निवेशकों को राहत देने के लिए नीतियों में जरूरत के मुताबिक छूट देंगे: CM डॉ. यादव

निवेशकों को देंगे आवश्यकतानुसार नीतियों (पॉलिसी) में छूट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश उद्योग क्षेत्र में आशाओं और असीम अवसरों की धरती
900 कानूनों को समाप्त कर उद्योग और व्यापार व्यवसाय क्षेत्र को बनाया सुगम और सरल

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए 2700 से अधिक नियमों और लगभग 900 कानूनों को समाप्त कर उद्योग और व्यापार-व्यवसाय क्षेत्र को सरल, सुगम बनाने का प्रयास किया है। इस कदम से उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बना है। निर्धारित नीतियों के अंतर्गत और आवश्यकता होने पर निवेशकों को नीतियों में आवश्यक छूट दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को दुबई में "इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश" को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कार्य पद्धति के आधार पर दुनियाभर में रहने वाला भारतीय समुदाय आज स्वयं को गौरवान्वित महसूस करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते राज्य को विकास के नए आयाम दिए। अब उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद दुनिया हमारी अर्थव्यवस्था की शक्ति देख रही है। दुबई वैश्विक अर्थव्यवस्था का केंद्र माना जाता है। यूएई से अफ्रीका और एशिया के साथ यूरोप में व्यापार होता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश दुनिया का इकलौता राज्य है, जहां हीरे और स्वर्ण भंडार मौजूद है। अफ्रीका के बाद मध्यप्रदेश एक मात्र धरती है, जहां कटनी और सिंगरौली में सोने की खदान मिली है। मध्यप्रदेश में माइनिंग क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं। निवेशक यहां आएं और अपने व्यापार-व्यवसाय के राज्य को समृद्ध बनाएं। होटल व्यवसाय शुरू करने पर मध्यप्रदेश सरकार 30 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी उपलब्ध करवा रही है। दुनिया की सबसे सस्ती बिजली 2.17 पैसे प्रति यूनिट बिजली मध्यप्रदेश उपलब्ध करवा रहा है। हमारी सरकार ग्रीन एनर्जी को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आशाओं और असीम संभावनाओं की धरती है। नवाचार, विकास और साझा समृद्धि की सोच हमें जोड़ती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को जीआईएस-2027 का निमंत्रण देते हुए कहा कि देश की सबसे अच्छी एविएशन पॉलिसी मध्यप्रदेश में है। मध्यप्रदेश से यूएई और अबुधाबी के लिए सीधी एयर कनेक्टिविटी हो गई है। हमारी सरकार प्रति फ्लाइट वीजीएफ भी दे रही है। अगले महीने प्रदेश से शारजाह से भी उड़ान सेवा शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उनकी निरंतर दूसरे वर्ष दुबई की यात्रा है। इसके पहले पर्यटन निगम के अध्यक्ष के नाते भी दुबई आने का अवसर मिला था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं और प्रदेश की विशेषताओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार में लगभग 15 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर नजर आने लगे हैं। मध्यप्रदेश से आज 76 हजार करोड़ से अधिक का निर्यात हो रहा है। देश में सबसे तेज विकास दर और बेरोजगारी को खत्म करने की दर मध्यप्रदेश की है। यहां अपराध मुक्त वातावरण और समय सीमा में कामों के निपटारे का प्रावधान सभी को आकर्षित करता है। औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए राज्य में अब केवल 29 दिन में जमीन उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रदेश सरकार ऑन द स्पॉट लैंड अलॉटमेंट में विश्वास रखती है। मध्यप्रदेश में 1 लाख से अधिक इंडस्ट्रियल लैंड बैंक और 5 लाख किलोमीटर से अधिक रोड नेटवर्क है। सभी व्यवस्थाएं करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। है। बुर्ज खलीफा की ऊंचाई के साथ दुबई का भाग्य भी बदलता चला गया। हम मध्यप्रदेश की समृद्धि के लिए वक्त से, वक्त को पहचानने वालों के बीच आए हैं।

मध्यप्रदेश में लॉजिस्टिक्स, खनन और पर्यटन सेक्टर में अपार संभावनाएं : एसीएस मंडलोई

दुबई में इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश इन्वेस्टमेंट सेशन के तीसरे दिन औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश की मजबूत कनेक्टिविटी, निवेश अनुकूल नीतियों और विकसित हो रहे औद्योगिक इको सिस्टम के साथ लॉजिस्टिक्स, खनन और पर्यटन क्षेत्रों की संभावनाओं पर प्रेजेंटेशन दिया।

एसीएस मंडलोई ने बताया कि लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025 के तहत निवेशकों को फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर 30 प्रतिशत तक सहायता सहित कई प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क तथा नर्मदा एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ रहे औद्योगिक अवसरों की जानकारी दी गई। खनन क्षेत्र में हीरा, तांबा, मैंगनीज, चूना पत्थर और डायमंड और स्वर्ण खनिज संसाधनों को निवेश के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में रेखांकित किया गया।

पर्यटन सेक्टर में मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत, वन्य जीव और प्राकृतिक स्थलों के बारे में निवेशकों को जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में प्रदेश में 13.41 करोड़ पर्यटक आए, जबकि पर्यटन नीति-2025 के तहत पूंजी निवेश पर 30 प्रतिशत तक सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति और 90 वर्ष तक की लीज जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। विभिन्न पर्यटन स्थलों पर निजी निवेश की संभावनाएं प्रदर्शित की गईं।

मुख्यमंत्री डॉ . यादव की सक्रियता और निवेशकों से सीधा संवाद मध्यप्रदेश की ताकत :

भारत के काउंसिल जनरल डॉ. रेड्डी

दुबई में भारत के काउंसिल जनरल डॉ. ई. विष्णुवर्धन रेड्डी ने कहा कि भारत और यूएई के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उद्योग जगत से निरंतर संवाद और हर कार्यक्रम में समान ऊर्जा के साथ सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश के साथ जुड़ाव और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने मध्यप्रदेश की बेहतर कनेक्टिविटी, तेज आर्थिक विकास और विशाल पर्यटन एवं आध्यात्मिक संभावनाओं की सराहना की।

आईपीएफ यूएई के नेशनल प्रेसिडेंट जितेंद्र वैद्य ने कहा कि भगवान राम ने 14 वर्ष के वनवास में से अधिकांश समय मध्यप्रदेश के चित्रकूट में बिताया। ऐसे राज्य में निवेश का सौभाग्य निवेशकों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में अधिकतम निवेश के लिए दिन-रात परिश्रम कर रहे हैं।

उद्योगपति और सांसद राजिंदर गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश देश की प्रगति में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रदेश में उद्योगों को हर तरह से सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से मध्यप्रदेश देश का सबसे उन्नतशील राज्य बना है। उन्हें राज्य में 12% से अधिक ग्रोथ लाने का श्रेय है।

 

More From Author

योगी सरकार का बड़ा ऐलान, यूपी में सरकारी डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र बढ़कर 70 साल हुई

Asia Cup सेमीफाइनल में भारत का बांग्लादेश से मुकाबला, पाकिस्तान के सामने श्रीलंका; जानें पूरा शेड्यूल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13997/202

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.