Day: December 28, 2024

  • 65 वर्षीय बुजुर्ग ज्योतिषी के घर काम करने वाली नौकरानी ने ब्लैकमेल कर उनसे करोड़ों रुपये ऐंठे, पुलिस ने सुलझाया मामला

    65 वर्षीय बुजुर्ग ज्योतिषी के घर काम करने वाली नौकरानी ने ब्लैकमेल कर उनसे करोड़ों रुपये ऐंठे, पुलिस ने सुलझाया मामला

    उज्जैन
     मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग ज्योतिषी के घर काम करने वाली नौकरानी ने ब्लैकमेल कर उनसे करोड़ों रुपये ऐंठ ल‍िए। जांच कर रही पुलिस ने 24 घंटे के अंदर इसका पर्दाफाश कर आरोपी को पकड़ लिया। मामला धर्म नगरी उज्जैन का है। यहां पर 65 वर्षीय बुजुर्ग ज्योतिषी को घर की ही नौकरानी मां, बहन, पति व प्रेमी के साथ मिलकर पिछले दो साल से ब्लैकमेल कर रही थी। उसने ज्योतिषी से करीब चार करोड़ रुपये ऐंठ ल‍िए। आरोपी बुजुर्ग ज्योतिषी को अश्लील वीडियो के माध्यम से ब्लैकमेल कर रही थी। पीड़ित के बहू-बेटी ने पिता को परेशान देखकर पुलिस को इसकी शिकायत की। तब मामले का पर्दाफाश हुआ।

    एसपी प्रदीप शर्मा ने प्रेस वार्ता करके इसका खुलासा किया। उन्होंने बताया, आरोपी नौकरानी ने बुजुर्ग ज्योतिषी को उनके अश्लील वीडियो के आधार पर और झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रही थी। मामले की जांच कर रही टीम ने 24 घंटे के अंदर इसका खुलासा किया।

    उन्होंने बताया, “नौकरानी की आय 7,000 हजार रुपये महीना थी, लेकिन जब घर पर दबिश दी गई तो ब्रांडेड कपड़े, फर्नीचर, प्रॉपर्टी के दस्तावेज और अन्य सामान बरामद हुए। आरोपी के घर से करीब 45 लाख रुपये नकद और 50 लाख रुपये के आभूषण बरामद हुए हैं। इसके बाद पुलिस का शक गहराया। आरोपियों को गिरफ्तार किया कर लिया है। कितने रुपये ऐंठे गए हैं, अबकी इसकी पूरी जांच की जा रही है। परिवार वालों के मुताबिक 2 से 3 करोड़ रुपये की ठगी हुई है। पुलिस टीम को 20,000 रुपये का इनाम दिया गया है।”

    एसपी ने बताया कि दो दिन पहले ही नौकरानी ने बुजुर्ग से 10 लाख रुपये की और डिमांड की थी। बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ी तो उन्होंने अपने बच्चो को बताया और शिकायत पुलिस तक पहुंची। पीड़ित बुजुर्ग के बहु-बेटे ने पिता को परेशान देख नीलगंगा थाने में शिकायत की।

     

  • दो घंटे से जारी बारिश में समर्थन मूल्य खरीदी केंद्रों में किसानों की परेशानी बढ़ी, खरीदी केंद्रों पर भीग गई धान

    दो घंटे से जारी बारिश में समर्थन मूल्य खरीदी केंद्रों में किसानों की परेशानी बढ़ी, खरीदी केंद्रों पर भीग गई धान

    जबलपुर, कटनी, उमरिया
    मध्य प्रदेश के महाकोशल और विंध्य क्षेत्र के कई इलाकों में आज बारिश की संभावना जताई गई हैं। इधर कुछ इलाकों में हो रही बारिश से किसान परेशान हैं। कटनी और उमरिया में खरीदी केंद्रों पर बारिश के पानी से धान भीग गई है। यहां इसकी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। बारिश से धान भीगने के बाद किसान परेशान हैं।

