एथनॉल-चीनी विवाद के बीच नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के भाव, सरकार ने साफ किया रुख

नई दिल्ली
पेट्रोल में एथनॉल मिलाए जाने की पॉलिसी और चीनी के बढ़ते दाम के बीच कनेक्शन को लेकर सरकार की सफाई के बाद पहली बार पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी हुई हैं। शनिवार यानी 22 जनवरी को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव हुआ है या नहीं, आइए डिटेल में जान लेते हैं।

क्या हुए हैं बदलाव?
22 अगस्त को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी तरह के बदलाव नहीं हुए। देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये पर बिक रहा है तो डीजल की कीमतें ₹95.20 हैं। इसी तरह, मुंबई में भी कीमतें पहले की तरह स्थिर हैं। मुंबई में पेट्रोल ₹111.21 पर बिक रहा है तो डीजल की कीमतें ₹97.83 हैं। बता दें कि 25 मई को कीमतों में बड़े बदलाव के बाद से ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। उस समय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल की कीमतों में ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में ₹2.71 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।

क्रूड ऑयल की कीमतें
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान और अमेरिका तनाव के बीच इस हफ्ते ब्रेंट फ्यूचर्स में 6.39% और US क्रूड में 5.66% की बढ़त देखी गई। ग्लोबल क्रूड बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 61 सेंट या 0.65% बढ़कर $94.39 प्रति बैरल पर बंद हुआ जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट में लगातार छह सेशन तक बढ़त रही और यह शुक्रवार को 23 सेंट या 0.26% बढ़कर $87.06 प्रति बैरल पर बंद हुआ।

एथनॉल और चीनी के दाम के कनेक्शन को सरकार ने नकारा
इस बीच, सरकार ने शुक्रवार को इस दावे को खारिज कर दिया कि पेट्रोल में एथनॉल मिलाए जाने की पॉलिसी के कारण चीनी के दाम बढ़ रहे हैं। सरकार की ओर से आधिकारिक बयान में कहा गया है कि चीनी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को एथनॉल उत्पादन के लिए चीनी के इस्तेमाल से जोड़ना गलत है। असल में, एथनॉल के लिए इस्तेमाल होने वाली चीनी का हिस्सा 2022-23 में लगभग 12% से घटकर 2025-26 में लगभग 9% हो गया है। इसके अलावा, देश में उत्पादित होने वाले एथनॉल का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा अब अनाज, खासकर मक्के से आता है।

सरकार ने बताया कि चीनी की कीमतों में मौजूदा बढ़ोतरी कई वजहों से हो रही है, जिनमें उम्मीद से कम घरेलू उत्पादन, त्योहारों के मौसम से पहले बढ़ती मांग, मौसम की वजह से गन्ने की फसल को नुकसान, दुनिया भर में चीनी की आपूर्ति में कमी और उद्योग जगत के कुछ हिस्सों द्वारा सट्टेबाजी और जमाखोरी शामिल हैं।

सरकार ने कहा कि भारत में आम तौर पर सालाना लगभग 320-340 एलएमटी चीनी का उत्पादन होता है जबकि घरेलू खपत लगभग 280-290 एलएमटी है।

More From Author

राष्ट्रीय ITF ट्रायथलॉन चैंपियनशिप में 2 रजत समेत खिलाड़ियों ने जीते 4 पदक

राज्य शासन की तरफ से एमएसएमई विभाग ने आमंत्रित की रुचि की अभिव्यक्ति

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13967/1

RO No. 13944/210

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.