इस वर्ष 25 मई से लेकर 2 जून तक नौतपा रहने वाला है. नौतपा साल के 9 सबसे गर्म दिनों को कहा जाता है. कहते हैं कि इस दौरान सूर्य देव का ताप अपने चरम पर होता है और धरती पर बेहिसाब गर्मी पड़ती है. यह नौतपा अधिक मास के बीच पड़ रहा है, इसलिए इसका धार्मिक महत्व भी ज्यादा है. ज्योतिषिवदों का कहना है कि नौतपा में दान-धर्म के कार्यों से बड़ा पुण्य मिलता है. आप चाहें तो नौतपा के नौ दिन नौ विशेष उपाय कर इसका लाभ उठा सकते हैं.
1. सूर्य अर्घ्य
नौतपा में हर रोज सुबह जल्दी उठकर सूर्य देव को अर्घ्य दे. इस दौरान तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें एक लाल फूल और रोली डालकर ही आर्घ्य दें. आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा.
2. जल दान
नौतपा के दिनों में जल या शरबत का दान करने से भी बड़ा पुण्य मिलता है. इस भीषण गर्मी में राहगीरों और जरूरतमंदों को मीठे शरबत या सादे जल का सेवन जरूर कराएं.
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3. मौसमी फलों का दान
नौतपा की धधकती गर्मी के बीच आपको मौसमी फलों का दान करने से भी बहुत पुण्य मिलेगा. इस मौसम में आप खरबूजा, तरबूज या आम जैसे फलों का दान कर सकते हैं. आप चाहें तो गन्ने का रस भी गरीबों में वितरित कर सकते हैं.
4. गेहूं-चावल का दान
नौतपा में गरीब और जरूरतमंदों को गेहूं और चावल का दान करना भी विशेष फलदायी माना गया है. कहते हैं कि इस एक उपाय से घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती और सुख-समृद्धि बनी रहती है.
5. गुड़-चना
नौतपा में सूर्य देव को गुड़ और चना अर्पित करें. नौतपा में किसी भी दिन तांबे की थाली में गुड़ और चने रखकर उसे सूर्य देव को अर्पित करें. आपकी कुंडली में सूर्य से जुड़ी समस्याएं खत्म हो जाएंगी.
6. पशु-पक्षियों की सेवन
नौतपा के दौरान पक्षियों और पशुओं की सेवा से भी बड़ा लाभ मिलता है. इस दौरान अपने घर के आस-पास या छत पर पशु-पक्षियों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था जरूर करें. आप किसी पात्र में स्वच्छ जल भरकर रख सकते हैं. आपकी सूर्य देव पर बहुत कृपा होगी.
7. हनुमान जी की पूजा
नौतपा ज्येष्ठ अधिक मास में पड़ रहा है और ज्येष्ठ में हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. इन 9 दिनों में आपको हनुमान जी की उपासना का विशेष लाभ मिल सकता है. इस दौरान हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से मानसिक शक्ति बढ़ती है और नकारात्मकता दूर होती है.
8. पौधों को ज दें
नौतपा की भीषण गर्मी में पीपल, बरगद और तुलसी जैसे पवित्र पौधों में जल अर्पित करने की परंपरा है.
9. पितृ पूजन और दान-पुण्य
नौतपा में किसी भी दिन अपने पितरों की शांति के लिए गरीबों को भोजन कराने और दान-पुण्य करने से भी बड़ा लाभ मिलता है. इससे आपके पितरों की हमेशा आप पर कृपा बनी रहेगी.
