कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने ‘स्प्री’ योजना को दी हरी झंडी, पंजीकरण को मिलेगा बढ़ावा

सतना
कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने नियोक्ताओं और कर्मचारियों के पंजीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए 'स्प्री' ( एसपीआरईई ) योजना को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय हिमाचल प्रदेश के शिमला में आयोजित 196वीं ईएसआईसी बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री ने की।

इस संबंध में निश्चल कुमार नाग, संयुक्त निदेशक (जॉइंट डायरेक्टर) एवं प्रभारी, उप क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल ने जानकारी दी कि यह योजना मध्यप्रदेश सहित देशभर में प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। योजना के अंतर्गत नियोक्ता अपने प्रतिष्ठान और कर्मचारियों का पंजीकरण ईएसआईसी पोर्टल, श्रम सुविधा पोर्टल और एमसीए पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से कर सकते हैं।

पंजीकरण की तिथि वही मानी जाएगी जो नियोक्ता द्वारा घोषित की जाएगी। इस योजना के तहत पंजीकरण से पूर्व की अवधि के लिए न तो किसी योगदान (Contribution) की मांग की जाएगी और न ही कोई निरीक्षण (Inspection) या रिकॉर्ड प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी। 

नियोक्ताओं को सुनहरा अवसर

यह योजना उन नियोक्ताओं के लिए सुनहरा अवसर है जो अब तक ईएसआईसी के तहत पंजीकृत नहीं हुए हैं या जिन्होंने सभी पात्र कर्मचारियों (ठेका, अस्थायी, अनियमित आदि) को शामिल नहीं किया है। योजना 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी, जो पंजीकरण के लिए एक अवसर प्रदान करती है।

क्या है 'स्प्री' का उद्देश्य

'स्प्री' योजना का उद्देश्य स्वैच्छिक अनुपालन  को बढ़ावा देना और पिछली देनदारियों के भय को दूर कर पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना है। पहले ईएसआईसी में पंजीकरण नहीं कराने पर कानूनी कार्रवाई और बकाया मांग की जा सकती थी। लेकिन 'स्प्री' 2025 योजना उन अड़चनों को दूर कर रही है ताकि अधिक प्रतिष्ठान और श्रमिक ईएसआईसी की सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ सकें।पंजीकरण के पश्चात कर्मचारी और उनके परिवार ईएसआईसी के तहत चिकित्सा सुविधाओं, बीमारी, मातृत्व, दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में नकद लाभ  प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, उन्हें दीर्घकालीन सामाजिक सुरक्षा  भी मिलेगी।

श्री नाग ने बताया कि यह योजना न केवल नियोक्ताओं को उनके कार्यबल को नियमित करने के लिए प्रेरित करती है, बल्कि ठेका और अस्थायी श्रमिकों को भी ईएसआईसी एक्ट 1948 के तहत आवश्यक सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करती है। उन्होंने बताया कि यह पहल ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देती है और यूनिवर्सल सोसल सेक्योरिटी कवरेज के लक्ष्य की ओर एक ठोस कदम है। उन्होंने सभी प्रतिष्ठानों से अपील की कि वे इस स्वैच्छिक और सरल योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत लाएं।

जानकारी के लिए यहां संपर्क करें

सतना जिले में ईएसआईसी से संबंधित जानकारी के लिए नियोक्ता या कर्मचारी बिरला कॉलोनी कैम्पस पर स्थित ऑफिस में संपर्क सकते हैं या फिर ब्रांच के फोन नम्बर 07672-257196 अथवा मेल आईडी bo-satna.mp@esic.nic.in से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं रीवा जिले में  औषधालय सह शाखा कार्यालय एमआईजी-1/28/508 वार्ड नम्बर 11 इंद्रानगर रीवा तथा फोन नम्बर 07662-299318 या मेल आईडी dcbo-rewa.mp@esic.nic.in में संपर्क कर सकते हैं।

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