तरंगशक्ति-2026 के बीच पाक ड्रोन की घुसपैठ, सीमा पर ड्रग्स तस्करी बनी चुनौती

जयपुर
 राजस्थान की पाकिस्तान से लगी सीमा पर एक तरफ आसमान में भारतीय सेनाओं के साथ मित्र राष्ट्रों की सेनाएं संयुक्त युद्धाभ्यास की तैयारियों में जुटी हैं। दूसरी तरफ इसी सीमा से लगे दूरस्थ इलाकों में पाकिस्तान से हो रही ड्रग व हथियारों की तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है। वायुसेना व सेना की युद्ध तैयारियों के बीच जोधपुर की हवाई सीमा पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है, लेकिन श्रीगंगानगर से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते पाकिस्तानी ड्रोन से नशे और हथियार पहुंचने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बीते कुछ वर्षों में अकेले श्रीगंगानगर जिले में करीब 500 करोड़ रुपए की ड्रग्स और बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए जा चुके हैं।

शुक्रवार को पुलिस को भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे सुजावलपुर क्षेत्र के एक खेत में पुलिस को दो लावारिस पैकेट में 1 किलो 600 ग्राम हेरोइन मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब आठ करोड़ रुपए है। आशंका है कि यह खेप पाकिस्तानी ड्रोन से गिराई गई, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही इसकी पुष्टि होगी। इससे चार दिन पहले रोही 8 सी बड़ी हिन्दुमलकोट में पुलिस ने एक पॉलीथीन से 206 ग्राम मेथएम्फेटामाइन यानी आइस ड्रग और उपकरण बरामद किए थे। एसपी हरीशंकर के मुताबिक, पुलिस दोनों मामलों में खेप के स्रोत और संभावित रिसीवर तक पहुंचने में जुटी है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में श्रीगंगानगर में करीब 350 करोड़ रुपए की ड्रग्स और बड़ी मात्रा में हथियार पकड़े जा चुके हैं। वहीं, चार दिन पहले आइस ड्रग बरामद हुई थी। यानी सीमा पर दुश्मन की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ड्रोन से होने वाली तस्करी रोकना भी बड़ी चुनौती है।

बड़ा सवाल… ड्रोन कैसे दे रहे धोखा
पश्चिमी राजस्थान का बड़ा हिस्सा थार के रेगिस्तानी भूभाग में है, जिससे सीमा निगरानी की अपनी भौगोलिक चुनौतियां हैं। हालांकि सरकार जहां बॉर्डर पर सुरक्षा संबंधी गतिविधियों से घुसपैट रोकने दावे करती है। मई 2026 में केंद्रीय गृह मंत्री ने बीकानेर में भारत-पाक सीमा की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। इन दिनों सैन्य अभ्यास के चलते सीमा पर सुरक्षा का स्तर बढ़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद सीमा के दूसरे हिस्सों में तस्कर ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थ और हथियार गिरा सुरक्षा को भेद रहे हैं। गौरतलब है कि प्रदेश की पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा 1,070 किमी लंबी है। श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर – चार जिले सीधे इस सीमा से जुड़े हैं।

एयरफोर्स ने जारी किया 17 दिन का नोटम
भारतीय वायुसेना ने मेगा मल्टीलेटरल युद्धाभ्यास तरंगशक्ति के संस्करण ‘तरंगशक्ति-2026’ को लेकर पश्चिमी सीमा पर 17 दिन का नोटम (नोटिस टू एयर मिशन) जारी किया है। वायुसेना ने 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक 17 दिनों के व्यापक सैन्य एवं हवाई अभ्यास के लिए नोटम जारी कर जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी और जोधपुर सेक्टर के विशाल हवाई क्षेत्र को सैन्य गतिविधियों के लिए आरक्षित किया है। नोटम की ऊंचाई 40 हजार फीट तक है। बीकानेर के नाल क्षेत्र में इसका एक हिस्सा अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 20 किलोमीटर ही दूर है। नोटम लगातार नहीं होकर कुछ फेज में सुबह 9 बजे से रात 12 बजे तक रहेगा। जानकारी के अनुसार 28 से 30 सितम्बर, एक अक्टूबर से पांच अक्टूबर और सात अक्टूबर को नोटम प्रभावी रहेगा।

आसमान में आज से दिखेगी आठ देशों की ताकत
भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास ‘तरंगशक्ति 2026’ शनिवार से जोधपुर एयरबेस पर शुरू होगा। 12 अक्टूबर तक चलने वाले अभ्यास में अमरीका, जर्मनी, फ्रांस, यूएई, श्रीलंका, बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया समेत आठ देश अपने विमान व सैन्य संसाधनों के साथ हिस्सा लेंगे, जबकि 32 देश पर्यवेक्षक के तौर पर जुड़ेंगे। 100 से अधिक लड़ाकू विमान और करीब 3000 जवान अभ्यास का हिस्सा होंगे। चार से पांच एयरबेस का इस्तेमाल किया जाएगा। शुक्रवार से ही विदेशी परिवहन विमान जोधपुर पहुंचने लगे। इनमें ऑस्ट्रेलिया का सी-130 जे, अमरीका का सी-17, बांग्लादेश का सी-130 जे और फ्रांस का ए330 एमआरटीटी शामिल हैं। हाल ही जापान के साथ ‘वीर गार्जियन’ अभ्यास हुआ था। अब आठ देशों के इस अभ्यास में राजस्थान की गर्मी भी चुनौती होगी। जोधपुर में दिन का तापमान 42 डिग्री के आसपास पहुंच रहा है।

More From Author

Bigg Boss में रीति तिवारी पर भड़के सलमान खान, बोले- ‘आपको कोई नहीं जानता था’

आज का राशिफल 26 सितंबर: शिव कृपा से चमकेगी किस्मत, इन राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13997/202

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.