोमांच और बढ़ा दिया है. बेल्जियम को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद यामाल ने साफ कहा कि अगर फ्रांस को किसी टीम से डरना चाहिए तो वह स्पेन है।
बेल्जियम के खिलाफ क्वार्टरफाइनल जीतने के बाद यामाल ने कहा- मेरे हिसाब से अगर फ्रांस को किसी से डरना चाहिए, तो वह हम हैं. पिछली बार भी हमने ही उन्हें बाहर किया था।
स्पेन ने 2024 यूरो कप के सेमीफाइनल में फ्रांस को हराया था. इसके बाद पिछले साल यूईएफए नेशंस लीग में भी स्पेन ने फ्रांस को मात दी थी. यूरो 2024 में यामाल सबसे कम उम्र में गोल करने वाले खिलाड़ी बने थे. अब दोनों टीमें मंगलवार को डलास काउबॉयज के होम स्टेडियम में फाइनल का टिकट हासिल करने के लिए आमने-सामने होंगी।
यामाल ने कहा कि स्पेन किसी भी टीम से भयभीत नहीं है. उन्होंने कहा- हम किसी से नहीं डरते. यह साफ है कि दोनों टीमें वर्ल्ड लेवल हैं और फ्रांस दुनिया की बेहतरीन टीमों में से एक है. अब देखते हैं कि क्या होता है।
मेरिनो ने दिलाई सेमीफाइनल की टिकट
बेल्जियम के खिलाफ क्वार्टरफाइनल में स्पेन को 88वें मिनट में सब्स्टीट्यूट मिकेल मेरिनो ने विजयी गोल दिलाया. इसी गोल की बदौलत स्पेन ने 2-1 से मुकाबला जीतकर 2010 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई।
स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में अब तक सिर्फ एक गोल खाया है, जो बेल्जियम के खिलाफ पहले हाफ के अंतिम पलों में आया. दूसरी ओर फ्रांस ने अपने छह मुकाबलों में 16 गोल दागे हैं और टूर्नामेंट की सबसे मजबूत आक्रामक टीमों में शामिल रहा है।
37 मैचों से अजेय है स्पेन
फ्रांस लगातार पिछले दो वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचा है और 2018 में खिताब भी जीता था. वहीं स्पेन अपने इतिहास में सिर्फ एक बार वर्ल्ड कप फाइनल खेला है।
हालांकि मौजूदा स्पेनिश टीम मार्च 2023 से लगातार 37 प्रतिस्पर्धी मुकाबलों में अजेय है. इस दौरान नेशंस लीग फाइनल में पुर्तगाल के खिलाफ उसे केवल पेनल्टी शूटआउट में हार मिली थी।
यामाल का पहला वर्ल्ड कप, फिर भी जबरदस्त असर
सोमवार (13 जुलाई) को 19 साल के होने जा रहे लैमिन यामाल ने अपने पहले वर्ल्ड कप में अब तक सिर्फ एक गोल किया है, लेकिन उनकी रचनात्मकता और आक्रामक खेल लगातार चर्चा में रहा है।
बेल्जियम के खिलाफ स्पेन के पहले गोल की शुरुआत भी यामाल ने पेड्रो पोरो के साथ शानदार मूव बनाकर की थी. इसके बाद दानी ओल्मो के शॉट पर मिले रीबाउंड को फाबियान रूइज ने गोल में बदला।
'कोई हमारे खिलाफ बराबरी से नहीं खेलता'
लगातार दूसरे नॉकआउट मुकाबले में स्पेन को जीत के लिए आखिरी मिनटों तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन यामाल का मानना है कि उनकी टीम विरोधियों पर पूरी तरह हावी रही।
उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि हम बेल्जियम से काफी बेहतर थे. लोगों को लगता है कि हम सिर्फ खूबसूरत फुटबॉल खेलते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि कोई भी टीम हमारे खिलाफ बराबरी से खेलने की हिम्मत नहीं करती. सभी टीमें पीछे हटकर खेलती हैं, जिससे हमारे लिए मुश्किल बढ़ जाती है. फिर भी आखिर में जीत हमारी ही होती है।
