वाराणसी में घर के अंदर चल रही थी हथियार फैक्ट्री, छापेमारी में बड़ा खुलासा

वाराणसी
पी के वाराणसी के लंका पुलिस ने अवैध असलहा बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सामने घाट स्थित शिवाजी नगर कॉलोनी के एक मकान में छापा मारकर बड़ी संख्या में अवैध असलहे, कारतूस और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए। मौके से तीन .32 बोर की देसी पिस्टल, 19 अधबने तमंचे-पिस्टल, छह मैगजीन और 143 कारतूस समेत कुल 61 तरह के सामान मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, मकान के कमरे में असलहे बनाने का काम किया जा रहा था। तैयार हथियारों को शहर के अलग-अलग इलाकों में बेचकर मोटी कमाई की जाती थी।गिरफ्तार आरोपितों में विमल कांत झा और डाफी स्थित अशोकपुरम कॉलोनी निवासी अमन कुमार मिश्रा शामिल हैं। विमल कांत झा का बेटा अंजनी चंद्र झा इस अवैध कारोबार का मुख्य संचालक है। पुलिस उसकी भूमिका और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

शनिवार की रात भेलूपुर क्षेत्र में असलहा तस्करी से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान पुलिस को गोपनीय सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने सर्विलांस और मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालनी शुरू की। जांच में अंजनी चंद्र झा के मोबाइल से अमन कुमार मिश्रा के नंबर पर घटना से कुछ समय पहले बातचीत होने की जानकारी मिली। इस पर पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लेकर उसकी लोकेशन और उपयोगकर्ता के बारे में पता लगाया।

इसके बाद अमन कुमार मिश्रा को पूछताछ के लिए पुलिस चौकी बुलाया गया। पूछताछ में उसने अंजनी चंद्र झा से अपनी पुरानी दोस्ती होने की बात स्वीकार की। उसने बताया कि घटना से कुछ समय पहले अंजनी ने फोन कर उसे बुलाया था, लेकिन निजी कार्य में व्यस्त होने के कारण वह नहीं जा सका। पुलिस की पूछताछ में उसने अंजनी के अवैध असलहों के कारोबार से जुड़े होने की जानकारी भी दी।

मकान के कमरे में चल रही थी असलहे बनाने की तैयारी
पुलिस के मुताबिक, अमन मिश्रा ने पूछताछ में बताया कि अंजनी चंद्र झा के सामने घाट स्थित मकान में असलहे बनाने के उपकरण और कच्चा माल रखा गया है। इसके बाद पुलिस टीम उसे साथ लेकर शिवाजी नगर कॉलोनी पहुंची। वहां मकान के निचले तल पर बने कमरे की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में असलहे बनाने का सामान बरामद हुआ।

कमरे से अधबने तमंचे-पिस्टल, विभिन्न बोर के कारतूस, मैगजीन, लोहे की प्लेटें, छोटे-बड़े लोहे के टुकड़े, पाइप, वेल्डिंग मशीन, ग्राइंडर, ड्रिल मशीन, पॉलिश मशीन, हथौड़े, आरी, रिंच और अन्य उपकरण मिले। इसके अलावा हथियारों के अलग-अलग हिस्से तैयार करने के लिए लकड़ी के बट, मुट्ठियां और डिजाइन बनाने के सांचे भी बरामद हुए। पुलिस ने मौके से तीन तैयार .32 बोर की देसी पिस्टल भी जब्त कीं।

बेटे के साथ असलहे का बिजनेस करता था पिता
मकान मालिक विमल कांत झा से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह दो-तीन महीने पहले ही इस मकान में आया था। उसके बेटे अंजनी चंद्र झा को असलहे बनाने और बेचने का काम करने की आदत पड़ गई थी। उसके दो दोस्त भी मकान पर आते-जाते थे। सभी ने मिलकर असलहे बनाने के लिए उपकरण और कच्चा माल जुटाया था। मकान में ही हथियारों के हिस्से तैयार कर उन्हें अलग-अलग जगहों पर बेचने का काम किया जाता था। इस अवैध कारोबार से होने वाली कमाई के लालच में वह भी बेटे की मदद करने लगा था। मिश्रा ने भी पूछताछ में असलहा निर्माण और आपूर्ति से संबंधित जानकारी दी।

मौके पर मिला ये सामान
पुलिस ने मौके से बरामद सामान का विस्तृत विवरण तैयार किया है। इसमें .32 बोर के 65 जिंदा कारतूस, .315 बोर के 40 कारतूस, .45 बोर के 30 कारतूस, 24 खोखा कारतूस और आठ अन्य जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा 19 अधबने देसी तमंचे और पिस्टल, छह मैगजीन, 15 अधबने तमंचों की मुट्ठियां और पांच अधबनी मैगजीन भी मिली हैं। हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली लोहे की प्लेटें, 309 छोटे-बड़े लोहे के टुकड़े, नौ स्प्रिंग, वेल्डिंग इलेक्ट्रोड, ग्राइंडिंग और पॉलिश मशीन, ड्रिल मशीन, डाई ग्राइंडर, पाइप, लकड़ी के उपकरण और अन्य औजार भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने बरामदगी के बाद सभी सामान को कब्जे में लेकर सील कर दिया।

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