जापान की तकनीक और यूपी के युवा मिलकर बदलेंगे हेल्थ सेक्टर, मेडिकल टेक पार्क पर बड़ा प्लान

 लखनऊ
 इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित 'यूपी-जापान हेल्थकेयर एंड केयर इकोनॉमी पार्टनरशिप' के सेक्टोरल सेशन में उत्तर प्रदेश और जापान के बीच रणनीतिक संबंधों का नया अध्याय शुरू हुआ। कार्यक्रम में हेल्थकेयर, मेडिकल एजुकेशन, फार्मा, रोबोटिक्स और ट्रेंड मैनपावर के आदान-प्रदान पर विस्तार से चर्चा हुई। सम्मेलन का मुख्य संदेश यह रहा कि उत्तर प्रदेश की विशाल युवा आबादी और जापान की अत्याधुनिक तकनीक का संगम दोनों देशों के लिए मेडिकल क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाएं पैदा करेगा।

83 से अधिक मेडिकल कॉलेज और इंटरनेशनल मानक
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 47 से बढ़कर 83 से अधिक हो चुकी है और एमबीबीएस, एमडी, नर्सिंग तथा पैरामेडिकल की सीटों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। जापान में प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की बढ़ती मांग को देखते हुए यूपी से डॉक्टर, फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल तकनीशियन भेजे जाएंगे। इसके लिए युवाओं को जापानी भाषा और वहां की कार्य संस्कृति का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

400 एकड़ में बनेगा मेडिकल टेक पार्क, रोबोटिक्स और पीपीपी मॉडल पर जोर
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने बताया कि प्रदेश सरकार जापान के सहयोग से रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड हेल्थकेयर पर तेजी से काम कर रही है। राज्य में लगभग 400 एकड़ में एक 'मेडिकल टेक पार्क' विकसित करने की योजना है। इसके अलावा, फार्मा क्षेत्र में एक ही दिन में 12 कंपनियों के साथ एमओयू किए गए हैं। सरकार पीपीपी (PPP) मॉडल पर बनने वाले नए मेडिकल कॉलेजों में भी जापानी निवेशकों को साझेदार बनाने के लिए लगातार संपर्क में है।

जापानी भाषा, कार्य संस्कृति और आईटीआई-पॉलिटेक्निक का विशाल नेटवर्क
व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल और प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने आश्वस्त किया कि यूपी के पास आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों का विस्तृत नेटवर्क है। जापानी उद्योगों की मांग के अनुसार राज्य में विशेष ट्रेनिंग सेंटर खोले जाएंगे, जहां युवाओं को 'केयरगिविंग' (Caregiving), जापानी भाषा, तकनीकी कौशल और वर्कप्लेस बिहेवियर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वन-विंडो सिस्टम के जरिए जापानी कंपनियों को यूपी में निवेश के लिए पारदर्शी माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है

जापान की जरूरत और यूपी की ताकत
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर और प्रमुख सचिव डॉ. एम. के. शन्मुगा सुन्दरम ने कहा कि जापान तेजी से वृद्ध होती आबादी के कारण वर्कफोर्स की कमी का सामना कर रहा है, जबकि भारत और यूपी के पास दुनिया का सबसे बड़ा युवा श्रमबल (Human Resource) मौजूद है। सरकार का संकल्प है कि सुरक्षित और पारदर्शी माध्यम से प्रदेश के प्रशिक्षित युवाओं को केवल देश ही नहीं, बल्कि जापान जैसे विकसित देशों के जॉब मार्केट से जोड़ा जाए।

सत्र का समापन और जापानी प्रतिनिधियों का सम्मान
कार्यक्रम में इन्वेस्ट यूपी, कौशल विकास मिशन और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सत्र के अंत में जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के औद्योगिक नीति विभाग के महानिदेशक जुइची कोबायाशी सहित जापानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को सम्मानित किया गया और यूपी की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर दोनों देशों के मजबूत आर्थिक रिश्तों पर मुहर लगाई गई।

 

More From Author

लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी, अगले 5 साल तक जारी रहेगी योजना; ₹1,14,365 करोड़ होंगे खर्च

महंगाई की चौतरफा मार: चीनी 69, प्याज 55 और हरी सब्जियां 60 रुपये किलो तक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13967/1

RO No. 13944/210

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.