भोपाल
मोहन कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई, जिसमें कई प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई। कैबिनेट की बैठक की जानकारी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कश्यप ने मीडिया को दी।
जनविश्वास अभियान के तहत हर शुक्रवार के दिन सारे प्रशासनिक अधिकारी किसी बैठक में नहीं रहते हैं, सभी क्षेत्र के अंदर या फील्ड में रहते हैं। जनता की समस्याएं उन्हीं के द्वार पर जाकर सुनते हैं। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन का आयोजन है, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के कारण झाकियों और आयोजन के कारण उसे 26 सितंबर को जारी रहेगा।
25 को भोपाल से होगा सुगम बस सेवा का शुभारंभ
चैतन्य कश्यप ने बताया कि कैबिनेट के अंदर महत्वपूर्ण विषयों को लाया गया। इसमें परिवहन विभाग में रोडवेज बंद होने के बाद मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ 25 सितंबर को किया जा रहा है। इस दिन 350 बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी। इसमें नितिन गडगरी के शामिल होंगे। रूट और आम यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए वर्तमान बसों का उपयोग करते हुए इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया जाएगा। 2030-31 तक 14981 बसों को चलाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि दूरदराज के गांव में इस सेवा से जुड़ सके। सीसीटीवी कैमरे रहे। जीपीएस सिस्टम रहेगा, जिससे यात्रियों को पता चलता रहे कि बस कितना लेट हो रही है या कितनी दूर है। तो व्यवस्थित मॉडल हम बना रहे हैं। सरकार अपनी कोई बस नहीं लगा रही है, सारे के सारे बस ऑपरेटरों की भागीदारी के साथ ही सुविधाओं की मॉनिटरिंग भी हो। एक वैज्ञानिक तरीके से पूरे मॉडल को विकसित कर रहे हैं। सीएम मोहन यादव स्वयं इसके अध्यक्ष भी हैं और पूरे देश में इस तरह का यह पहला मॉडल है।
230 विधानसभा सीटों पर बनेंगे स्टेडियम
मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि हर विधानसभा क्षेत्र में एक स्टेडियम बनेगा। यह सिर्फ मैदान वाला स्टेडियम नहीं होगा। इसे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की तरह विकसित किया जाएगा। इसमें इनडोर और आउटडोर दोनों तरह के खेल होंगे। जहां 10 एकड़ से ज्यादा जमीन मिलेगी, वहां पूरी सुविधा बनेगी।
हर कॉम्प्लेक्स की लागत करीब सात करोड़ रुपए होगी। एक कॉम्प्लेक्स में 10 से 12 खेल शामिल किए जाएंगे। इनमें पांच से छह खेल इनडोर होंगे। चार से पांच खेल आउटडोर होंगे। इनका नाम मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स रखा गया है। अगले पांच साल में इस पर 960 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
अभी 230 में से 140 सीटों पर ऐसी सुविधा नहीं है। इन सभी 140 जगहों पर नए कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। बाकी 90 जगहों की अधूरी सुविधाओं को भी पूरा किया जाएगा। हर जगह ट्रेनिंग के लिए कोच भी रखे जाएंगे।
स्टेडियम में बनेगा हेलीपैड
इस योजना में एक नई और खास बात भी जोड़ी गई है। हर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक हेलीपैड भी बनेगा। यह हेलीपैड मैदान के बीच में बनाया जाएगा। इसका मकसद एयर एंबुलेंस सेवा को मजबूत करना है। अभी कई गांवों में तुरंत हेलीपैड बनाना मुश्किल होता है।
