नन्हे छात्रों को बड़ी राहत, राजस्थान में पहली से पांचवीं तक हल्के होंगे स्कूल बैग

जयपुर
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ी राहत देने की तैयारी कर ली है। बच्चों के स्कूल बैग का बढ़ता भार लंबे समय से चिंता का विषय रहा है, जिसे कम करने के लिए अब नई शिक्षा नीति के तहत महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की जा रही है। शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि सत्र 2026-27 से प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों का वितरण दो चरणों में किया जाएगा।

नई व्यवस्था के अनुसार, पूरे सत्र की सभी किताबें एक साथ देने के बजाय सीमित पाठ्यपुस्तकें एक चरण में दी जाएंगी। इससे विद्यार्थियों के स्कूल बैग का भार वर्तमान की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भारी बैग बच्चों के शारीरिक विकास पर नकारात्मक असर डालते हैं, ऐसे में यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद फायदेमंद साबित होगा।

शासन सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग कृष्ण कुणाल ने जानकारी देते हुए बताया कि सत्र 2027-28 से पाठ्यपुस्तकों का आवंटन तिमाही आधार पर किया जाएगा। इसका मतलब यह होगा कि विद्यार्थियों को हर तीन महीने में पाठ्यक्रम के अनुसार सीमित पुस्तकें दी जाएंगी। इस व्यवस्था के पूरी तरह लागू होने के बाद बच्चों पर पुस्तकों का भार और घटकर वर्तमान का लगभग 50 प्रतिशत रह जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल बच्चों के लिए पढ़ाई को बोझ नहीं, बल्कि एक आनंददायक और सहज अनुभव बनाने की दिशा में ठोस कदम है।

शिक्षा विभाग का मानना है कि पुस्तक भार कम होने से बच्चों की नियमित स्कूल उपस्थिति में भी सुधार होगा। हल्का बैग होने से बच्चे स्कूल जाने में अधिक उत्साह महसूस करेंगे और शारीरिक थकान भी कम होगी। इसके साथ ही पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी और बच्चों की एकाग्रता में भी सुधार देखने को मिलेगा। अभिभावकों के लिए भी यह फैसला राहत भरा है, क्योंकि वे लंबे समय से बच्चों के भारी स्कूल बैग को लेकर चिंता जताते रहे हैं।

यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसमें बच्चों पर अनावश्यक शैक्षणिक दबाव कम करने और बाल-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। नई व्यवस्था से न केवल बच्चों का शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि उनकी सीखने की क्षमता और मानसिक विकास पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। शिक्षा विभाग की इस पहल को अभिभावकों और शिक्षाविदों द्वारा सराहा जा रहा है, और इसे प्राथमिक शिक्षा में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

More From Author

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सोमनाथ हमारे आत्मबल, पुनर्जागरण और अविनाशी विश्वास का है प्रतीक

न्यूजीलैंड की बढ़ी मुश्किलें, सीनियर पेसर की इंजरी से टी20 वर्ल्ड कप पर संकट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.