जीवित अवस्था में मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग

भगवान कृष्ण ने गीता में कहा है-हे अर्जुन! ज्ञान वह परम स्थिति है, जिसे पाकर कोई मोह में नहीं फंसता! यह आध्यात्मिक अवस्था अगर जीवन के अंतकाल में भी मिल जाए तो मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है।

शरीर, शरीर से जुड़े लोगों, सगे-सम्बन्धियों या जहां-जहां से भी इस शरीर को सुख मिलता है, हमारा हर उस वस्तु के प्रति मोह हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हम जिंदगी भर सुख को ढूंढते रहते हैं और इसकी वजह से मोह पक्का होता जाता है। एक ऐसी अवस्था आ जाती है, जहां यह पक्का हो जाता है कि सुख मिले या न मिले, मोह बरकरार रहता है। जहां से सुख मिलता है, वहीं हमारा संसार बन जाता है। व्यक्ति अपने सुख से बाहर नहीं निकलना चाहता। इसलिए सुख की चाह मोह के रूप में उसे इस संसार में बांधे रखती है। अध्यात्म के रास्ते ही व्यक्ति अपना मन संसार और इसके सुखों से हटाकर अपनी चेतना से जोड़ लेता है, जिसकी ताकत से यह शरीर, इन्द्रियां, मन, बुद्धि सब चलता है। उसे ब्रह्म भी कहते हैं।

उस ब्रह्म की स्थिति का आनंद लेने के बाद संसार के सब सुख फीके लगने लगते हैं। यही शारीरिक आनंद से ऊपर उठने का वक्त होता है। यह अवस्था मोहमाया का अंत कहलाती है, जब व्यक्ति जीवित रह कर भी मोक्ष की अवस्था को प्राप्त कर लेता है।

 

More From Author

संभल के 68 तीर्थ स्थलों पर पहली बार होली मनाने की तैयारी, धारा 163 लागू

पाकिस्तान पर तालिबान का जोरदार वार, डूरंड लाइन पर दो और पोस्ट कब्जे में, युद्ध में बढ़ोतरी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13783/138

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.