दीपावली पर सभी व्यवस्थाएं रहें चाक-चौबंद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अवैध शराब कतई नही बिकने पाए
प्रतिबंधित पटाखों, कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप का उपयोग नही होने पाए
मादक पदार्थों की अवैध खेती और इनके उपयोग पर लगाएं रोक
धनतेरस के दिन शत-प्रतिशत रजिस्ट्री कराने के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ जाएं
जिले में खाद-उर्वरक की किल्लत हुई, तो कलेक्टर्स माने जाएंगे जिम्मेदार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कानून व्यवस्था एवं आगामी त्यौहारों की तैयारी के संबंध में सभी कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ की वीडियो कान्फ्रेंसिंग

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सभी लोग दीपावली हर्ष और आनंद से मनायें, परंतु कहीं भी किसी भी प्रकार का असामाजिक काम न हों। इसके लिए पुलिस और प्रशासन कानून व्यवस्था की सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दीपावली और किसानों के लिए महत्वपूर्ण समय है। दीपावली पर्व और किसानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए प्रदेश का पूरा प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर रहे। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद-उर्वरक या अन्य किसी प्रकार की कठिनाई आई तो इसके लिए कलेक्टर्स जिम्मेदार माने जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन से प्रदेश के सभी कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षकों को वीडियो कान्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे।

छोटे व्यापारियों को तहबाजारी से छूट दें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी कलेक्टर्स एवं एसपी से कहा कि दीपावली के दौरान अवैध एवं प्रतिबंधित पटाखों का उपयोग न होने पाए। मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप के उपयोग पर भी अंकुश लगाया जाए। उन्होंने कहा कि दीपावली के दौरान बड़े बाजारों में फल, फूल, दिया-बाती, झालर जैसी दुकानें लगाने वाले छोटे दुकानदारों को तहबाजारी से छूट दी जाएं। उन्हें अनावश्यक परेशान न किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के अधिकारी दीपावली के दिन छोटे-छोटे बच्चों, गरीब बस्तियों, अनाथालय और वृद्धाश्रम में जाकर उनके साथ दीपावली मनायें।

अवैध शराब के विरूद्ध करें कठोर कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के अधिकारियों से कहा कि वे अपने जिले में अवैध शराब के उपयोग, निर्माण और परिवहन पर सख्त से सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि जहरीली और नकली शराब बनाने वाले स्थानों को चिन्हित करें और ऐसे लोगों पर कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध शराब विक्रय में एजेन्टी, पैकारी और डायरी व्यवस्था जैसे असामाजिक कार्यों को सख्ती से रोका जाएं। शराब का परिवहन करने वाले वाहनों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाए। वैध लायसेंसी शराब की तय कीमत से अधिक कीमत न लें, यह सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी समय-समय पर मदिरा के नमूने भी लें और यदि उस मदिरा में मानव उपयोग के लिए हानिकारक तत्व पाए जाते हैं तो ऐसे लायसेंसी पर कठोर कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार की विषम परिस्थिति उत्पन्न न हों, इसके लिए कलेक्टर्स, पुलिस अधीक्षक और आबकारी अधिकारी मिलकर जिले में एक सुव्यवस्था स्थापित करें।

नशे के विरूद्ध अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को नशामुक्त प्रदेश बनाने के लिए केन्द्र सरकार के मार्गदर्शन में नशामुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए यह बेहद जरूरी है कि मादक पदार्थ जैसे गांजा, अफीम आदि की अवैध खेती पर सख्ती से अंकुश लगाया जाए। नारकोटिक्स कंट्रोल के लिए नारको नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करें। मादक पदार्थ बनाने वाली लैब्स बंद करायें। इसके लिए कॉम्बेट टीम बनाकर इसे सक्रिय करें। अपराधियों पर पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करें। पुलिस और नारकोटिक्स टीम मिलकर सघन चैकिंग चलायें। नशामुक्ति अभियान के लिए गठित जिला स्तरीय समिति (एन्कोर कमिटी) की लगातार मीटिंग करें। अपने जिले के स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेन्टर, बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन जैसी जगहों पर विशेष निगरानी रखें और अवैध रूप से मादक पदार्थों का विक्रय करने वालों के पूरे नेटवर्क का सफाया करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी अपने जिले के जनजातीय एवं अन्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए बनाए गए छात्रावासों को गोद ले और विद्यार्थियों को गुटखा, तम्बाकू, खैनी जैसे नशे का उपयोग कतई नही करने के लिए प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों में नशा मुक्ति सह पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएं। जिन जिलों में सामाजिक संस्थाओं द्वारा नशामुक्ति केंद्र चलाए जा रहे हैं, उन्हें केंद्र सरकार के सामाजिक अधिकारिता मंत्रालय से अनुदान दिलाएं और जिन जिलों में कोई नशामुक्ति केंद्र नहीं है वहां ऐसे केंद्र की स्थापना के लिए प्रस्ताव दें। जो जिले नशामुक्ति के मामले में अच्छा काम कर रहे हैं उनकी ग्रेडिंग भी की जाए।

