केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट! 8वें वेतन आयोग में DA को बेसिक पे में मिलाने की उठी मांग

नई दिल्ली

आठवां वेतन आयोग अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपने के लिए एक्शन मोड में है। 18 महीने की डेडलाइन तक रिपोर्ट तैयार करने के लिए वेतन आयोग, कर्मचारी संगठनों के साथ लगातार बैठक कर रहा है। इसी कड़ी में चेन्नई और पुडुचेरी में हितधारकों के साथ चर्चा की गई। इन बैठकों में केंद्रीय कर्मचारियों की कई मांगें सामने आई हैं। इनमें महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक पे में मर्ज करने की मांग भी प्रमुख है।

क्या है डिमांड?
केंद्र सरकार के प्रमुख कर्मचारी संगठनों ने सिफारिश की है कि जब डीए 25% से अधिक हो जाए, तो इसे मूल वेतन में मिला दिया जाना चाहिए। ये डिमांड नेशनल काउंसिल – जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) और ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) ने की है। AINPSEF का तर्क है कि DA को बेसिक पे में मर्ज करने से कर्मचारियों की सैलरी में अपेक्षाकृत तेज वृद्धि हो सकती है।

AINPSEF का कहना है कि DA को बेसिक पे में मिलाने से सैलरी तेजी से बढ़ेगी और कर्मचारियों को अच्छी सैलरी बढ़ोतरी के लिए 10 साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। AINPSEF का कहना है कि इस विलय से मुख्य रूप से निचले स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को फायदा होगा, जिनकी सैलरी कम होती है और जो बड़े शहरों में रहते हैं जहां खर्च ज्यादा होते हैं। वहीं, भारतीय रेल पर्यवेक्षक संघ और प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच ने डीए के 50 फीसदी होने पर उसे बेसिक पे में मर्ज करने का सुझाव दिया है।

Level-1 कर्मचारी की सैलरी का उदाहरण
NC-JCM ने 8वें वेतन आयोग को सौंपे अपने मेमोरेंडम में कहा है कि जब डीए 25% की सीमा पार कर जाए तो इसे बेसिक पे में मिला दिया जाना चाहिए। मान लीजिए कि लेवल 1 के किसी कर्मचारी की बेसिक पे 18,000 रुपये है। अगर 8वें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर 2.1 है, तो 1 जनवरी 2026 को उनकी संशोधित सैलरी 37,800 रुपये हो सकती है। अगर कर्मचारी को हर साल औसतन 4% DA बढ़ोतरी मिलती है और सालाना इंक्रीमेंट की दर 3% से बढ़कर 7% हो जाती है तो 1 जनवरी 2033 को उनकी अनुमानित ग्रॉस सैलरी (बेसिक पे + DA) लगभग 77,694 रुपये होगी। यह 37,800 रुपये की संशोधित बेसिक पे से 106% अधिक है।

यहां ध्यान रखना जरूरी है कि डीए को बेसिक पे में मर्ज करना अभी सरकार का मंजूर नियम नहीं है। इसी तरह 2.1 फिटमेंट फैक्टर, 7% इंक्रीमेंट और 4% औसत सालाना DA बढ़ोतरी भी केवल उदाहरण के लिए इस्तेमाल किए गए अनुमान हैं। 

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