    कटनी में सुबह से जारी है बारिश का दौर, धान हो गई गीली
    कटनी जिले में शुक्रवार से मौसम बिगड़ा हुआ था। बादलों ने डेरा डाल रखा था और रात से हवाओं के बीच बूंदाबांदी हुई। सुबह से ही जिले में बारिश का दौर जारी है। दो घंटे से जारी बारिश में समर्थन मूल्य खरीदी केंद्रों में किसानों की परेशानी बढ़ गई है।

    सुरक्षा के इंतजाम न होने से केंद्रों में धान गीली हो रही है। जिन किसानों की धान केंद्रों में खुले में रखी है, वे सुबह से ही अपना अनाज बचाने की जुगत में लगे हैं। वहीं धान का उठाव न होने से कई केंद्रों में ढेर लगा है और सरकारी धान को बचाने भी पर्याप्त तिरपाल की व्यवस्था केंद्रों में नही है। बहोरीबंद क्षेत्र के कूड़न खरीदी केंद्र में पानी भर गया। किसान परेशान यहां पर तिरपाल से धान के एक दो ढेर ही बचा पाए। यही स्थिति जिले के अन्य केंद्रों की भी है। वहीं बादलों के कारण तीन दिन से तापमान बढ़ गया था, बारिश होते ही ठंड भी बढ़ गई है।
     
    नान एफएक्यू धान को अच्छी बताने भिगोनी की तैयारी
    इधर जबलपुर जिले के डेढ़ सौ से ज्यादा वेयरहाउस और उपार्जन केंद्रों में इस समय बड़ी मात्रा में धान के ढेर और बोरे खुले में रखे हैं। इधर वर्षा की संभावना से इसके नुकसान की भी आशंका बढ़ गई है। इस बीच कई ऐसी सोसायटी और वेयरहाउस के प्रभारी हैं, जो खुले में पड़ी धान को बारिश में गीला करना चाह रहे हैं, ताकि गुणवत्ताहीन धान को गुणवत्ता वाली धान की श्रेणी में ला सकें। इसे देखते हुए कलेक्टर दीपक सक्सेना ने कहा है कि ऐसे करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

    बारिश को देखते हुए जारी किए निर्देश
    मौसम विभाग ने जबलपुर जिले में शनिवार को वर्षा का अनुमान जताया है। इसे देखते हुए किसानों से कहा गया है कि वे इन दो दिनों के दौरान उपार्जन केंद्र में धान न लाएं। जिन किसानों का धान उपार्जन केंद्र पर रिजेक्शन होने, अपग्रेड करने या फिर तुलाई नहीं होने से पड़ा है, उसकी सुरक्षा करने के उपाए करें। सभी उपार्जन केंद्र प्रभारियों से कहा है कि वे खुले में रखे हुए धान को गोदाम के अंदर शिफ़्ट करने अथवा बारिश से सुरक्षा करें। इसके साथ ही कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि लापरवाही के कारण धान भीगने अथवा ख़राब होने की घटना होती है तो यह माना जाएगा कि जानबूझकर कर नान एफएक्यू धान को खपाने के लिए यह लापरवाही की गई है। ऐसे में व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।

    20 हजार किसान से खरीदी एक लाख 80 हजार टन धान
    दो दिसंबर से शुरू हुई खरीदी 20 जनवरी तक चलेगी। अब खरीदी के लिए महज 22 से 23 दिन ही शेष रह गए हैं, लेकिन अभी भी पंजीयन कराने वाले किसानों में से आधे की भी धान नहीं खरीदी गई है। जिले में करीब 56 हजार किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया, जिसमें से सिर्फ 20 हजार किसान ने ही शासन को धान बेचा है। करीब एक लाख 79 हजार 535 टन धान खरीदी है। अधिकांश धान अभी भी खुले में पड़ा है, जिससे किसान और प्रशासन, दोनों की चिंता बढ़ गई है। मिलर्स द्वारा अभी भी रफ्तार से खरीदी केंद्रों से धान नहीं उठाई जा रही है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।

