फर्जी पासपोर्ट मामले में सात राज्यों तक पहुंची MP STF की जांच, ग्वालियर-भोपाल के संदिग्ध रडार पर

ग्वालियर
जाली दस्तावेजों के सहारे भारतीय पासपोर्ट हासिल करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों और इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह के मददगारों के खिलाफ मध्य प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने सात राज्यों में डेरा डाल दिया है।

इस फर्जीवाड़े का केंद्र बने ग्वालियर और भोपाल के कई संदिग्धों को चिह्नित कर लिया गया है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है। यह जाली दस्तावेज बनाने वाले चेहरे हैं, जिनके जरिये बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बने।

एसटीएफ ने भेजी टीमें
एसटीएफ अधिकारियों ने महाराष्ट्र, दिल्ली, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, असम और पश्चिम बंगाल में अपनी टीमें भेजी हैं। प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बने पासपोर्ट का इस्तेमाल कर बांग्लादेशी नागरिक इन राज्यों के विभिन्न शहरों में अपनी पहचान छिपाकर रह रहे हैं।

जांच अधिकारियों के अनुसार, जाली आधार कार्ड, मतदाता परिचय पत्र और अन्य स्थानीय प्रमाण पत्र तैयार करने वाले गिरोह में भोपाल के कुछ शातिर जालसाज शामिल हैं। एसटीएफ ने भोपाल के इस नेटवर्क के कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली है।

गिरोह के सदस्य मोटी रकम लेकर अवैध रूप से भारत में घुसे बांग्लादेशियों के फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार करवाते थे, जिसके आधार पर पासपोर्ट जारी हो जाते थे।

जल्द होगा बड़ा राजफाश
एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न राज्यों में भेजी गई टीमों से महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। संदिग्धों की धरपकड़ के साथ ही पासपोर्ट बनवाने की पूरी प्रक्रिया में शामिल बिचौलियों को बेनकाब किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आने वाले कुछ दिनों में इस पूरे मामले का एक बड़ा खुलासा किया जाएगा।

 

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