Noel Tata Vision: देशभर में 50 अस्पताल और विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटी बनाएगा TATA Trusts, गरीबों को मिलेगा बड़ा लाभ

मुंबई 

 टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने रविवार को भारत की सबसे बड़ी परोपकारी संस्था (Philanthropic Organization) के लिए एक नया रोडमैप पेश किया। उन्होंने देश भर में 40-50 नॉन-प्रॉफिट जनरल हॉस्पिटल बनाने और हेल्थकेयर व एजुकेशन के क्षेत्र में वर्ल्ड-क्लास इंस्टीट्यूशन बनाने पर अपना फोकस बढ़ाने की योजना का एलान किया।

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बैंगलोर (IIM-B) के प्रमुख एलुमनाई लीडरशिप कॉन्क्लेव, 'IIMBue 2026' में बोलते हुए टाटा ने कहा कि ट्रस्ट अब NGO और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को फंड देने की अपनी पारंपरिक भूमिका से आगे बढ़कर ऐसे संस्थान बना रहा है जो पीढ़ियों तक सेवा कर सकें।

50 किफायती जनरल हॉस्पिटल किए जाएंगे तैयार
नोएल टाटा ने कहा कि यह उस विरासत को फिर से जीवित करने जैसा है जिसने भारत को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc), टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) और टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल जैसे संस्थान दिए। नई रणनीति के तहत, टाटा ट्रस्ट्स असम सरकार के साथ मिलकर राज्य में 17 कैंसर केयर हॉस्पिटल बनाने के बाद 40-50 किफायती जनरल हॉस्पिटल तैयार करने की योजना बना रहा है।

किस मॉडल पर काम करेंगे ये हॉस्पिटल?
टाटा ने कहा कि ये हॉस्पिटल 'क्रॉस-सब्सिडी मॉडल' पर काम करेंगे। इसमें प्रीमियम सर्विसेज का विकल्प चुनने वाले मरीज आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के इलाज के लिए सब्सिडी देने में मदद करेंगे, और इससे डॉक्टरों, दवाओं या मेडिकल सुविधाओं की क्वालिटी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि एजुकेशन टाटा ट्रस्ट्स के अगले चरण का दूसरा मेन पिलर होगा। IIM बैंगलोर के साथ मिलकर बनाए जा रहे प्रस्तावित अंडरग्रेजुएट इंस्टीट्यूशन को एक महत्वपूर्ण शुरुआत बताते हुए टाटा ने कहा कि बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भारत को और अधिक वर्ल्ड-क्लास एजुकेशनल इंस्टीट्यूशनंस की जरूरत है।

प्राइवेट सेक्टर के लिए की ये मांग
टाटा ने कहा कि भारत में क्वालिटी इंस्टीट्यूशनंस की सीमित उपलब्धता के कारण हर साल हजारों प्रतिभाशाली भारतीय छात्र हायर एजुकेशन के लिए विदेश जाते हैं। टाटा ने कहा, "ऐसा कोई कारण नहीं है कि भारत पर्याप्त क्वालिटी इंस्टीट्यूशन न बना सके ताकि छात्र सिर्फ़ इसलिए देश छोड़कर न जाएं क्योंकि सीटें कम हैं।"
टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन ने उच्च शिक्षा में ज़्यादा प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने के लिए सुधारों की भी मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि मुनाफ़ा कमाने वाले शैक्षणिक इंस्टीट्यूशंस पर लगी पाबंदियों ने प्राइवेट कैपिटल को इस क्षेत्र में आने से हतोत्साहित किया है।

'मज़बूत इंस्टीट्यूशनल इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरत'
हार्वर्ड समेत दुनिया के प्रमुख विश्वविद्यालयों में पढ़ा रहे भारतीय मूल के फैकल्टी सदस्यों की बड़ी संख्या का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में एकेडमिक टैलेंट की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्हें आकर्षित करने और बनाए रखने के लिए मज़बूत इंस्टीट्यूशनल इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरत है।

IIM बैंगलोर द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, टाटा ने परोपकार के क्षेत्र में ज़्यादा जवाबदेही की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों को प्रभाव के बड़े-बड़े दावों से आगे बढ़कर मापने योग्य नतीजों पर ध्यान देना चाहिए।

 

More From Author

रामायण फिल्म में मारीच का किरदार, जानें सोने के हिरण की कहानी

Apple AirPods में आएंगे कैमरे, Siri और AI अनुभव को मिलेगा नया अपग्रेड

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13944/210

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.