PPF Interest Rate पर सरकार का फैसला, निवेशकों को मिलेगा कितना ब्याज?

नई दिल्ली

PPF (Public Provident Fund) में निवेश करने वालों के लिए अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही में कोई बदलाव नहीं हुआ है। केंद्र सरकार ने स्मॉल सेविंग्स स्कीम (Small Savings Schemes) की ब्याज दरों की समीक्षा के बाद सभी प्रमुख योजनाओं की दरें पिछली तिमाही के स्तर पर ही रखने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि PPF पर अक्टूबर-दिसंबर 2026 में भी 7.10% सालाना ब्याज मिलेगा। वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स (Department of Economic Affairs) ने 30 सितंबर 2026 को Q3 FY2026-27 के लिए यह फैसला जारी किया था। आइए इसको जरा विस्तार से समझते हैं।

PPF की ब्याज दर लंबे समय से 7.10% पर बनी हुई है। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए भी सरकार ने इसमें कोई बढ़ोतरी या कटौती नहीं की है, यानी जिन निवेशकों को PPF की दर बढ़ने की उम्मीद थी, उन्हें फिलहाल मौजूदा 7.10% दर से ही संतोष करना होगा। PPF की ब्याज दर हर तिमाही सरकार द्वारा स्मॉल सेविंग्स स्कीम (Small Savings Schemes) की समीक्षा के दौरान तय की जाती है।

PPF एक लॉन्ग टर्म सेविंग्स स्कीम (Long-Term Savings Scheme) है, जिसकी मूल अवधि 15 साल होती है। इसमें एक फाइनेंशियल ईयर में कम से कम ₹500 और अधिकतम ₹1.50 लाख जमा किए जा सकते हैं। किसी व्यक्ति के नाम पर सामान्य तौर पर एक ही PPF अकाउंट रखा जा सकता है। खाता बैंक या पोस्ट ऑफिस के माध्यम से खोला जा सकता है। PPF में निवेश का एक फायदा यह भी है कि खाते को 15 साल की अवधि पूरी होने के बाद 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है। निवेशक एक्सटेंशन के दौरान कॉन्ट्रिब्यूशन जारी रख सकता है या बिना नए निवेश के भी खाते को जारी रखने का विकल्प चुन सकता है।

PPF को टैक्स-इफिशिएंट इंवेस्टमेंट (Tax-Efficient Investment) के तौर पर देखा जाता है। इसका मतलब है कि आपको मिलने वाले रिटर्न पर कम से कम टैक्स लगे, ताकि टैक्स चुकाने के बाद आपके पास ज्यादा से ज्यादा मुनाफा बचे। मौजूदा इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act, 2025) के तहत पात्र निवेश पर सेक्शन 123 के अंतर्गत कुल ₹1.50 लाख तक की डिडक्शन का प्रावधान है, जिसमें PPF भी शामिल है। यह लाभ पुरानी टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) चुनने वाले पात्र टैक्सपेयर्स के लिए है। PPF से मिलने वाला ब्याज और मेच्योरिटी अमाउंट भी टैक्स के बाहर (Tax Exemption) है।

इस तरह PPF को आम तौर पर EEE (Exempt-Exempt-Exempt) कैटेगरी में रखा जाता है। हालांकि, टैक्स बेनिफिट (Tax Benefit) लेने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपकी आय और चुना गया टैक्स रिजीम (New Tax Regime) इन नियमों के तहत पात्र है या नहीं।

PPF अकाउंट को एक्टिव रखने के लिए हर फाइनेंशियल ईयर कम से कम ₹500 जमा करना जरूरी है। अगर किसी साल न्यूनतम कॉन्ट्रिब्यूशन नहीं किया जाता है, तो अकाउंट इनएक्टिव (Account Inactive) हो सकता है। इसे दोबारा एक्टिव (Active) कराने के लिए संबंधित नियमों के अनुसार बकाया न्यूनतम डिपॉजिट (Deposit) और पेनॉल्टी (Penalty) का भुगतान करना पड़ता है।

PPF में पार्शियल विड्रॉल (Partial Withdrawal) की सुविधा भी उपलब्ध है। हालांकि, इसके लिए निर्धारित शर्तें लागू होती हैं। सामान्य तौर पर विड्रॉल की सुविधा 7वें फाइनेंशियल ईयर से शुरू होती है। इसलिए यह योजना केवल ब्याज कमाने के लिए ही नहीं, बल्कि लंबे समय के फाइनेंशियल गोल्स (Financial Goals) के लिए भी इस्तेमाल की जाती है।

PPF की 15 साल की मूल अवधि पूरी होने के बाद निवेशक के पास खाते को बंद करने या इसे आगे जारी रखने का विकल्प होता है। इस अकाउंट को 5 साल की अवधि के ब्लॉक में एक्सटेंड किया जा सकता है। अगर निवेशक कॉन्ट्रिब्यूशन जारी रखने का विकल्प चुनता है, तो मौजूदा नियमों के अनुसार नए निवेश पर भी ब्याज मिलता रहता है।

इसलिए, अक्टूबर-दिसंबर 2026 में PPF इंवेस्टर्स के लिए मुख्य अपडेट यही है कि 7.10% की मौजूदा ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं हुआ है। लॉन्ग-टर्म (Long-Term) निवेश करने वालों के लिए PPF की ब्याज दर के साथ-साथ इंवेस्टमेंट पीरियड, टैक्स रिजीम और अपने फाइनेंशियल गोल्स (Financial Goals) को ध्यान में रखकर फैसला करना जरूरी है।

 

More From Author

प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश में चीता प्रोजेक्ट को मिली ऐतिहासिक सफलता का किया उल्लेख

अखिलेश ने तिजोरी भरने के लिए बनाया था एक्सप्रेसवे: चौधरी भूपेंद्र सिंह

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13997/202

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.