गेहूं का आटा कितने महीने तक नहीं होता खराब? जानें स्टोर करने का सही तरीका

घर में रोटी बनाने के लिए गेहूं का आटा तो लगभग हर दिन इस्तेमाल होता है. ऐसे में लोग बहुत बार ऐसा करते हैं कि आटा खत्म होने से पहले ही नया आटा मंगवा लिया जाता है. इसके साथ ही कभी-कभी लोग त्योहार या दूसरी वजहों से लोग एक साथ ज्यादा गेहूं पिसवा लेते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि घर में रखा आटा आखिर कितने दिनों तक इस्तेमाल करने लायक रहता है? साफ शब्दों में कहें तो आखिर कितने महीने तक आटा खराब नहीं होता है? क्या इसे महीनों तक डिब्बे में बंद करके रखा जा सकता है या फिर कुछ समय बाद ये खराब होने लगता है?

अक्सर लोग आटे को रसोई में किसी डिब्बे में भरकर रख देते हैं और जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करते रहते हैं. लेकिन आटे को गलत तरीके से रखने पर उसमें नमी आ सकती है, कीड़े लग सकते हैं और उसकी महक भी बदल सकती है. ऐसे में आटे को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए ये जानना जरूरी है कि इसे कितने दिनों तक स्टोर कर सकते हैं, खराब आटे को कैसे पहचाना जाता है और इसे रखने का सही तरीका क्या है.

कितने महीने तक खराब नहीं होता गेहूं का आटा?
गेहूं का आटा कितने समय तक ठीक रहेगा, ये इस बात पर निर्भर करता है कि उसे किस जगह और किस तरह रखा गया है. आमतौर पर पिसे हुए गेहूं के आटे को रूम टेंपरेचर पर करीब 2 से 3 महीने तक रखा जा सकता है. हालांकि, गर्मी, नमी और हवा के कॉन्टैक्ट में आने से आटा जल्दी खराब हो सकता है.

अगर आप आटे को अच्छी तरह बंद होने वाले एयरटाइट डिब्बे में रखते हैं और उसे नमी से बचाते हैं, तो उसकी वो लंबे समय तक खराब नहीं होता है.  वहीं, फ्रिज में रखने से भी आटे को ज्यादा समय तक सेफ रखने में मदद मिल सकती है. सही तरीके से पैक करके फ्रीजर में रखने पर इसकी शेल्फ लाइफ और बढ़ सकती है.

लेकिन ध्यान रखें कि आटे को कितने समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है, ये इस बात पर निर्भर करता है कि वो कब पिसा है, उसकी पैकिंग कैसी है और उसे कहां स्टोर किया गया है. इसलिए सिर्फ महीनों की गिनती के आधार पर आटे को इस्तेमाल करना सही नहीं है.

आटा खराब हो गया है, कैसे पहचानें?
कई बार आटा देखने में सही लगता है, लेकिन उसकी महक या टेक्शचर में बदलाव आने लगता है. ऐसे में कुछ बातों पर ध्यान देकर आप पता लगा सकते हैं कि आटा इस्तेमाल करने लायक है या नहीं.

1. आटे से अजीब महक आना: ताजे आटे में आमतौर पर गेहूं जैसी हल्की नेचुरल खुशबू आती है. अगर आटे से खट्टी, बासी या तेल जैसी अजीब महक आने लगे, तो उसे इस्तेमाल करने से बचें.

2. आटे में गांठें बनना: अगर आटा नमी के कॉन्टैक्ट में आ गया है, तो उसमें गांठें बन सकती हैं. खासकर जब आटा गीला महसूस हो या उसमें सीलन के संकेत दिखें, तो उसे नजरअंदाज न करें.

3. कीड़े दिखाई देना: आटे में छोटे कीड़े, लार्वा या जाले जैसी चीजें दिखें तो समझ जाएं कि आटा खराब हो गया है. ऐसे आटे का इस्तेमाल न करें.

4. रंग और टेक्शचर में बदलाव: आटे का रंग नॉर्मल से अलग दिखने लगे या उसमें फफूंदी नजर आए, तो उसे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

5. स्वाद में कड़वापन: अगर आटे से बनी रोटी का स्वाद हल्का भी बदला लगे, तो उसे खाना बंद कर दें. हालांकि, खराब आटे को चेक करने के लिए उसे चखना जरूरी नहीं है. महक, रंग और टेक्शचर में बदलाव दिखने पर ही सावधानी बरतें.

आटे को लंबे समय तक कैसे रखें सही?
1. एयरटाइट डिब्बे में रखें आटा: आटे को हमेशा साफ, सूखे और अच्छी तरह बंद होने वाले डिब्बे में रखें. इससे वो हवा और नमी के कॉन्टैक्ट में कम आता है. डिब्बे को इस्तेमाल करने से पहले ये भी देख लें कि उसमें गीलापन या पुराना आटा न हों.

2. नमी और गर्मी से बचाकर रखें: आटे का डिब्बा ऐसी जगह रखें जहां सीधी धूप न आती हो और भाप या पानी का कॉन्टैक्ट न हो. गैस चूल्हे के ठीक पास या सिंक के आसपास आटा रखने से बचें, क्योंकि वहां गर्मी और नमी ज्यादा हो सकती है.

3. जरूरत के हिसाब से ही खरीदें: अगर आपके घर में कम लोगों के लिए खाना बनता है, तो एक साथ बहुत ज्यादा आटा खरीदने के बजाय जरूरत के हिसाब से खरीदें. इससे आटा लंबे समय तक पड़ा नहीं रहेगा और उसके खराब होने के चांस भी कम होते हैं.

4. पुराने और नए आटे को अलग रखें: जब नया आटा लाएं, तो उसे तुरंत पुराने आटे में न मिलाएं. पहले पुराना आटा इस्तेमाल कर लें और डिब्बे को साफ करके अच्छी तरह सुखा लें. इसके बाद ही उसमें नया आटा भरें. इससे पुराने आटे में मौजूद नमी या कीड़ों के नए आटे तक पहुंचने का खतरा कम होगा.

5. ज्यादा आटा है तो फ्रिज या फ्रीजर का इस्तेमाल करें: अगर आपने एक साथ ज्यादा गेहूं पिसवा लिया है, तो इस्तेमाल के लिए थोड़ी मात्रा अलग रख लें और बाकी आटे को अच्छी तरह बंद पैकिंग में ठंडी जगह पर रखें. ज्यादा समय तक सुरक्षित रखने के लिए फ्रीजर का ऑप्शन भी इस्तेमाल कर सकते हैं. ध्यान रखें कि आटे को बाहर निकालते समय पैकिंग में नमी न जाने दें.

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