आमिर के निकाह पर धार्मिक विवाद, मुफ्ती के बयान से बढ़ी चर्चा, गैर-मुस्लिम विवाह पर उठे सवाल

 अलीगढ़

बॉलीवुड एक्टर आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना इफराहिम हुसैन का बयान सामने आया है. उनका यह बयान अब सोशल मीडिया और समाज में चर्चा का विषय बना हुआ है. मौलाना ने कहा है कि इस्लाम में गैर-मुस्लिम महिला से शादी करना जायज नहीं माना जाता और ऐसा करने वाला शख्स शरीयत के अनुसार गुनहगार होगा। 

मौलाना इफराहिम हुसैन ने कहा कि अगर कोई मुसलमान गैर-मुस्लिम महिला से शादी करता है तो यह शरीयत के खिलाफ माना जाएगा. उनका कहना है कि इस तरह के फैसले इस्लाम और शरीयत की शिक्षाओं के अनुरूप नहीं हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे कदमों से इस्लाम के नाम को नुकसान पहुंचता है और समाज में गलत संदेश जाता है। 

उन्होंने मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोगों को अपनी धार्मिक शिक्षाओं का सम्मान करना चाहिए और ऐसे फैसलों से बचना चाहिए, जिनसे समाज में गलतफहमी और नकारात्मक प्रभाव पैदा हो. मौलाना ने अपने बयान में कहा कि गैर-इस्लाम वाली महिला से शादी करना शरीयत के खिलाफ है और इससे इस्लाम का नाम खराब होता है। 

5 जुलाई को हुई आमिर खान की तीसरी शादी
मौलाना का यह बयान आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर सामने आया है. उनके बयान के बाद इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. बता दें, बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने 5 जुलाई 2026 को अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ शादी की. यह शादी मुंबई के पाली हिल स्थित उनके घर पर बेहद निजी समारोह में हुई. समारोह में सिर्फ करीबी लोगों की मौजूदगी रही। 

आमिर खान की यह तीसरी शादी है. उनकी पहली शादी साल 1986 में रीना दत्ता से की थी. दोनों का साथ कई वर्षों तक रहा, लेकिन वर्ष 2002 में दोनों अलग हो गए. इसके बाद आमिर ने वर्ष 2005 में फिल्म निर्देशक किरण राव से दूसरी शादी की. यह रिश्ता भी लंबे समय तक चला, लेकिन वर्ष 2021 में दोनों का तलाक हो गया। 

आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर इससे पहले भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ चुकी हैं. महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने आमिर खान की निजी जिंदगी पर टिप्पणी करते हुए उन्हें लेकर विवादित बयान दिया था. इसके बाद महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने भी सोमवार को आमिर खान की तीसरी शादी की आलोचना की थी। 

पहले नितेश राणे, फिर संजय शिरसाट ने उठाए थे सवाल
अब मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना इफराहिम हुसैन के बयान के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है. वहीं, मौलाना ने मुसलमानों से शरीयत के नियमों का पालन करने और धार्मिक शिक्षाओं का सम्मान करने की अपील की है। 

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