9 नवम्बर को मनाएं गोवर्धन पूजा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 9 नवम्बर को प्रदेश भर में गोवर्धन पूजा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इसी दिन भोपाल में भी बड़ा आयोजन आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले की सभी गौशालाओं में गौपूजन किया जाए एवं गाय के सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक महत्व के आयोजन किए जाएं। गौशालाओं में टीवी स्क्रीन लगाकर भोपाल में होने वाले कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण गौपालकों और किसानों को दिखाएं। उन्होंने कहा कि गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार प्रतियोगिता के वृंदावन ग्राम के विजेता पशुपालकों को निकट की गौशाला में बुलाकर उन्हें शाल, श्रीफल, पगड़ी और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाए। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के 6 विजेताओं को पुरस्कार दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवर्धन पूजा के माध्यम से प्रदेश में पशुपालकों को सरकार द्वारा दिए जा रहे प्रोत्साहन, अनुदान एवं तकनीकी सहायता का व्यापक प्रचार-प्रसारकिया जाए, साथ ही पशुपालकों को दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित भी किया जाए। गोवर्धन पूजा के दिन बैलगाड़ी प्रतियोगिता भी कराई जा सकती है।

धनतेरस के दिन अपने जिले में शत-प्रतिशत रजिस्ट्री कराये
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में प्लाट और मकान के कच्चे पट्टे धारकों की पक्की रजिस्ट्री कराकर उन्हें नि:शुल्क देने का अभियान चल रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टर्स से कहा कि वे धनतेरस के दिन अपने जिले के अधिक से अधिक गांव में मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना (स्वामित्व रजिस्ट्री) की शत-प्रतिशत रजिस्ट्री कराने के लिए स्थानीय सांसद, विधायक के साथ जाएं और शत-प्रतिशत रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में रजिस्ट्री कराने में जिन पटवारियों एवं तहसीलदारों ने उल्लेखनीय कार्य किया है उन्हें आगामी 26 जनवरी को सम्मानित किया जाए। उनके काम का रिकार्ड रखा जाए और यह बड़ी उपलब्धि उनकी सर्विस बुक में भी इंद्राज की जाए।

खाद-उर्वरक भण्डारण/वितरण की समीक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह किसानों के लिए खेती-किसानी के काम और खाद-उर्वरक की जरूरत का वक्त है। किसी भी जिले में किसानों को खाद-उर्वरक की आवश्यकतानुसार आपूर्ति में कोई कठिनाई न होने पाए। यदि किसानों को कठिनाई हुई तो इसके लिए कलेक्टर जिम्मेदार माने जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए कलेक्टर से लेकर कृषि एवं विपणन विभाग के सभी अधिकारी- कर्मचारी अलर्टमोड पर रहें और किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार खाद-उर्वरक का वितरण कराएं। बैठक में सचिव कृषि ने बताया कि प्रदेश में खाद आपूर्ति में कोई परेशानी नहीं है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के जिन 12 जिलों में इस वर्ष सामान्य वर्षा हुई है, वहां आनावारी के आंकड़े आने के बाद जल्द से जल्द सर्वे कराएं और किसानों को सरकार की योजना के तहत पात्रतानुसार राहत राशि का वितरण किया जाए।

बैठक में मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह श्री संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव संस्कृति श्री शिव शेखर शुक्ला, अपर मुख्य सचिव सह कृषि उत्पादन आयुक्त श्री केसी गुप्ता, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुखबीर सिंह, प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय श्रीमती सोनाली वायंगणकर, एडीजी (इंटेलिजेंस) श्री अंशुमन यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

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