राजसमंद में पटाखा कारोबारियों को राहत, तय सुरक्षा मानकों के बाद ही आवंटित होंगी दुकानें

राजसमंद
दीपावली की आहट के साथ ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। मिठाइयों की महक, रोशनी से सजी दुकानें और खरीदारी के लिए उमड़ती भीड़ त्योहार के उत्साह को बढ़ा रही है। इस बार दीपावली के बाजार में पटाखों की चमक के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी खास जोर रहेगा। जिला प्रशासन ने ग्रीन पटाखों की बिक्री को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। खुले में पटाखे बेचने पर रोक लगाते हुए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अस्थायी दुकानों के आवंटन की व्यवस्था की जा रही है। भीम में 13 दुकानदारों ने इसके लिए सहमति जताई है। विस्फोटक अधिनियम के तहत ग्रीन पटाखों की बिक्री के लाइसेंस के लिए आवेदन किए जा रहे हैं। आवेदन मिलने के बाद पुलिस की रिपोर्ट और आवश्यक जांच के आधार पर प्रशासन अस्थायी दुकानों का आवंटन करेगा। ऐसे में इस बार पटाखों की बिक्री केवल निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही हो सकेगी। दीपावली तक बाजार में ग्रीन पटाखों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।

कम प्रदूषण वाले पटाखों पर रहेगा जोर
राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार बाजार में केवल ग्रीन पटाखों की बिक्री को अनुमति देने की व्यवस्था की गई है। इन पटाखों में पारंपरिक पटाखों की तुलना में कुछ हानिकारक रसायनों और उत्सर्जन को कम करने पर जोर दिया जाता है। इसका उद्देश्य त्योहार के दौरान वायु प्रदूषण के प्रभाव को कम करना है, ताकि उत्सव की खुशियों के साथ पर्यावरण का भी ध्यान रखा जा सके। ग्रीन पटाखों की श्रेणी में जमीन चक्कर, फुलझड़ियां, अनार, सतरंगी रोशनी देने वाले पटाखे, तीन रंगों वाली पेंसिल, टिकिया, रॉकेट और पटाखों की लड़ियां शामिल हैं। बाजार में 200 से 5000 तक की लड़ियों के विकल्प भी उपलब्ध होने की उम्मीद है। हालांकि, रॉकेट, सुतली बम और अन्य उत्पादों की बिक्री संबंधित नियमों तथा अनुमोदित श्रेणियों के अनुरूप ही हो सकेगी।

क्यूआर कोड से कर सकेंगे असली ग्रीन पटाखों की पहचान
ग्रीन पटाखों की पहचान को आसान बनाने के लिए प्रत्येक पैकेट पर क्यूआर कोड दिया जाएगा। खरीदार मोबाइल से कोड स्कैन कर उत्पाद से संबंधित जानकारी हासिल कर सकेंगे। इससे यह जांचने में मदद मिलेगी कि पटाखा प्रमाणित ग्रीन श्रेणी का है या नहीं। उत्पाद की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी) से संबंधित प्रमाणन विवरण और अन्य जरूरी जानकारी भी देखना महत्वपूर्ण होगा। प्रशासन की ओर से उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। केवल आकर्षक पैकिंग देखकर पटाखे खरीदने के बजाय उनकी प्रमाणिकता और बिक्री की वैधता की जांच करना जरूरी होगा।

दस्तावेजों की जांच के बाद मिलेगा दुकानों का आवंटन
पटाखों की अस्थायी दुकान लगाने के इच्छुक व्यापारियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसके लिए दुकानदारों को शपथ पत्र, साइट प्लान और अग्निशमन यंत्र की रसीद सहित जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। प्रशासन सभी आवेदनों की जांच के बाद ही दुकानों का आवंटन करेगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पटाखों की बिक्री को व्यवस्थित करना और किसी भी संभावित दुर्घटना की आशंका को कम करना है। निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले दुकानदारों को ही अस्थायी लाइसेंस दिए जाएंगे। बिना अनुमति पटाखों की बिक्री करने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है।

