सीएम योगी की प्रेरणा से बड़े उद्यमी गो संरक्षण से जुड़ रहे, देसी गायों के दूध पर आधारित उत्पादों की देश-विदेश में बढ़ी मांग

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गो संरक्षण नीति ने उत्तर प्रदेश में गो सेवा को रोजगार और उद्यमिता के नए मॉडल में बदल दिया है। यह व्यवस्था अब स्वरोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और करोड़ों के कारोबार का मजबूत आधार बन रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से बड़े उद्यमी, इंजीनियर, सामाजिक संस्थाएं व अन्य लोग भी गो संरक्षण के क्षेत्र में उतर कर देसी गायों पर आधारित उत्पादों के जरिए नई आर्थिक संभावनाएं तैयार कर रहे हैं। यही कारण है कि प्रदेश में गो सेवा के साथ रोजगार का नया रास्ता खुला है।

प्रदेश में देसी गायों के पंचगव्य, आयुर्वेदिक औषधियों, जैविक उत्पादों और पारंपरिक खाद्य सामग्री की मांग लगातार बढ़ी है। इन उत्पादों का बाजार अब केवल अपने प्रदेश या देश तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, दुबई और यूरोप के कई देशों तक फैल चुका है। गो आधारित उद्योगों के विस्तार से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिला है और ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए स्रोत तैयार हुए हैं।

योगी सरकार की नीति से बदली तस्वीर
उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण को लेकर सरकार की नीति ने इस क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। गोवंश संरक्षण को जैविक खेती, स्वरोजगार, महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण उद्योग और स्वदेशी उत्पादों से जोड़ने का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। देसी नस्ल की गायों पर आधारित मॉडल में दूध, घी, गोमूत्र अर्क, पंचगव्य औषधियां, जैविक खाद, हर्बल उत्पाद और अन्य वैल्यू एडेड वस्तुओं के उत्पादन को बढ़ावा मिला है। इससे गोशालाएं केवल आश्रय स्थल नहीं रहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधि के केंद्र के रूप में भी उभर रही हैं।

बदलती उपभोक्ता पसंद और प्राकृतिक उत्पादों की मांग ने भी इस क्षेत्र को नई ताकत दी है। A2 दूध, बिलौना घी और पंचगव्य आधारित उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता ने उद्यमियों को आकर्षित किया है। कई संस्थाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंच बन रही है। इससे उत्तर प्रदेश के गो आधारित उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने लगे हैं।

सीएम योगी की प्रेरणा से सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने गाजियाबाद में चुना नया रास्ता
करीब डेढ़ दशक तक विदेशी कंपनियों के लिए काम करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर असीम रावत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से गो संरक्षण के क्षेत्र में कदम रखा। गाजियाबाद स्थित उनकी संस्था ‘हेता ऑर्गेनिक’ आज देसी गायों के संरक्षण के साथ करीब 10 करोड़ रुपये का सालाना कारोबार कर रही है। यह संस्था केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि वृद्ध गोवंश को भी आश्रय देती है और उनकी नियमित देखभाल करती है।

यहां देशी गायों के दूध से 150 से अधिक प्रकार के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें A2 बिलौना घी, ब्राह्मी घृत, पंचगव्य घृत, देसी गाय का दूध, कुकीज, लड्डू, शतधौत घृत, हेल्दी मिठाइयां, स्नैक्स, हर्बल चाय, पेय पदार्थ तथा स्किन और हेयर केयर उत्पाद शामिल हैं। असीम रावत का उदाहरण बताता है कि योगी सरकार की प्रेरणा और नीति-समर्थन से गो संरक्षण को आधुनिक प्रबंधन और बाजार के साथ जोड़कर बड़े कारोबार में बदला जा सकता है।

वाराणसी में सुरभि शोध संस्थान बना गो सेवा और आजीविका का केंद्र
वाराणसी स्थित सुरभि शोध संस्थान भी इस दिशा में बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। कारोबारी एवं समाजसेवी सूर्यकांत जालान की गोशालाएं लखनऊ, वाराणसी, मीरजापुर, दिल्ली सहित कई स्थानों पर संचालित हैं। यहां 28,000 से अधिक गोवंश हैं। यहां गोबर और गोमूत्र का उपयोग जैविक खेती और विभिन्न उत्पादों के निर्माण में किया जाता है।

संस्थान ने एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है। यहां काम करने वाले लोग गो आश्रय स्थलों में रहकर गो सेवा के साथ अपनी आजीविका भी चला रहे हैं। यह मॉडल बताता है कि गो संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार और उत्पादन से भी जोड़ा जा सकता है।

बुलंदशहर के पर्यावरण इंजीनियर ने खड़ा किया सफल मॉडल
बुलंदशहर निवासी पर्यावरण इंजीनियर पराग गौड़ भी गो संरक्षण के क्षेत्र में सफल उद्यमी के रूप में उभरे हैं। लगभग 70 देसी गायों के माध्यम से वे दूध, घी, विशेष प्रकार के च्यवनप्राश समेत अन्य उत्पाद तैयार करते हैं। उनका सालाना कारोबार करीब सवा करोड़ रुपये का है। इस उद्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार भी पैदा हुआ है और गो आधारित उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। यह मॉडल इस बात का उदाहरण है कि गो सेवा, स्वदेशी परंपरा और ग्रामीण उद्यमिता को एक साथ जोड़कर आर्थिक सफलता हासिल की जा सकती है।

योगी सरकार का जोर देसी नस्ल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर
गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार उन्नत और उच्च उत्पादकता वाली देसी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रोत्साहन दे रही है। उनका कहना है कि गो संरक्षण को आजीविका, जैविक/प्राकृतिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़कर राज्य में नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। इससे गो सेवा के साथ रोजगार और उद्यमिता के नए रास्ते खुल रहे हैं।

More From Author

ट्रिपल जंप में भारत का ऐतिहासिक डबल पॉडियम, प्रवीण को सिल्वर, सेल्वा ने जीता ब्रॉन्ज

Bhopal Airport News: दिल्ली और मुंबई के लिए 3 नई उड़ानों की शुरुआत, यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13944/210

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.