  • कोयला खदान मजदूर संघ द्वारा बांटे गए कैलेंडर

    कोयला खदान मजदूर संघ द्वारा बांटे गए कैलेंडर

     

    उमरिया

    आज दिनांक 28/12/24  को पाली प्रोजेक्ट खदान, बिरसिंहपुर खदान, हॉस्पिटल, पाली फिल्टर हाउस एवं अन्य जगहों पर  भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ पाली द्वारा नया साल का कलेंडर वितरण किया गया । जिसमें BMS के क्षेत्रीय पदाधिकारी कल्याण समिति के सदस्य श्री दिनेश कुमार तिवारी जी, पाली शाखा के अध्यक्ष राजकुमार खरे, सचिव विजय कुमार गुप्ता,भोला विश्वकर्मा,नारेंद, लक्ष्मी आदि पदाधिकारी शामिल हुये।

  • सड़क दुर्घटनाएं रोकने एवं दुर्घटना में मृत्यु की संख्या को शून्य करना है लक्ष्य: पुलिस अधीक्षक

    सड़क दुर्घटनाएं रोकने एवं दुर्घटना में मृत्यु की संख्या को शून्य करना है लक्ष्य: पुलिस अधीक्षक

    अनूपपुर

    सड़क दुर्घटना एवं दुर्घटना में मृत्यु चिंता का विषय है वर्ष 2024 में हमारे जिले में कुल 324 एक्सीडेंट हुए, जिसमें 372 लोग घायल और 168 लोगों की एक्सीडेंट में मृत्यु हुई । जिसे दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक  महोदय अनूपपुर श्री मोती उर रहमान द्वारा 27 दिसंबर से 10 जनवरी तक एक विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसमें यह लक्ष्य रखा गया है कि इस समय अवधि में एक्सीडेंट की दर शून्य करने सभी जरूरी प्रयास पुलिस द्वारा किए जाएंगे।

    चिन्हित ब्लैक स्पॉट में आवश्यक सुधार कार्य करवाए जाएंगे। शराब के नशे में वाहन चलाने वाले वाहन चालकों की सघन चेकिंग की जाकर कार्यवाही की जाएगी।

    अभियान के प्रथम दिन जिला क्षेत्र अंतर्गत नहीं घटित हुआ एक्सीडेंट
    27 दिसंबर को जिले के किसी भी रोड पर एक्सीडेंट  होने की घटना घटित नहीं हुई ट्रैफिक पुलिस एवं थाना पुलिस द्वारा इस दिशा में प्रतिदिन कार्रवाई की जाएगी तथा की गई कार्यवाही से मीडिया को अवगत करवाया जाएगा।

  • आबकारी विभाग ने 31 दिसंबर को लेकर जारी की गाइडलाइन

    आबकारी विभाग ने 31 दिसंबर को लेकर जारी की गाइडलाइन

    इंदौर

    मध्य प्रदेश के इंदौर में 31 दिसंबर को लेकर विभिन्न स्थानों पर पार्टियों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसी के मद्देनज़र आबकारी विभाग ने अपनी गाइडलाइन जारी कर दी है। देर रात तक होने वाली शराब खोरी और पार्टियों पर निगरानी रखने के लिए विशेष टीमें भी गठित की गई हैं।

    दरअसल, 31 दिसंबर और नए वर्ष को लेकर तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं। कई स्थानों पर इसके लिए पार्टी जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी को लेकर आबकारी विभाग ने गाइडलाइन जारी कर दी गई है। आबकारी अधिकारी मनीष खरे ने बताया कि, नए वर्ष का जश्न मनाने के लिए बड़े पैमाने पर पार्टियां आयोजित की जाती हैं। पिछले साल 30 से 40 एक दिन की शराब पार्टी के आयोजन के लिए आवेदन प्राप्त हुए थे, लेकिन इस बार आवेदनों की संख्या में वृद्धि हुई है। सभी आवेदनों की जांच-पड़ताल के बाद ही उन्हें अनुमति दी जा रही है।