दुकानों के बीच 15 मीटर की दूरी अनिवार्य
पटाखों की बिक्री के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। नियमों के अनुसार प्रत्येक दुकान के बीच कम से कम 15 मीटर की दूरी रखनी होगी। इसके साथ ही हर दुकान पर अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य होगा। ग्रीन पटाखों की बिक्री भी केवल अस्थायी लाइसेंस प्राप्त दुकानदार ही कर सकेंगे। सुरक्षा मानकों का पालन होने से पटाखा बाजार में भीड़ प्रबंधन और आग जैसी घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। ऐसे में व्यापारियों के लिए लाइसेंस प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि निर्धारित शर्तों का पालन करना भी जरूरी होगा।

पटाखे चलाने के लिए निर्धारित रहेगा समय
त्योहारों के दौरान ध्वनि और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से पटाखे चलाने के लिए समय निर्धारित किया गया है। दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार दीपावली को रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे चला सकेंगे। लोगों को इस समय-सीमा का ध्यान रखते हुए ही आतिशबाजी करनी होगी।

प्रदूषण पर नियंत्रण की रहेगी चुनौती
दीपावली के बाद हवा में धुआं, धूल और पटाखों से निकलने वाले कणों की मात्रा बढ़ना हर साल चिंता का विषय रहता है। आतिशबाजी से निकलने वाला धुआं वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में ग्रीन पटाखों को बढ़ावा देने के पीछे प्रमुख उद्देश्य प्रदूषण के प्रभाव को कम करना है। कोरोना महामारी के दौरान वर्ष 2021 में पटाखों पर लगी रोक के बीच प्रदूषण के स्तर में कमी दर्ज होने का उल्लेख किया गया था। इस बार भी प्रशासन और पर्यावरण विभाग की कोशिश है कि त्योहार के दौरान प्रदूषण पर नजर रखी जाए। इसके लिए पर्यावरण विभाग की ओर से विशेष एयर मॉनिटरिंग टीम तैनात करने की व्यवस्था का भी उल्लेख है।व्यापारियों को अच्छी बिक्री की उम्मीददीपावली को देखते हुए पटाखा कारोबारियों ने ग्रीन पटाखों का स्टॉक मंगवाना शुरू कर दिया है। वहीं, कुछ दुकानदारों ने प्रशासनिक कार्रवाई की आशंका के चलते पुराने स्टॉक को बाहर नहीं निकाला है। व्यापारियों का कहना है कि दीपावली पर फुलझड़ियां और अनार बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की पसंद बने रहते हैं। ग्रीन पटाखों के आकर्षक रंग और रोशनी के कारण इस बार भी अच्छी बिक्री की उम्मीद जताई जा रही है। व्यापारियों को उम्मीद है कि मांग केवल राजसमंद शहर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी खरीदार पहुंचेंगे। हालांकि, बिक्री का वास्तविक दायरा बाजार में उपलब्धता, कीमत और प्रशासनिक अनुमति पर निर्भर करेगा।

पटाखे खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
    पैकेट पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर उत्पाद की जानकारी जांचें।
    नीरी से संबंधित प्रमाणन विवरण और सर्टिफिकेट नंबर देखें।
    बिना लाइसेंस वाली दुकानों से पटाखे खरीदने से बचें।
    पैकेट पर दिए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
    पटाखे चलाते समय बच्चों की सुरक्षा और आसपास के लोगों की सुविधा का ध्यान रखें।

त्योहार की खुशी के साथ पर्यावरण की जिम्मेदारी
ग्रीन पटाखों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से प्रमाणित उत्पादों की बिक्री, लाइसेंस प्रक्रिया और निगरानी पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य दीपावली के उत्साह को बनाए रखते हुए पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को कम करना है। राजसमंद में इस बार दीपावली की तैयारियां रोशनी, सजावट और खरीदारी के साथ पर्यावरण संरक्षण के संदेश को भी आगे बढ़ाएंगी। ग्रीन पटाखों की बिक्री के लिए नियमों का पालन, दुकानों में सुरक्षा व्यवस्था और उपभोक्ताओं की जागरूकता इस प्रयास की अहम कड़ी होंगे। त्योहार का असली उत्साह तभी सार्थक होगा, जब खुशियों के साथ हवा, पर्यावरण और लोगों की सुरक्षा का भी ख्याल रखा जाए।

More From Author

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी, देश के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों को 18,690 करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित

प्रधानमंत्री ने बस्तर के कलाकारों से की आत्मीय बातचीत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 14099/197

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.