एआई टेक्नोलॉजी से कैंसर का इलाज होगा और बेहतर, चिकित्सा जगत में नई क्रांति

नई दिल्ली 
अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की टीम ने एक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल बनाया है, जो कैंसर के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, यह नई तकनीक कैंसर के इलाज में एक बड़ी समस्या को हल करती है, कई बार ट्यूमर में एक जैसी नहीं, बल्कि अलग-अलग तरह की कोशिकाएं होती हैं। इसे 'ट्यूमर हेटेरोजेनेटी' कहा जाता है। हर तरह की कोशिका इलाज पर अलग-अलग तरीके से प्रतिक्रिया करती है।
कुछ कोशिकाएं इलाज से मर जाती हैं, लेकिन कुछ बच जाती हैं, जो आगे चलकर कैंसर की वापसी का कारण बनती हैं। 'एएनेट' नाम का एआई टूल ऑस्ट्रेलिया के गारवन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च और अमेरिका की येल स्कूल ऑफ मेडिसिन ने मिलकर बनाया है। यह टूल कैंसर की हर एक कोशिका के अंदर होने वाली जीन की गतिविधि को गहराई से अध्ययन करेगा। अंतरराष्ट्रीय रिसर्च टीम ने बताया कि इस एआई टूल की मदद से ट्यूमर के अंदर 5 अलग-अलग तरह की कोशिकाएं पाई गईं। हर एक का अपना अलग व्यवहार और फैलने के अलग-अलग खतरे थे। पुराने तरीकों से डॉक्टर सभी कैंसर कोशिकाओं को एक जैसा मानकर इलाज करते थे, लेकिन अब इस नई तकनीक से बेहतर इलाज किया जा सकेगा।
गारवन इंस्टीट्यूट की एसोसिएट प्रोफेसर क्रिस्टीन चैफर ने बताया, "ट्यूमर हेटेरोजेनेटी एक बड़ी समस्या है, क्योंकि ट्यूमर का इलाज सभी कोशिकाओं को एक जैसी मानकर किया जाता है। इसके तहत, हम एक ऐसी थेरेपी देते हैं, जो ट्यूमर की ज्यादातर कोशिकाओं को एक खास तरीके से मारती है। लेकिन हर कोशिका उस इलाज से नहीं मरती, और वे बचकर कैंसर को दोबारा फैला सकती हैं। एएनेट एआई टूल हमें ट्यूमर के अंदर की विविधता को जैविक रूप से पहचानने में मदद करता है।"
येल यूनिवर्सिटी की एसोसिएट प्रोफेसर स्मिता कृष्णास्वामी इस एआई टूल की सह-निर्माता हैं। उन्होंने बताया कि यह पहली ऐसी तकनीक है जो कोशिकाओं की जटिलता को आसानी से समझने वाले प्रकारों में बदल सकती है। इससे कैंसर के सटीक इलाज में बहुत बड़ा बदलाव आ सकता है। यानी यह तकनीक प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी को पूरी तरह बदल सकती है। यह तकनीक अब इलाज के लिए तैयार है। 'कैंसर डिस्कवरी' नामक जर्नल में छपे इस अध्ययन में यह भी बताया गया है कि यह तकनीक स्तन कैंसर में तो सफल साबित हुई ही है, साथ ही यह दूसरे तरह के कैंसर और ऑटोइम्यून बीमारियों के लिए भी फायदेमंद हो सकती है, जो पर्सनलाइज्ड मेडिसिन की दिशा में एक बड़ा कदम है।

More From Author

साय कैबिनेट की बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन को दी जाएगी विदाई

जो रूट के निशाने पर द्रविड़ का बड़ा रिकॉर्ड, एजबेस्टन टेस्ट में बन सकता है नया इतिहास

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13766/145

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.