मालवा की लोकगायकी की गूंज दिल्ली तक, पद्मश्री भैरूसिंह चौहान को राष्ट्रपति के हाथों संगीत नाटक अकादमी सम्मान

इंदौर 

 मालवा की मिट्टी में रची-बसी लोकधुनों और संत कबीर की वाणी को देशभर में पहचान दिलाने वाले मध्यप्रदेश इंदौर जिले के महू निवासी पद्मश्री भैरूसिंह चौहान के नाम गुरुवार को एक और राष्ट्रीय उपलब्धि जुड़ गई। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें वर्ष 2024-25 के प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया। राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होते ही इंदौर जिले से लेकर पूरे मालवा अंचल में गौरव और उत्साह का माहौल बन गया। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और संगीत नाटक अकादमी की ओर से आयोजित अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भैरूसिंह चौहान को प्रशस्ति-पत्र और सम्मान प्रदान किया।

लोकधुनों में कबीर का संदेश, गीतों से सामाजिक बदलाव
भैरूसिंह चौहान ने वर्षों से कबीर वाणी को मालवा की लोकभाषा और लोकसंगीत के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का काम किया है। उनकी गायकी की खासियत यह रही कि कबीर के संदेश को उन्होंने केवल मंचीय प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे सामाजिक चेतना का माध्यम बनाया। उनकी प्रस्तुतियों में शिक्षा, सामाजिक समरसता, नशामुक्ति, अंधविश्वास उन्मूलन और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण का संदेश प्रमुखता से रहा है। यही कारण है कि उनकी लोकगायकी मनोरंजन से आगे बढकऱ समाज को सोचने और बदलाव के लिए प्रेरित करने वाली आवाज बनी।

मालवा की लोक परंपरा को मिला राष्ट्रीय सम्मान
लोककला के संरक्षण और उसके जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में चौहान के योगदान को देखते हुए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया। पद्मश्री के बाद संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिलना उनके दशकों लंबे लोकसाधना के सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इंदौर जिले और मालवा के सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। उनका कहना है कि चौहान को मिला सम्मान केवल एक कलाकार का सम्मान नहीं, बल्कि मालवा की लोकसंस्कृति, कबीर की विचारधारा और लोककला के माध्यम से जनजागरण की परंपरा का राष्ट्रीय सम्मान है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और संगीत नाटक अकादमी की ओर से आयोजित अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति ने चौहान को प्रशस्ति-पत्र और सम्मान प्रदान किया। समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, संस्कृति राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह, संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा सहित संस्कृति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

More From Author

टोंक में चुनावी बिगुल जल्द, जिला प्रमुख की कुर्सी SC महिला के लिए आरक्षित

 जनगणना 2027 में पहली बार दर्ज होगी जाति, कोविड वैक्सीन की जानकारी भी देनी होगी; केंद्र ने नोटिफाई किए 40 सवाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13944/210

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.