    पब और बार में होने वाली पार्टियों को लेकर भी निगरानी के लिए एक टीम बनाई गई है। रात 12:00 बजे के बाद तक पार्टियां संचालित न हो सके, इसके लिए गाइडलाइन जारी कर दी गई है। एक बार में कितनी शराब बेची जा सकती है इसके लिए भी आवेदन को बताया जाएगा। ताकि शराब खोरी का परिवहन भी ना हो सके।

  • सीएम बीरेन सिंह ने कहा- कुकी आतंकवादियों का निर्दोष लोगों पर हमला कायरतापूर्ण

    सीएम बीरेन सिंह ने कहा- कुकी आतंकवादियों का निर्दोष लोगों पर हमला कायरतापूर्ण

    इंफाल
    मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने शनिवार को इंफाल ईस्ट जिले के दो गांवों में कुकी उग्रवादियों की ओर से की गई अंधाधुंध गोलीबारी की निंदा की। उन्होंने कहा ये राज्य की सुख शांति बिगाड़ने का प्रयास है। हिंसा के मद्देनजर शांति और एकता की अपील करते हुए बीरेन सिंह ने कहा कि स्थिति को संभालने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए गए हैं।

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “इंफाल पूर्व के सनसाबी और थमनापोकपी में कुकी आतंकवादियों की ओर से की गई अंधाधुंध गोलीबारी की कड़ी निंदा करता हूं, जिसमें नागरिक और सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। निर्दोष जिंदगियों पर यह कायरतापूर्ण और अकारण हमला शांति और सद्भाव पर हमला है।” उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, “प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षाकर्मी भेजे गए हैं। घायलों को आवश्यक चिकित्सा सहायता मिल रही है, और सरकार ऐसी चुनौतियों का सामना करने के लिए शांति और सद्भाव का आह्वान करती है। ऐसी स्थितियों से निपटते समय केंद्रीय बलों और राज्य पुलिस को उचित समन्वय और समझ होनी चाहिए।”

    शुक्रवार को सशस्त्र समूहों के साथ गोलीबारी के दौरान एक पुलिस अधिकारी सहित दो लोग घायल हो गए। हिंसा तब भड़की जब पहाड़ों से हथियारबंद लोगों ने जिले के सनसाबी और थमनापोकपी गांवों पर बंदूक और बम से हमला किया। सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की।

    सनसाबी गांव में झड़प के दौरान दो लोग घायल हो गए। वहीं 37 वर्षीय पुलिस अधिकारी के हरिदास को बाएं कंधे में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान ले जाया गया। हमले के कारण अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग गए।

    मणिपुर उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश सिद्धार्थ मृदुल ने बीते मंगलवार को कहा, “जब भी मणिपुर में स्थिति बेहतर होती दिखती है, तो नई हिंसा भड़क जाती है। मुझे लगता है कि कुछ ताकतें बाहरी हैं, आंतरिक नहीं। अगर ये ताकतें बाहरी भी हैं तो स्थानीय स्तर पर उनके सहयोगी हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि मणिपुर को जलाने के एजेंडे को सख्ती से आगे बढ़ाया जाए।”

     

  • भारी बर्फबारी के कारण घाटी में जनजीवन अस्त-व्यस्त, जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर सैकड़ों लोग फंसे

    भारी बर्फबारी के कारण घाटी में जनजीवन अस्त-व्यस्त, जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर सैकड़ों लोग फंसे

