3 लाख लोगों को लगाना होगा 5 किमी का चक्कर

भोपाल
शहर में एक के बाद एक रास्ते बंद होने से पुराने भोपाल के कई इलाकों के रहवासियों की परेशानी बढ़ गई है। बरखेड़ी रेलवे फाटक बंद होने के बाद वाहन चालकों के लिए बाग उमराव दूल्हा अंडरब्रिज ही प्रमुख वैकल्पिक रास्ता था, लेकिन अब रेलवे ने इस रास्ते पर भी आवाजाही बंद कर दी है। इससे बाग उमरावदूल्हा, सोनिया कॉलोनी, महामाई का बाग, पुष्पा नगर, बरखेड़ी, ऐशबाग और जहांगीराबाद सहित आसपास के इलाकों के लोगों को लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है।

कई वाहन चालकों का सफर करीब पांच किलोमीटर तक बढ़ गया है। परेशानी इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि बोगदा पुल से बरखेड़ी फाटक की ओर जाने वाली सड़क का करीब 100 मीटर हिस्सा मेट्रो निर्माण के चलते पहले से बंद है। वहीं, 90 डिग्री का ब्रिज बनकर तैयार होने के बावजूद उस पर यातायात शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में लोगों के पास वैकल्पिक रास्तों के सीमित विकल्प बचे हैं।

बैरल लंबाई और सुधार के लिए 6 दिसंबर तक बंद रहेगा रास्ता
रेलवे ने पुल नंबर 835/1 की बैरल लंबाई बढ़ाने और संरचनात्मक सुधार के लिए आठ अक्टूबर से छह दिसंबर तक 63 दिन का ट्रैफिक ब्लाक लिया है। सुरक्षा के मद्देनजर अंडरब्रिज पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। अब वाहन चालकों को सुभाष नगर अंडरब्रिज और ओवरब्रिज से होकर निकलना पड़ रहा है। इसका असर रोजाना काम पर जाने वालों से लेकर विद्यार्थियों और मरीजों को अस्पताल ले जाने वाले परिजनों तक पर पड़ रहा है।

सुभाष नगर अंडरब्रिज और ओवरब्रिज ही अब एकमात्र विकल्प
अंडरब्रिज बंद होने के बाद आसपास के वाहन चालकों को सुभाष नगर अंडरब्रिज और ओवरब्रिज की ओर भेजा जा रहा है। यातायात पुलिस ने भी लोगों से निर्धारित वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने की अपील की है। खासकर अंडरब्रिज के आसपास के दोपहिया और तीन पहिया वाहन चालकों को भी सुभाष अंडरब्रिज का उपयोग करना होगा।

 

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