भोपाल
मध्य प्रदेश कांग्रेस में इस समय ऊपर से नीचे तक सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। प्रदेश के जिलों में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा नवीन जिला कार्यकारिणी पर सवाल खड़े करने का सिलसिला जारी हैं। अब कार्यकर्ताओं को सवाल खड़े करने पर उसका खामयाजा भी भुगतना पड़ रहा है।
रतलाम के कांग्रेस कार्यकर्ता गौरव पोरवाल और संजय रावत को 6 साल के लिए जिला कांग्रेस कमेटी ने निष्कासित किया है, उससे नाराज होकर उन्होंने न्याय के लिए रतलाम से भोपाल तक पैदल पद यात्रा की और सोमवार सुबह से ही वह दरी बिछाकर कांग्रेस कार्यालय के सामने धरने पर बैठे हुए हैं। हालांकि इस दौरान पीसीसी कार्यालय में आयोजित बैठक में शामिल होने के लिए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पहुंचे थे, उन्होंने कार्यकर्ताओं को देखा भी लेकिन उनसे मुलाकात करना जरूरी नहीं समझा और चलो चलो कहते हुए आगे बढ़ गए, प्रदेश अध्यक्ष के इस रवैया से भी कांग्रेस के दोनों कार्यकर्ता हताश होते हुए नजर आए।
जिला कार्यकारिणी पर सवाल उठाए
रतलाम से आए कांग्रेस के निष्कासित कार्यकर्ता गौरव पोरवाल ने भास्कर को बताया कि हम तीन सौ किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए भोपाल आए हैं। गौरव ने बताया हम इसलिए आए हैं क्योंकि अभी रतलाम की जिला कार्यकारिणी बनी थी तो किसी को तीन पद दे दिए, किसी को चार पद दे दिए तो हमने सोशल मीडिया और व्यक्तिगत रूप से जिला अध्यक्ष जी को मैसेज पहुंचाया था कि आप संगठन में एक व्यक्ति को तीन चार पद दे रहे हैं तो ये शोभा नहीं देता।
हमारी जिलाध्यक्ष से बात हुई थी। वे कह रहे थे हमारे पास कार्यकर्ता नहीं हैं। गकांग्रेस की इतनी स्थिति खराब हो गई है कि नए कार्यकर्ता नहीं मिल रहे इसलिए आप एक-एक व्यक्ति को तीन-तीन पद दे रहे हो।
कार्यकर्ताओं को दो-दो पद देने के आरोप
गौरव पोरवाल ने चर्चा करते हुए बताया कि 21 जून को उन्होंने कार्यकर्ता सम्मान पदयात्रा रतलाम से शुरू की थी, निरंतर 8 दिन 300 किलोमीटर चलने के बाद वह भोपाल पहुंचे हैं। उनका आरोप है कि रतलाम जिले की नवीन कार्यकारणी में जिला अध्यक्ष ने एक ही कार्यकर्ता को दो से तीन पद दे दिए हैं। गौरव पोरवाल और संजय रावत ने बीते चार जून को इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से मुलाकात की थी।
मुलाकात के दौरान उन्होंने जिला कार्यकरणी में मूल कार्यकर्ताओं की अपेक्षा करने की शिकायत की। दोनों का प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात करना जिला अध्यक्ष को अच्छा नहीं लगा। उसके बाद जिला अध्यक्ष हर्ष विजय गहलोत के निर्देश पर संगठन महासचिव जगदीश पाटीदार ने दोनों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। इससे नाराज होकर उन्होंने मुख्य संगठन तक अपनी बात पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं के सम्मान में पदयात्रा निकालने का निर्णय लिया और रास्ते भर वह कार्यकर्ता सम्मान का संदेश देते हुए भोपाल पहुंचे। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक उनकी बात नहीं सुनी जाती वह भोपाल में ही डटे रहेंगे और जरूरत पड़ी तो आगे दिल्ली तक भी पदयात्रा कर राहुल गांधी के समक्ष अपनी बात रखेंगे।
वापसी नही हुई तो बाहर से करेंगे कांग्रेस के लिए कार्य
गौरव ने बातचीत करते हुए कहा कि वह कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ता है, जिस दिन उनका निष्कासन हुआ उसी दिन बीजेपी की ओर से उन्हें पार्टी में शामिल होने का ऑफर दिया गया था। लेकिन उन्होंने बीजेपी में शामिल होने से साफ इंकार कर दिया। गौरव ने यह भी कहा कि उन्हें कोई पद की लालसा नहीं है। वह कोई पद नहीं चाहते हैं वह एक आम कार्यकर्ता बनाकर कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने के लिए कार्य कर कार्यकर्ताओं के सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहां कि अगर कांग्रेस का मुख्य संगठन उन्हें स्पष्ट कर की उनका निष्कासन समाप्त नहीं होगा तो वह बाहर से भी बिना कांग्रेस का कार्यकर्ता होते हुए भी पार्टी के लिए काम करेंगे।
जीतू पटवारी से मिले तो जिला कांग्रेस ने निष्कासित कर दिया
गौरव ने बताया 4 जून को नामली में हम यही दरी लेकर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के पास गए थे। उनसे बात की तो उन्होंने हमें गले लगाया और साथ में बिठाकर लेकर गए थे। उसके बाद जिला कांग्रेस कमेटी को प्रदेश अध्यक्ष से मिलना इतना बुरा लगा कि हमें पार्टी से निष्कासित कर दिया। उन्होंने हमारे पर आरोप लगाया लेकिन उनके पास ठोस सबूत आज भी नहीं हैं कि किस कारण से निष्कासित किया है।
कौन से व्यक्तियों को तीन-चार पद दिए गए हैं? एक रवि तिवारी हैं जिनके पास तीन पद हैं। प्रकाश पाटीदार के पास भी ऐसे ही पद हैं। सुनील पोरवाल के पास दो पद हैं। वे युवा कांग्रेस में भी हैं और जिला कांग्रेस में भी पद दिया गया है। मैं किसी पद पर नहीं हूं। मैं आम कार्यकर्ता हूं।
सवाल- आपकी क्या मांग है? गौरव: मेरी यही मांग है कि मुझे पद नहीं चाहिए लेकिन जो मजबूती से कांग्रेस के लिए काम करते हैं उनका सम्मान होना चाहिए।
सवाल- जीतू पटवारी से आप मिले? गौरव: जीतू पटवारी हमसे नहीं मिले। वो आए थे तो उन्होंने कहा चलो-चलो…. ये बातें शोभा नहीं देती। कार्यकर्ता अगर इतनी दूर से पैदल आया है तो उनको हमसे बात करनी चाहिए। ऐसे अगर चलो-चलो करने में रहेंगे तो फिर क्या स्थिति रहेगी। हम पार्टी का विरोध करने नहीं बैठे हैं।
सवाल: आप कब तक धरने पर बैठेंगे? गौरव: जब तक हमारी बात नहीं मानी जाती तब तक बैठेंगे। अगर लगा कि हमारी बात नहीं सुनी जा रही तो दिल्ली पैदल-पैदल जाएंगे। और अपनी बात पार्टी के सीनियर नेताओं को बताएंगे।
