छत्तीसगढ़ से जुड़ेंगे 3 बड़े राज्य, रायपुर-रांची दूरी होगी महज 7 घंटे; बिलासपुर समेत कई शहरों को फायदा

रायपुर 
रायपुर से रांची और धनबाद तक का सफर अब आसान होने वाला है. क्योंकि छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच बन रहा रायपुर-धनबाद एक्सप्रेसवे दोनों राज्यों के बीच गेंमचेंचर होने वाला है. इसके बनने के बाद रायपुर से रांची का सफर महज 7 घंटे में पूरा हो जाएगा. जबकि रायपुर से धनबाद का सफर भी 8 से 9 घंटे के बीच में पूरा हो जाएगा. इस हाईवे के बनने से छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों से और तेज हो जाएगी. 707 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का काम अलग-अलग चरणों में पूरा किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ के लिहाज से यह प्रोजेक्ट बेहद अहम माना जा रहा है. क्योंकि इससे न केवल पश्चिम की तरफ रोड कनेक्टिविटी मजबूत होगी. बल्कि ईधन और समय की भी अच्छी बचत होनी शुरू हो जाएगी। 

रायपुर से रांची 7 घंटे में 
रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर (EC-07) के बनने के बाद छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और झारखंड की राजधानी रांची के बीच सफर आसान हो जाएगा. अभी दोनों शहरों के बीच की दूरी तय करने में 13 से 14 घंटे का समय लग जाता है, क्योंकि टू-लेन रास्तों से होकर जाना पड़ता है. लेकिन इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यह सफर 7 घंटे में पूरा कर लिया जाएगा. वहीं दोनों शहरों के बीच 30 किलोमीटर तक का फर्क आएगा। 

रायपुर से धनबाद का सफर 9 घंटे में 
छत्तीसगढ़ और झारखंड के इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से रायपुर और धनबाद की दूरी में भी बड़ा अंतर आएगा. अभी दोनों शहरों के सफर में 14 से 16 घंटे का समय लगता है. लेकिन इस एक्सप्रेसवे के पूरा होने से दोनों शहरों के बीच का सफर 8 से 9 घंटे में पूरा हो जाएगा. यह एक्सप्रेसवे पुराने घुमावदार रास्तों के बजाय कई जगह बिल्कुल नया और सीधा रास्ता बना देगा. रायपुर से धनबाद के बीच बनकर तैयार होने वाला है यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे एक्सेस-कंट्रोल्ड से लेस होगा. जिससे यहां 100 किलोमीटर रफ्तार से गाड़ियां दौड़ सकेगी। 

छत्तीसगढ़ की तीन राज्यों तक कनेक्टिविटी
    छत्तीसगढ़: रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, पत्थलगांव, कुनकुरी, जशपुर तक जाएगा. 
    झारखंड: गुमला, रांची, बोकारो और धनबाद तक जाएगा.
    यहां से आगे का यह सफर छत्तीसगढ़ को ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी कनेक्ट कर देगा.

छत्तीसगढ़ में 384 किलोमीटर का हिस्सा 
रायपुर-धनबाद एक्सप्रेसवे का 384 किलोमीटर का हिस्सा छत्तीसगढ़ में बनाया जा रहा है. प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की तरफ से प्रेस रिलीज जारी करके बताया गया कि NHAI ने पत्थलगांव-कुनकुरी से छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा तक NH-43 पर इस प्रोजेक्ट का काम शुरू कर दिया है. यह राजमार्ग सीधे तौर पर रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और कोरबा जैसे औद्योगिक केंद्रों को झारखंड के धनबाद से जोड़ देगा. रायपुर से बिलासपुर के बीच का पुराना मार्ग 6-लेन के ब्राउनफील्ड एक्सप्रेसवे में अपग्रेड हो रहा है. जबकि बिलासपुर से आगे धनबाद तक यह पूरी तरह से एक नया रूट होगा. यह टोटल 104.25 किलोमीटर लंबा रूट है। 

ट्रैफिक का दवाब नहीं होगा 
इस एक्सप्रेसवे की खास बात यह है कि रास्ते में पड़ने वाले बड़े शहरों जैसे रायपुर, कोरबा, जशपुर, गुमला, रांची, बोकारो के बाहर से बायपास और ओवरब्रिज दिए गए हैं. जिससे शहर के अंदर का लोकल ट्रैफिक और जाम सफर को धीमा नहीं करेगा. इस पूरे रूट पर 382 से अधिक स्ट्रक्चर बनाए जा रहे हैं. जिसमें 7 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 6 फ्लाईओवर्स और जंगली जानवरों को पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर अंडरपास शामिल हैं. जिससे ट्रैफिक का दवाब कम रहेगा। 

2027 तक शुरू करने की तैयारी
फिलहाल एनएचएआई की तरफ से छत्तीसगढ़ और झारखंड में अलग-अलग चरणों में इसका काम शुरू हो चुका है. एक्सप्रेसवे का ज्यादातर हिस्सा 2026 के दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. जबकि 2027 तक इसे शुरू करने की तैयारी है. यह एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद लॉजिस्टिक्स लागत को 30 से 40 प्रतिशत तक कम कर देगा. जिससे छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच हाईस्पीड कनेक्टिविटी हो जाएगी। 

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