फ्रांस में छात्र आंदोलन ने लिया हिंसक रूप, 15 वर्षीय छात्र घायल; 5000 से ज्यादा गिरफ्तार

पेरिस 
फ्रांस की सड़कों पर Gen-Z का गुस्सा अब सिर्फ स्कूलों तक सीमित नहीं है। सैकड़ों स्कूलों के बंद होने, छात्रों और पुलिस के बीच टकराव, गिरफ्तारियों और छात्रों के घायल होने की खबरों France Government के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। सवाल ये है कि आखिर France Gen Z इतने बड़े पैमाने पर सड़कों पर क्यों उतर आए हैं? क्या Education System Crisis अब पूरे फ्रांस के Social Crisis में बदल रहा है? छात्रों का विरोध धीरे-धीरे पूरे फ्रांस में फैलता गया। छात्रों की शिकायत है कि स्कूलों में भीड़ बढ़ रही है, शिक्षकों और जरूरी स्टाफ की कमी है और कई स्कूलों की इमारतें जर्जर हालत में हैं। प्रदर्शन बढ़ने के साथ कई जगह Police और छात्रों के बीच टकराव की खबरें भी सामने आई हैं। रिपोर्ट्स में Lens City में स्कूल के पास हुए धमाके में 15 साल के एक छात्र के घायल होने और इससे पहले 14 साल के एक छात्र के Tear Gas Canister से घायल होने की बात सामने आई है। छात्रों की गिरफ्तारियों और घायलों की संख्या को लेकर भी गंभीर आंकड़े सामने आए हैं। लेकिन कहानी सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं है। फ्रांस में शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, Firefighters, Healthcare Workers और मछुआरे भी अलग-अलग मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे हैं। कहीं Budget और Staff Shortage मुद्दा है, कहीं वेतन और खर्च में कटौती, तो कहीं बढ़ती Fuel Prices का दबाव। फ्रांस की अर्थव्यवस्था पर बढ़ता Debt, Pension और Healthcare का खर्च, Defense Budget का दबाव और Energy Prices में उतार-चढ़ाव सरकार के सामने मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या स्कूलों से शुरू हुआ ये आंदोलन आने वाले दिनों में फ्रांस के बड़े Social Movement में बदल सकता है?

फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब सिर्फ स्कूलों तक सीमित नहीं रह गया है.शिक्षकों की कमी, बढ़ती छात्र संख्या, स्कूलों में भीड़, जर्जर इमारतों और संसाधनों की कमी को लेकर शुरू हुआ विरोध अब देशभर में फैल चुका है.हजारों छात्र सड़कों पर उतर रहे हैं और कई जगह पुलिस के साथ उनकी झड़प भी हुई है.हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े हैं। 

आंदोलन के दौरान कई जगह हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं.लेंस शहर में एक स्कूल के पास हुए धमाके में 15 साल के एक छात्र का हाथ उड़ गया, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया.इससे पहले 14 साल के ईडन नाम के एक छात्र के सिर पर आंसू गैस का गोला लगने की खबर सामने आई थी.उसके जबड़े में दो जगह फ्रैक्चर हुआ और उसे बड़ी सर्जरी से गुजरना पड़ा। 

प्रदर्शन के दौरान अब तक कम से कम 190 छात्रों के घायल होने और 5,060 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है.गिरफ्तार लोगों में 87 प्रतिशत नाबालिग बताए गए हैं.ऐसे में यह आंदोलन अब राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया है। 

फ्रांस में छात्रों का यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और स्कूलों के लिए ज्यादा फंडिंग की मांग को लेकर शुरू हुआ है.छात्रों का कहना है कि स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनके मुकाबले कक्षाएं, शिक्षक और दूसरी जरूरी सुविधाएं उसी अनुपात में नहीं बढ़ाई गई हैं। 

कई स्कूलों में छात्रों की बढ़ती संख्या के कारण भीड़ बढ़ रही है.इसके साथ ही शिक्षकों की कमी और स्कूलों की खराब स्थिति भी छात्रों और शिक्षा कर्मचारियों के लिए बड़ी समस्या बन रही है.इसी वजह से छात्र सरकार से शिक्षा के लिए ज्यादा फंडिंग और स्कूलों में स्टाफ तथा संसाधनों की कमी दूर करने की मांग कर रहे हैं.उत्तरी शहर लिले में प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी ने मीडिया से कहा कि हमें उन्हें सुनना चाहिए. यह बात इस आंदोलन की मुख्य मांग को भी सामने रखती है कि सरकार छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से सुने। 

More From Author

‘दूसरों के वोट डलते थे, मतपेटियां लूटी जाती थीं’, शिवराज ने कांग्रेस पर साधा निशाना

CM साय का सिंगापुर दौरा रहा सफल, ₹43,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव; बोले- सभी MOU होंगे जमीन पर लागू

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 14099/197

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.