पहले की विकृतियों को दूर करने और वक्फ सम्पत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया संशोधित वक्फ कानून: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य वक्फ बोर्ड का भोपाल में बनेगा नया भवन

पहले की विकृतियों को दूर करने और वक्फ सम्पत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए
बनाया गया संशोधित वक्फ कानून: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

वक्फ बोर्ड के भवन का नाम पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे कलाम के नाम पर होगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
वक्फ दान की सम्पत्ति है, दान की सम्पत्ति का उपयोग समाज हित में होना चाहिए
वक्फ बोर्ड में सुशासन की पहल करने वाला मध्यप्रदेश प्रथम राज्य

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य के वक्फ बोर्ड का नया भवन भोपाल में बनेगा। भवन का नाम पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के नाम पर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह घोषणा समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित वक्फ सुधार जनजागरण अभियान कार्यक्रम में की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वक्फ दान की सम्पत्ति है। दान की सम्पत्ति का उपयोग समाज हित में होना चाहिए। नये वक्फ कानून में यही संशोधन किया गया है। कानून पहले की विकृतियों को दूर करता है। वक्फ कानून के माध्यम से वक्फ सम्पत्तियों को सुरक्षित रखना सुनिश्चित किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यों की विश्व भर में सराहना हो रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का अरब देशों जैसे कतर, सऊदी अरब, ईराक, ईरान आदि देशों में सम्मान भारत का सम्मान है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाहरी दुश्मन द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में देश के सभी दल और नेता एकजुट हो गए हैं। यह हिन्दुस्तान की खूबसूरती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जाने-अनजाने में 1947 में देश विभाजन में भारत छोड़कर पाकिस्तान गए लोगों को वहां मुहाजिर कहते हैं और उनके हालात खराब हैं। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को चतुर, स्वार्थी, चालाक लोगों से सावधान रहना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस संदर्भ में सांप-नेवले की लड़ाई दिखाने के बहाने दंत-मंजन बेचने वाले मदारी की कहानी भी सुनाई।

मध्यप्रदेश का वक्फ बोर्ड है आदर्श बोर्ड

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड देश का आदर्श वक्फ बोर्ड है। उन्होंने इसके लिए अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, बोर्ड के चेयरमेन श्री सनवर पटेल और विभागीय अधिकारियों की सराहना भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग के अधिकारियों को समाज के हित में योजनाओं को बनाने के लिए कहा। योजनाओं में 60 प्रतिशत केंद्र का अंश मिलता है और 40 प्रतिशत का योगदान राज्य करता है। उन्होंने कहा कि राज्य का 40 प्रतिशत योगदान हम देंगे, अधिकारी योजनाएं तैयार करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वक्फ बोर्ड के कर्मचारियों के वेतन भत्ता के भुगतान में आ रही कठिनाई का निराकरण करने के लिए भी आश्वस्त किया।

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य नवीन संशोधन अधिनियम के तहत प्रावधानित राष्ट्रीय पोर्टल पर समस्त वक्फ सम्पत्तियों को पंजीकृत करने में सहयोग दे रहा है। इस प्रकार की पहल करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। राज्य सरकार के वक्फ बोर्ड और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के उत्कृष्ट कार्यों का अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार को परामर्श देने वाली संस्था आई.आई.टी. दिल्ली के दल ने भी सराहना की है। वर्तमान में राज्य वक्फ बोर्ड में संधारित मूल अभिलेखों के डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि वक्फ संपत्तियों के भूमि विवरण दर्ज करने और जी.पी.एस सर्वे का कार्य राजस्व विभाग के सहयोग से किया जा रहा है। वक्फ सम्पत्तियों के समुचित प्रबंधन के लिए वित्त प्रवाह, मानव संसाधन और न्यायालयीन प्रकरण ट्रेकिंग प्रणाली आदि का विकास किया जा रहा है।

श्रीमती गौर ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक से वक्फ की सम्पत्तियों में वर्षों से चली आ रही विसंगतियों को दूर कर उनका समाज हित में उपयोग किया जा सकेगा। इस कार्य में मध्यप्रदेश आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करेगा। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के चेयरमेन श्री सनवर पटेल ने वक्फ बोर्ड द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने वक्फ संशोधन के विभिन्न प्रावधानों की भी जानकारी दी। इस अवसर पर ओलम्पियन हॉकी खिलाड़ी श्री समीर दाद, प्रबुद्धवर्ग के व्यक्ति, उलेमा आदि उपस्थित थे।

 

More From Author

उच्च शिक्षा विभाग ने वर्ष 2025-26 के शुरू होते ही 22 महाविद्यालयों के नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति प्राप्त कर ली

आज से शुरू हुई भगत की कोठी-चेन्नई सेंट्रल नई सुपरफास्ट ट्रेन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13783/138

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.