जनवरी 2026 में चीन में हुई एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं वरुण सान्याल

नई दिल्ली
एशियाई खेलों में पहली बार शामिल किए जा रहे मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) में भारत की उम्मीदें वरुण सान्याल पर टिकी हैं। जनवरी 2026 में चीन में हुई एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके वरुण 19 सितंबर से शुरू हो रहे एशियाई खेलों में पुरुषों के पारंपरिक 77 किग्रा वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

भारत की दो सदस्यीय एमएमए टीम में उनके साथ हांगझू 2023 एशियाई खेलों में कुराश में हिस्सा ले चुकीं सुचिका तारियाल हुड्डा भी हैं, जो महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग में उतरेंगी। अब पेशेवर एमएमए खिलाड़ी बन चुके वरुण ने क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन से बिजनेस मैनेजमेंट आनर्स की पढ़ाई की है।

सिंगापुर में पले-बढ़े वरुण का खेलों से रिश्ता काफी विविध रहा। उन्होंने क्रिकेट, फुटबॉल, एथलेटिक्स, स्क्वाश और पावरलिफ्टिंग में हाथ आजमाया। इसके बाद कुश्ती, जिउ-जित्सु और मुए थाई से होते हुए उनका सफर एमएमए तक पहुंचा।

डब्ल्यूडब्ल्यूई से शुरू हुआ आकर्षण
कांबैट स्पोर्ट्स में उनकी शुरुआती दिलचस्पी डब्ल्यूडब्ल्यूईए और टीएनए से बनी। राकी बाल्बोआ के प्रशंसक वरुण का मार्शल आर्ट्स के प्रति आकर्षण तब और गहरा हुआ जब उन्होंने 2012 लंदन ओलंपिक में भारतीय पहलवान सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त को सफलता हासिल करते देखा। वरुण के मुताबिक एमएमए केवल खेल नहीं बल्कि जीवन कौशल भी है। दबाव में शांत रहना, शारीरिक खतरे के बीच फैसले लेना और खुद का बचाव करना उनके लिए इस खेल की सबसे बड़ी सीख रही है।

खेलों से भरा परिवार, पिता का मिला साथ
वह अर्थशास्त्री, लेखक और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल और स्मिता बरुआ के बेटे हैं। वरुण ने बताया कि उनके पिता ने बचपन से उन्हें खेलों के लिए प्रोत्साहित किया। एमएमए को लेकर भी शुरुआत में उन्हें मनाने में थोड़ा समय लगा, लेकिन बाद में वह लगातार वरुण का समर्थन करते रहे और खेल को समझने की कोशिश करते हैं।

एशियाई खेलों की तैयारी में मिला कम समय
एमएमए में वरुण का सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने 2025 में एमएमए एसएफआइ नेशनल्स जीते, जिसके आधार पर जनवरी 2026 में चीन में एशियाई चैंपियनशिप खेलने का मौका मिला और वहां कांस्य पदक हासिल किया। इससे वह एशियाई सिस्टम में आधिकारिक रैंकिंग में आ गए।

हालांकि उस समय एशियाई खेलों के लिए क्वालीफिकेशन प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता नहीं थी। इंतजार करने के बजाय वरुण ने अपने पेशेवर करियर पर ध्यान दिया। उन्हें एशियाई खेलों में जाने की अंतिम पुष्टि खेल शुरू होने से केवल दो सप्ताह पहले मिली। इतने कम समय में मानसिक और शारीरिक रूप से इतनी बड़ी प्रतियोगिता के लिए तैयार होना उनके लिए बड़ी चुनौती रहा।

More From Author

त्विशा शर्मा आत्महत्या केस में गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका टली, CBI ने मांगा लिखित आपत्ति के लिए समय

बुनकरों के हुनर को मिलेगा सरकारी बाजार, अस्पतालों में गूंजेगी हथकरघे की पहचान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13997/202

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.