आतंकी फंडिंग और आधार के दुरुपयोग का डर दिखाकर 47 लाख की ठगी, खुद को ATS-NIA अधिकारी बताकर बनाया शिकार

लखनऊ
 कश्मीर में सिम कार्ड, बैंक खाते और आतंकी फंडिंग का नाम लेकर साइबर जालसाजों ने रेलवे के 69 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी आलोक कुमार शर्मा को नौ दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा।

खुद को एटीएस और एनआइए का अधिकारी बताकर जेल भेजने की धमकी दी और जांच के नाम पर उनके बैंक खातों व एफडी की जानकारी हासिल कर ली। 15 से 23 अक्टूबर के बीच जालसाजों ने अलग-अलग खातों में 47 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। अलीगंज निवासी पीड़ित की तहरीर पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

आधार के दुरुपयोग और आतंकी फंडिंग का डर दिखाया
इंस्पेक्टर साइबर थाना के मुताबिक, आलोक कुमार शर्मा ने बताया कि 15 अक्टूबर की दोपहर उनके पास व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाली ने खुद को लखनऊ पुलिस मुख्यालय में तैनात सीनियर इंस्पेक्टर अनीता शर्मा बताया।

उसने कहा कि उनके आधार कार्ड का दुरुपयोग कर कश्मीर में एक सिम कार्ड लिया गया है। इसी सिम से एचडीएफसी बैंक में खाता खोला गया और उसके जरिये आतंकी आसिफ फौजी को फंडिंग की गई है। जालसाजों ने उनके नाम वारंट जारी होने की बात कहकर जेल भेजने की धमकी दी।

पीड़ित ने बीमारी का हवाला देकर वारंट घर भेजने को कहा तो जालसाजों ने उन्हें एटीएस के पुणे मुख्यालय के अधिकारियों से बात करने को कहा। इसके बाद खुद को एटीएस अधिकारी प्रेम कुमार गौतम बताने वाले व्यक्ति ने वीडियो कॉल की और पुणे कार्यालय पहुंचने का दबाव बनाया।

24 घंटे निगरानी का दावा कर किसी से बात करने पर लगाई रोक
पुणे जाने में असमर्थता जताने पर आरोपित ने एनआइए चीफ राकेश अग्रवाल के नाम से एक अन्य व्यक्ति से बात कराने का दावा किया।

उसने जांच में सहयोग करने के नाम पर बैंक खातों और आधार से जुड़ी जानकारी मांगी। साथ ही धमकाया कि जांच पूरी होने तक किसी को कुछ बताया तो जेल भेज दिया जाएगा। जालसाजों ने 24 घंटे सर्विलांस टीम की निगरानी होने की बात कहकर पीड़ित पर दबाव बनाए रखा।

इस दौरान आरोपितों ने उनके बैंक खातों और एफडी की जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद 23 अक्टूबर तक अलग-अलग खातों में 47 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। रकम मिलने के बाद भी उनकी मांग बढ़ती रही तो पीड़ित को संदेह हुआ।

परिचित से बताई आपबीती, तब खुला ठगी का राज
लगातार धमकियों और रुपये की मांग से परेशान होकर आलोक कुमार शर्मा ने फोन काटा और एक परिचित को पूरी जानकारी दी। परिचित ने ठगी की आशंका जताई तो उन्होंने परिवार को बताया और साइबर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। इंस्पेक्टर साइबर थाना ने बताया कि मोबाइल नंबरों के आधार पर आरोपितों की पहचान और ठगी की रकम के लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।

 

More From Author

MP के विकास प्रोजेक्ट्स पर सांसदों की रहेगी नजर, केंद्र के मंत्रालयों से समन्वय के लिए बनेगी नई व्यवस्था

शाहरुख खान की फिल्म ‘King’ का नया पोस्टर रिलीज, 24 दिसंबर को सिनेमाघरों में मचेगा धमाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 14099/197

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.