इसमें काफी समय लग जाता है। अब यह हेलीपैड 24 घंटे और सातों दिन तैयार रहेगा। जरूरत पड़ने पर गंभीर मरीजों को तुरंत एयरलिफ्ट किया जा सकेगा। मंत्री ने कहा कि यह ग्रामीण इलाकों के लिए बड़ी राहत होगी।
2800 मेगावाट बिजली को मंजूरी
कैबिनेट ने बिजली से जुड़ा एक बड़ा फैसला भी लिया है। पावर मैनेजमेंट कंपनी की एक रिपोर्ट सामने आई थी। इसके मुताबिक अभी मध्य प्रदेश में बिजली सरप्लस है। लेकिन आने वाले सालों में नए उद्योग तेजी से बढ़ेंगे। सेमीकंडक्टर और टेलीकॉम उद्योगों का विस्तार हो रहा है। शहरों का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है।
इस वजह से 2037 तक करीब 1900 मेगावाट बिजली की कमी हो सकती है। यह अनुमान एक राष्ट्रीय स्तर की एजेंसी ने लगाया है। थर्मल पावर प्लांट बनने में पांच से सात साल लगते हैं। इसी वजह से सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है।
कैबिनेट ने 1900 मेगावाट नई बिजली खरीदने की मंजूरी दी। इसके साथ ही 900 मेगावाट का पुराना करार भी जोड़ा गया। इस तरह कुल 2800 मेगावाट थर्मल बिजली खरीदी जाएगी। इससे 2037 तक की जरूरत पूरी हो सकेगी।
961 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी
इसके अलावा कैबिनेट ने कई पुरानी योजनाओं को भी जारी रखा। इन पर करीब 961 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इनमें राजगढ़ जिले की सुठालिया सिंचाई परियोजना भी शामिल है। इस पर अब तक 1000 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। अब इसमें 262 करोड़ रुपए का नया प्रावधान जोड़ा गया है। इस परियोजना का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। पूरा होने पर इससे 400 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी।
इसी तरह नीमच-जावद की सिंचाई परियोजना पर भी टेंडर फिर से लगाए गए हैं। इस पर करीब 4197 करोड़ रुपए खर्च होंगे। विधि विभाग की कई योजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया है। ग्राम न्यायालय योजना को 2031 तक बढ़ाया गया है। परिवार न्यायालय और उच्च न्यायालय से जुड़ी योजनाओं को भी निरंतरता मिली है।
25 सितंबर से शुरू होगी बस सेवा
बैठक में परिवहन विभाग का भी बड़ा प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना 25 सितंबर से शुरू होगी। इसकी शुरुआत भोपाल से की जाएगी। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आने की संभावना है। उस दिन 350 बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी।
मार्च तक करीब 1000 बसें इस योजना से जुड़ेंगी। ये सभी बसें निजी ऑपरेटरों की होंगी। सरकार खुद कोई बस नहीं खरीदेगी। सरकार सिर्फ रूट तय करेगी और निगरानी करेगी। किराया भी परिवहन विभाग के तय रेट पर ही रहेगा।
हर बस में सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस सिस्टम लगेंगे। इससे बस की लोकेशन ऑनलाइन पता चलती रहेगी। साल 2030-31 तक कुल 14,981 बसें इस योजना में जुड़ेंगी। मंत्री ने बताया कि यह देश का पहला ऐसा मॉडल है। पहले सिर्फ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सरकार की कोई भागीदारी नहीं थी। अब मध्य प्रदेश में यह व्यवस्था शुरू हो रही है।
हर विधानसभा क्षेत्र में बनेंगे स्टेडियम, हेलीपेड