    श्रीनगर
    भारी बर्फबारी के कारण घाटी में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। पीर पंजाल सुरंग और श्रीनगर शहर के बीच जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सैकड़ों वाहन फंसे रहे। भारी बर्फबारी शुरू हो गई, जो शनिवार सुबह तक जारी रही। सड़क पर अत्यधिक फिसलन से पीर पंजाल सुरंग और श्रीनगर शहर के बीच सैकड़ों वाहन अटके पड़े हैं। भारी बर्फबारी और शून्य से नीचे के तापमान के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर बर्फ की मोटी चादर जम गई। जिसकी वजह से हाइवे पर गाड़ियां कई घंटों तक सुरंग के अंदर फंसी रहीं। स्थानीय अधिकारी सड़क पर फंसी हुई गाड़ियों को निकालने के लिए काफी प्रयास कर रहे थे, लेकिन बर्फबारी के कारण वाहन लगातार कई घंटों तक फंसे रहे। कुलगाम और अनंतनाग जिलों में वरिष्ठ नागरिक और पुलिस अधिकारी बर्फ हटाने वाली मशीनों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर फंसे वाहनों को निकालने के लिए पहुंचे।

    शनिवार सुबह तक यातायात पूरी तरह से बहाल नहीं हो सका। श्रीनगर शहर और अन्य जिलों जैसे बडगाम, गांदरबल, बांदीपोरा, बारामुल्ला, कुपवाड़ा, पुलवामा, अनंतनाग, कुलगाम और शोपियां में भारी बर्फबारी के कारण सभी सड़कें बंद हो गईं। बर्फ हटाने वाली मशीनों को सुबह भेजा गया ताकि यातायात बहाल किया जा सके।

    श्रीनगर शहर के कुछ हिस्सों को छोड़कर बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बंद हो गई। भारी बर्फबारी के कारण बिजली के खंभे उखड़ गए, ट्रांसमिशन लाइनें टूट गईं और बिजली ग्रिड बाधित हो गए। हालांकि इस बर्फबारी से स्थानीय लोग काफी खुश हैं। क्योंकि लंबे समय से सूखा चल रहा था और लोग अब अच्छी फसल की उम्मीद कर रहे है। पिछले चार महीनों में बारिश न होने के कारण घाटी के अधिकांश झरने और कुएं सूख गए थे।

    श्रीनगर शहर और आसपास के इलाकों में यह मौसम की पहली बर्फबारी थी। बर्फबारी से घाटी में छुट्टियां मना रहे पर्यटकों के चेहरे भी खिल उठे। गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग और अन्य पर्यटन स्थलों में करीब 10 इंच ताजा बर्फबारी हुई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और बर्फबारी और बारिश का अनुमान जताया है।

     

  • उत्तरकाशी के गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में लगभग एक फीट बर्फ जमा होने से निचले इलाकों में भी ठंड बढ़ी, दी चेतावनी

    उत्तरकाशी के गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में लगभग एक फीट बर्फ जमा होने से निचले इलाकों में भी ठंड बढ़ी, दी चेतावनी

    उत्तरकाशी
    उत्तरकाशी के गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में लगभग एक फीट बर्फ जमा होने से निचले इलाकों में भी ठंड बढ़ गई है। बर्फबारी के कारण प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी जिले में भारी बर्फबारी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, जनपद के 2200 मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम में तीव्र परिवर्तन होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और बारिश हो सकती है, जिससे सर्दी और बढ़ सकती है और यातायात प्रभावित हो सकता है।

    इस अलर्ट के मद्देनजर प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। यात्रियों और स्थानीय निवासियों को खराब मौसम के कारण सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। सड़क मार्गों पर बर्फ जमने और दुर्घटनाओं के खतरे को देखते हुए यातायात व्यवस्था को लेकर भी अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं। यह अलर्ट विशेष रूप से गंगोत्री, यमुनोत्री और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए है, जहां बर्फबारी और बारिश की अधिक संभावना है।

    उत्तरकाशी जनपद के मुख्यालय सहित अन्य क्षेत्रों में जबरदस्त बारिश हुई है, जिससे ठंड में और भी वृद्धि हो गई है। भारी बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इस मौसम में ठंड से बचने के लिए लोग अब अलाव का सहारा ले रहे हैं।

