घर में भूलकर भी न लगाएं ये 5 पौधे! वास्तु के अनुसार बढ़ सकती हैं परेशानियां

 घर को खूबसूरत और हरा-भरा बनाने के लिए लोग तरह-तरह के पौधे लगाते हैं. लेकिन वास्तु शास्त्र में हर पौधे को घर के लिए शुभ नहीं माना गया है. कुछ पौधों को लेकर ऐसी मान्यताएं हैं कि इन्हें घर के अंदर या गलत जगह लगाने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.  खासकर कांटेदार, सूखे और कुछ खास तरह के पौधों को लेकर वास्तु में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.

ऐसी मान्यताओं में कुछ पौधों को घर की सुख-शांति, आर्थिक स्थिति और तरक्की से जोड़कर देखा जाता है. आइए जानते हैं किन पौधों को घर में लगाने से बचने की सलाह दी जाती है और अगर पौधे पहले से लगे हैं तो किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

कैक्टस और कांटेदार पौधे
वास्तु के अनुसार घर के अंदर कैक्टस, नागफनी या दूसरे कांटेदार पौधे रखना शुभ नहीं माना जाता. मान्यता है कि इनके कारण घर में तनाव और आपसी मतभेद बढ़ सकते हैं.

अगर घर में सजावट के लिए ऐसे पौधे लगाए हैं तो उन्हें बेडरूम या लिविंग एरिया के बजाय बाहर रखने की सलाह दी जाती है.  हालांकि पौधों की वास्तविक देखभाल और सुरक्षा को ध्यान में रखना भी जरूरी है, खासकर अगर घर में छोटे बच्चे या पालतू जानवर हों.

घर में पीपल का पौधा
पीपल का धार्मिक महत्व काफी अधिक है, लेकिन वास्तु की कुछ मान्यताओं में इसे घर के अंदर लगाने से बचने की सलाह दी जाती है.  माना जाता है कि घर में पीपल का पेड़ होने से आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं.

अगर पीपल का पौधा घर की दीवार या किसी कोने में अपने आप उग आए तो उसे नजरअंदाज न करें.  व्यावहारिक रूप से भी दीवारों में उगने वाले पेड़ की जड़ों से संरचना को नुकसान हो सकता है.  इसलिए उसे हटाने के लिए सुरक्षित और उचित तरीका अपनाना बेहतर है.

सूखे और मुरझाए पौधे
घर में पौधे लगाने के बाद उनकी नियमित देखभाल भी जरूरी है.  वास्तु मान्यताओं में सूखे और मृत पौधों को शुभ नहीं माना जाता.  ऐसे पौधों को नकारात्मकता और ठहराव से जोड़कर देखा जाता है.

इसलिए बालकनी, खिड़की या घर के किसी कोने में रखा पौधा अगर पूरी तरह सूख चुका है और उसके दोबारा ठीक होने की संभावना नहीं है, तो उसे हटा दें.  स्वस्थ और हरे-भरे पौधों को ही घर की सजावट का हिस्सा बनाएं.

मेहंदी का पौधा
मेहंदी का पौधा खुशबू और खूबसूरत पत्तियों के लिए जाना जाता है.  लेकिन वास्तु की कुछ मान्यताओं में इसे घर के अंदर लगाने से बचने की सलाह दी जाती है.  मूल लेख में मेहंदी को नकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा गया है.

हालांकि इस तरह की मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.  अगर कोई व्यक्ति वास्तु के नियमों को मानता है, तो वह मेहंदी के पौधे को घर के अंदर रखने के बजाय खुले स्थान पर रखने का विकल्प चुन सकता है.

बोनसाई पौधा
बोनसाई आजकल घर की सजावट में काफी लोकप्रिय है.  छोटा आकार होने के कारण इसे टेबल, बालकनी या लिविंग रूम में आसानी से रखा जा सकता है.  लेकिन वास्तु मान्यताओं के अनुसार बोनसाई को घर में रखना प्रगति में रुकावट से जोड़ा जाता है.

वास्तु में इसके छोटे और सीमित आकार को विकास के रुकने के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है.  दूसरी ओर, बोनसाई को लेकर सकारात्मक धारणाएं भी मौजूद हैं और कई लोग इसे केवल सजावटी पौधे के रूप में रखते हैं.

घर में पौधे लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान
सिर्फ पौधे का चुनाव ही नहीं, उसकी जगह और देखभाल भी महत्वपूर्ण है.  वास्तु संबंधी मान्यताओं के अनुसार घर में हरे-भरे और स्वस्थ पौधे रखना बेहतर माना जाता है.  पौधों को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां उन्हें उनकी प्रजाति के मुताबिक पर्याप्त रोशनी और हवा मिल सके.

घर में पौधे लगाने से पहले यह भी देख लें कि उनकी जड़ें दीवार, फर्श या पाइपलाइन को नुकसान न पहुंचाएं.  सूखे पत्ते और गिरे हुए हिस्से नियमित रूप से साफ करते रहें.

वास्तु में कुछ पौधों को शुभ भी माना गया है.  तुलसी, जेड प्लांट, बांस और सफेद अपराजिता जैसे पौधों को अलग-अलग मान्यताओं में सकारात्मकता, समृद्धि या सौभाग्य से जोड़ा जाता है.  इन पौधों के लिए भी दिशा संबंधी अलग-अलग वास्तु मान्यताएं बताई गई हैं.

More From Author

पितृपक्ष में बिना प्याज-लहसुन बनाएं स्वादिष्ट आलू-मटर, पूड़ी के साथ लगेगी लाजवाब

इस गुफा में आज भी मौजूद है गणेश जी का कटा हुआ सिर? जानें पाताल भुवनेश्वर का रहस्य

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13997/202

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.