चैतन्य कश्यप ने बताया कि एक और फैसला खेल जगत के लिए हुआ है। मध्यप्रदेश की हर विधानसभा में एक-एक स्टेडियम बनाया जाएगा। यह स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स की अवधारणा बनाई गई है, जिसमें इनडोर और आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स होंगे। मल्टीपर्पस काम्पलेक्स होंगे। जमीन की उपलब्धता और रोड की कनेक्टिविटी को देखते हुए इसे डेवलप किया जाएगा। बच्चे यहां अपनी खेल प्रतिभा को निखार पाएंगे। यह पहली बार हो रहा है कि विधानसभा और ब्लाक लेवल पर संसाधनों के साथ खेल परिसर बनाए जा रहे हैं। इसका नाम रखा गया है मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स। इसे अगले 5 सालों में 960 करोड़ की लागत का प्रावधान किया है। 140 विधानसभा ऐसे हैं जहां खेल की सुविधा नहीं है। 90 जगह है, जिसे अपडेट करेंगे। इसमें नई चीज जोड़ रहे हैं, इन काम्पलेक्स के बीच हेलीपेड बनेगा, जिससे एयरएंबुलेंस की सेवा गांव-गांव तक पहुंचाई जा सके। यह मैदान के बीच में बनेगा, जो हमेशा उपलब्ध रहेगा। यह अपने आप में नया प्रयोग है।
और क्या फैसले हुए
पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के अंतर एक रिपोर्ट आई है कि 2037 तक आज भी हम ऊर्जा में सरप्लस मानते हैं, औद्योगों का जो जाल बिछा रहे हैं। मध्यप्रदेश ने 2037 की मांग को देखते हुए 1800 + 900 मेगावाट को पर्चेस करने का फैसला लिया है।
दूरसंचार के क्षेत्र में मिलेगी ऊचाइयां
सीएम आज बेंगलुरू में आयोजित रोड शो में जा रहे हैं। ग्वालियर में स्थापित दूरसंचार केंद्र के कार्यक्रम के सिलसिले में बेंगलुरू में रहेंगे। टेलिकाम के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को नई ऊंचाइयां मिलेगी। मध्यप्रदेश में ग्रीन फील्ड नए हाईवे बनने जा रहे हैं। इंदौर से जबलपुर के बीच बनने वाले इस हाईवे को औद्योगिक कॉरिडेर के रूप में विकसित किया जाएगा।
आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम बड़ी उपलब्धि
चैतन्य कश्यप ने बताया कि तीन करोड़ 88 लाख दीपक मध्यप्रदेश में प्रज्वलित हुए। उज्जैन में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आए थे, उन्होंने 32 लाख से अधिक दीपक प्रज्वलित हुए, यह उपलब्धि मध्यप्रदेश के लिए प्रधानमंत्री के प्रति भावना प्रकट करने का अवसर रहा है। आशीर्वाद के दीये के साथ ही रक्तदान का भी बडा आयोजन हुआ। पूरे प्रदेश में 1100 स्थानों पर रक्तदान किया गया। उज्जैन में ही 25 हजार रक्तदान यूनिट का आयोजन सफल हुआ। इसी कार्यक्रम की अगली कड़ियों में 24-25 सितंबर को वडनगर से वाराणसी तक मोटरसाइकिल यात्राएं निकल रही हैं और उनको प्रधानमंत्री स्वयं संबोधित करेंगे।
शिक्षा के क्षेत्र में जीरो ड्रपआउट
मध्यप्रदेश ने एक उपलब्धि और हासिल की है, वो स्कूल शिक्षा में। इस बार प्राथमिक स्तर पर जीरो ड्रापआउट रहा। उस लक्ष्य को मोहन यादव की सरकार ने प्राप्त कर लिया है। इसी के साथ दो दिन पहले सीएम मोहन यादव ने स्वयं माता चीता राधा को गांधी सागर के बाड़े में छोड़ा था। वहां अब 4 चीतों की संख्या हो गई है। यह वन्य जीव संरक्षण में मध्यप्रदेश की अच्छी उपलब्धि है।
जनविश्वास अभियान के तहत हर शुक्रवार के दिन सारे प्रशासनिक अधिकारी किसी बैठक में नहीं रहते हैं, सभी क्षेत्र के अंदर या फील्ड में रहते हैं। जनता की समस्याएं उन्हीं के द्वार पर जाकर सुनते हैं। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन का आयोजन है, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के कारण झाकियों और आयोजन के कारण उसे 26 सितंबर को जारी रहेगा।