    जिला प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति से निपटने के आदेश दिए हैं। आदेश के तहत स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, स्थानीय प्रशासन, और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट रहने को कहा गया है। साथ ही राजस्व विभाग, ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ), ग्राम प्रधान और अन्य संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में रहकर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इन अधिकारियों को आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने और स्थानीय समुदाय को किसी भी प्रकार के संकट से बचाने के लिए सतर्क रहने को कहा गया है।

    उत्तरकाशी में बढ़ती ठंड और खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को बाहर जाने से मना किया है। केवल अति आवश्यक काम होने पर ही बाहर जाने की अनुमति दी गई है, ताकि ठंड और बर्फबारी के कारण होने वाली बीमारियों से बचाव किया जा सके। वहीं लोक निर्माण विभाग को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे बर्फबारी वाले क्षेत्रों में अपनी निगरानी बढ़ाएं और सड़कों पर फिसलन को कम करने के लिए जरूरी उपाय करें।

     

  • बुरहानपुर में बजरंग दल का हमंगा, हिन्दुओं को लालच देकर ईसाई बनाने का आरोप; 10 पर केस दर्ज

    बुरहानपुर में बजरंग दल का हमंगा, हिन्दुओं को लालच देकर ईसाई बनाने का आरोप; 10 पर केस दर्ज

    बुरहानपुर

    मध्य प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर बवाल सामने आया है। यहां के बुरहानपुर जिले के नेपानगर थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम केरपनी में धर्मांतरण की सूचना मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का कहना है कि यहां रहने वाले एक आदिवासी के घर, एक बड़ा पांडाल लगाकर ईसाई धर्म की प्रार्थना कराई जा रही थी। इसके साथ ही आदिवासियों को हिन्दू धर्म का नहीं होने और ईसाई धर्म अपनाने का लालच देते हुए ईसाई धर्म अपनाने से बीमारियों के ठीक होने का लालच दिया जा रहा था।

    इस मामले की सूचना लगते ही धार्मिक संगठन बजरंग दल से जुड़े कुछ युवा और गांव के कई लोग वहां पहुंचे और हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान मौके पर नेपानगर थाना पुलिस भी पहुंची। जहां बजरंग दल के सदस्यों ने गांव में धर्म परिवर्तन के आरोप लगाए, वहीं पंडाल में मौजूद ईसाई धर्म के लोगों ने अपने साथ मारपीट होने के आरोप भी लगाए थे। हालांकि इस बीच सभी को नेपानगर थाना लाया गया। जहां एक शिकायती आवेदन मिलने पर खंडवा, बुराहनपुर और नागपुर जिलों के 10 लोगों के खिलाफ, धर्म परिवर्तन कराने से जुड़ा मामला दर्ज किया गया है, और अब इस मामले की जांच की जा रही है।

    इस मामले में ग्राम गोलखेड़ा के बलिराम किराड़े ने धर्मांतरण किये जाने का आरोप लगाते हुए, उनपर कार्यवाई करने का एक आवेदन भी नेपानगर पुलिस को सौंपा है। आवेदन में उन्होंने बताया है कि, उन्हें जानकारी मिली थी कि, ग्राम केरपनी के शांतिलाल बडोले के घर इसाई धर्म की प्रार्थना का कार्यक्रम चल रहा है। यहां पर बीमार लोग इसाई धर्म की प्रार्थना करते हैं, और वे हिन्दू धर्म छोड़कर इसाई धर्म अपनाते हैं, तो उनकी बीमारी ठीक हो जाती है। अपनी पेट दर्द की बीमारी के चलते उन्होंने वहां जाकर देखा तो, एक बड़े पंडाल में लोगो की भीड़ थी और माइक पर इसाई धर्म के गीत गाये जा रहे थे। साथ ही वहां ईसाई धर्म अपनाने के फायदे बताये जा रहे थे, और कुछ बाहरी लोग ईसाई धर्म परिवर्तन करने का लालच दे रहे थे। आरोप है कि बलिराम को भी हिन्दू धर्म से ईसाई धर्म अपनाने का लालच दिया था। साथ ही धर्म परिवर्तन कराने वालों का कहना था कि आदिवासी हिन्दू धर्म मे नहीं आते हैं। जिसे देख उन्होंने अपने साथियों के साथ धर्मातरण करने वालो के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने का आवेदन दिया है ।

