दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने में तेजी, 2.41 लाख से अधिक बच्चों का डेटा प्रेरणा पोर्टल से लिंक

लखनऊ

योगी सरकार ने समावेशी शिक्षा को मिशन मोड में आगे बढ़ाते हुए दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। हाल ही में जारी विभागीय आंकड़ों के अनुसार समर्थ पोर्टल से जुड़े 2.41 लाख से अधिक दिव्यांग बच्चों का डेटा प्रेरणा पोर्टल से लिंक किया जा चुका है और अब पंजीकरण अभियान को जिला एवं ब्लॉक स्तर तक तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान, पंजीकरण और शैक्षिक सहायता को पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था से जोड़ दिया है। इससे दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में लाने की प्रक्रिया पहले के मुकाबले कहीं अधिक व्यवस्थित और प्रभावी हुई है। समर्थ और प्रेरणा पोर्टल के एकीकरण से छात्रवृत्ति, प्रशिक्षण और सहायता योजनाओं तक पहुंच आसन हुई है।

प्रयागराज, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, आजमगढ़, गोंडा और हरदोई जैसे जिलों में अभियान की उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली है। प्रयागराज में 6697, आजमगढ़ में 6322, लखीमपुर खीरी में 6182 और सीतापुर में 6121 दिव्यांग बच्चों का डेटा लिंक किया गया है। इससे स्पष्ट है कि योगी सरकार की तकनीक आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था अब जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम दे रही है और 'कोई भी बच्चा शिक्षा से बाहर नहीं' का संकल्प तेजी से साकार होता दिखाई दे रहा है।

शासन स्तर से सभी जिलों के बीएसए, बीईओ और समावेशी शिक्षा से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि दिव्यांग बच्चों का पंजीकरण अभियान मोड में पूरा कराया जाए। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि प्रदेश का कोई भी दिव्यांग बच्चा शिक्षा की मुख्यधारा से बाहर नहीं रहेगा।

योगी सरकार की यह पहल दिखाती है कि जब नीति स्पष्ट हो, तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल हो और जमीनी स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जाए, तो शिक्षा व्यवस्था को वास्तव में समावेशी बनाया जा सकता है। दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का यह मॉडल आने वाले समय में देश के लिए भी नई मिसाल बन सकता है।

तकनीक से आसान हुई शिक्षा और योजनाओं तक पहुंच

योगी सरकार की रणनीति अब केवल स्कूलों में नामांकन तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे बच्चों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर केंद्रित है जो लंबे समय तक व्यवस्था से दूर रहे। समर्थ और प्रेरणा पोर्टल के एकीकरण के बाद अब दिव्यांग बच्चों को छात्रवृत्ति, सहायक उपकरण, विशेष प्रशिक्षण, थेरेपी और दूसरी शैक्षिक सुविधाओं से जोड़ना आसान हो गया है। इसके साथ ही बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति और शैक्षिक प्रगति की डिजिटल निगरानी भी संभव हो सकेगी। पहले दिव्यांग बच्चों के वास्तविक आंकड़ों और उनकी शैक्षिक स्थिति को लेकर एकरूप व्यवस्था का अभाव था, लेकिन अब शासन के पास वास्तविक समय का डेटा उपलब्ध हो रहा है, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे पात्र बच्चों तक पहुंच सकेगा।

तकनीक आधारित शिक्षा मॉडल को मिल रही मजबूती

योगी सरकार पहले ही स्मार्ट क्लास, डिजिटल मॉनिटरिंग, निपुण भारत मिशन, मिशन प्रेरणा और स्कूल कायाकल्प जैसे अभियानों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाने पर जोर दे चुकी है। अब समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल उसी व्यापक विजन का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें शिक्षा को केवल अधिकार नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर का माध्यम माना गया है।

More From Author

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किसानों की डिजिटल पहचान की ओर तेजी से बढ़ रहा उत्तर प्रदेश

कुशीनगर से वाराणसी और नेपाल सीमा से प्रयागराज तक बनेंगे फोर लेन हाईवे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13783/138

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.