    10 लोगों के खिलाफ हुआ मामला दर्ज

    फरियादी बलिराम की शिकायत पर थाना नेपानगर में आदिवासियों को ईसाई धर्म में परिवर्तन करने से जुड़ा एक मामला धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के अंतर्गत दर्ज किया गया है। जिसमें शांतिलाल पिता भायटा, निवासी ग्राम केरपानी, प्यारसिंग पिता सालम, निवासी माजरोद कला खकनार, काशीराम पिता रगला, निवासी फेलवाडी खकनार, गुड़िया पिता जागसिंग पंवार, निवासी उसारनी खकनार, सुखलाल पिता इसमल सोलंकी, निवासी उसारनी खकनार, नरसिंग पिता सिलदार बारेला, निवासी साईंराम कालोनी रामनगर खडवा, शेलेश पिता याकूव गायकवाड, निवासी खकनार, सुगंधी बाई पति ववन गायकवाड, निवासी रेस्ट हाउस के सामने खकनार, एंजेला पति शेलेश गायकवाड़, निवासी शिर्डीपुरम खकनार, डेनियल पिता डेविड पलसपगा, निवासी स्मृतिनगर वाडी थाना वाडी जिला नागपुर को आरोपी बनाते हुए मामला दर्ज किया गया है।

  • सांस की बीमारी से परेशान होते बच्चे

    सांस की बीमारी से परेशान होते बच्चे

    वातावरण से हमारे श्वसन तंत्र का सीधा संबंध होता है। वातावरण में विशेष रूप से आधुनिक शहरी वातावरण में कई तरह के जीवाणु और दूषित तत्व हर वक्त मौजूद रहते हैं। इसी वजह से श्वसन तंत्र में संक्रमण आसानी से और लगातार होते रहते हैं।

    बचपन में तो श्वसन तंत्र की समस्या आम होती है। कई बार बचपन और बुढ़ापा दोनों अवस्थाओं में यह बीमारी गंभीर रूप धारण कर लेती है और यही नहीं कई बार यह मौत का कारण भी बन सकती है।

    आमतौर पर श्वसन तंत्र का संक्रमण अगर युवा वर्ग के लोगों को होता है तो वे कुछ दिनों में स्वस्थ हो जाते हैं, लेकिन छोटे बच्चों, बूढ़ों में इस रोग के गंभीर रूप धारण करने की आशंका होती है क्योंकि उनके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता तो कम होती ही है, साथ ही फेफड़ों की क्षमता भी कम होती है।

    श्वसन तंत्र के ऊपर के भाग में जुकाम, गले में खराश, कान में दर्द, मवाद आना, गला खराब होना आदि के रूप में संक्रमण हो सकता है या फिर श्वसन तंत्र के निचले भाग में स्वर तंत्र या श्वसन मार्ग में या फिर फेफड़ों में संक्रमण (न्यूमोनिया) हो सकता है।

    आज भी हर साल 40 लाख बच्चों की मृत्यु श्वसन तंत्र के रोग के गंभीर रूप के कारण हो जाती है। छोटे बच्चों में तो औसतन हर साल 5 से 8 बार श्वसन तंत्र में संक्रमण के मामले सामने आ ही जाते हैं। ज्यादातर मामलों में बच्चों को बीमारी मामूली ही होती है और बच्चे जल्दी ठीक हो जाते हैं पर बार−बार बीमार होने से माता−पिता परेशान रहते हैं। श्वसन तंत्र का संक्रमण कान में फैलने से बच्चे बहरे हो सकते हैं। यही नहीं संक्रमण अगर खतरनाक जीवाणु से हुआ हो या इलाज में लापरवाही बरती गई हो तो यह प्राणघातक भी हो सकता है।

    श्वसन तंत्र में संक्रमण कई तरह के वायरस की वजह से होता है जैसे बैक्टीरिया, फफूंद। बच्चों में धूल पराग कण, ठंडक, धुंआ, गरमी, खुशबू आदि से यह समस्या शुरू होती है। इसके अलावा बच्चे वायरस बैक्टीरिया के संक्रमण के शिकार भी हो सकते हैं। अगर बच्चे कुपोषण के शिकार हैं, शरीर कई बीमारियों का घर है, दमा रोग है या फिर फेफड़ों का संक्रमण किसी खतरनाक जीवाणु से हुआ हो तो रोग गंभीर रूप धारण कर सकता है।

    अगर घर के अंदर या आसपास का वातावरण अच्छा नहीं प्रदूषित है, घर के आसपास कोई फैक्टरी है, घर में धूम्रपान किया जाता है या जन्म के समय शिशु का वजन कम है, बच्चा निर्धारित समय से पहले पैदा हुआ है तो रोग गंभीर रूप धारण कर सकता है।

    गांवों का वातावरण काफी खुला और शहरों की तुलना में काफी कम प्रदूषित होता है। इसलिए शहरी बच्चों खासकर गंदी बस्ती, झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों में श्वसन तंत्र के संक्रमण की ज्यादा संभावना होती है।

    इस रोग के लक्षण इसकी गंभीरता पर निर्भर करते हैं। बच्चों में नाक बहने, गले में खराश, बुखार, खांसी, गले या कान में दर्द, कान बहना, सांस लेने में परेशानी, हांफना, शरीर नीला पड़ना, छाती में दर्द जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

    रोग की शुरुआत में छोटे बच्चे दूध पीना बंद कर देते हैं। कभी−कभी शरीर ठंडा पड़ जाता है वे चिड़चिडे हो जाते हैं। उनकी सांस भी तेजी से चलने लगती है और अगर बच्चा न्यूमोनिया से पीड़ित है तो शरीर नीला पड़ जाता है, सांस लेने पर छाती अंदर धंस जाती है।

    श्वसन तंत्र का संक्रमण मामूली भी हो सकता है और गंभीर भी। इसलिए रोग कितना गंभीर है यह जानना बहुत जरूरी होता है। रोग की गंभीरता के अनुसार ही इलाज और देखभाल की आवश्यकता होती है।

    इस रोग में बच्चों को तेज बुखार होता है वे ठीक से सो नहीं पाते और वे दूध भी नहीं पी पाते हैं। यहीं नहीं उन्हें झटके भी आ सकते हैं। अगर बच्चे शांत पड़े हैं तो छाती से तेज आवाज आती है। सांस लेते वक्त छाती अंदर को धंस जाती है। सांस काफी तेज गति से चलती है।

    ऐसी स्थिति में बच्चों को तुरन्त अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए जहां पर समुचित उपचार आक्सीजन एंटीबायोटिक आदि दवाएं उसे दी जाती हैं। ऐसे में जरा भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए क्योंकि यह स्थिति अत्याधिक गंभीर बीमारी की होती है।

    अगर सांस लेते वक्त पसलियां अंदर को धंसती हैं, नथूने फूल जाते हैं, गले से गुर्राहट जैसी आवाज निकलती है, शरीर नीला पड़ जाता है तो समझ लें कि बच्चा गंभीर न्यूमोनिया की चपेट में है। ऐसे बच्चों को फौरन अस्पताल में भरती कराना आवश्यक होता है।

    श्वसन तंत्र के संक्रमण के रोग से पीड़ित अधिकतर बच्चे साधारण इलाज से कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं फिर भी बच्चों पर नजर रखनी चाहिए। अगर रोग गंभीर हों तो लक्षणों को पहचान कर तुरन्त डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

    अगर बचपन में खांसी, जुकाम, सांस फूलने की समस्या लगातार एक माह तक रहती है तो उसे टीवी, दमा, काली खांसी होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में उचित जांच द्वारा लक्षणों की वजह जान कर इलाज करवाना चाहिए।