कुशीनगर से वाराणसी और नेपाल सीमा से प्रयागराज तक बनेंगे फोर लेन हाईवे

 लखनऊ

 प्रदेश में प्रस्तावित किए गए छह नार्थ-साउथ हाईवे कारिडोर में से दो कारिडोर का काम जल्द शुरू होने जा रहा है। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई, भूमि अधिग्रहण का काम शुरू किए जाने की तैयारी है। पहला कारिडोर कुशीनगर-देवरिया-दोहरीघाट-गाजीपुर-जमानिया होते हुए वाराणसी तक तथा दूसरा कारिडोर पिपरी (भारत-नेपाल सीमा)-बांसी-सिद्धार्थनगर से प्रयागराज तक के बीच बनेगा।

दोनों कारिडोर में पीडब्ल्यूडी द्वारा कराए जाने वाले कार्यों में से तीन खंडों का काम स्वीकृत होने के साथ ही हुए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

हाईवे कारिडोर का काम लोक निर्माण विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) द्वारा किया जाना है। दोनों कारिडोर का निर्माण कार्य पूरा होने पर पूर्वांचल के दर्जन भर पिछड़े जिले आपस में फोर लेन हाईवे से जुड़ जाएंगे।

प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी अजय चौहान ने बताया है कि कुशीनगर-देवरिया-गाजीपुर-वाराणसी हाईवे में 31.5 किमी कसया-देवरिया मार्ग तथा 21.75 किमी देवरिया-बरहज मार्ग का निर्माण कार्य स्वीकृत कर दिया गया है।

वहीं पिपरी (भारत नेपाल सीमा)-बांसी-सिद्धार्थनगर से प्रयागराज तक प्रस्तावित हाईवे में 9.4 किमी बर्डपुर पिपरहवा मार्ग का काम भी स्वीकृत किया गया है। अन्य खंडों के काम भी जल्द स्वीकृत किए जाएंग। विशेष सचिव प्रभुनाथ के मुताबिक हाईवे कारिडोर के 62 किमी कार्य के लिए 725 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

अभी 235 किमी कार्य स्वीकृत किए जाना शेष है। मुख्य अभियंता (मुख्यालय-एक) अनिल कुमार दुबे के मुताबिक दोनों कारिडोर का काम दो वर्ष में पूरा होगा। भूमि अधिग्रहण के साथ ही निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।

कुशीनगर-वाराणसी हाईवे कारिडोर
कुशीनगर-देवरिया-दोहरीघाट-गाजीपुर-जमानिया होते हुए वाराणसी तक बनने वाले कारिडोर की कुल लंबाई 220 किमी है। दोहरीघाट-मऊ-गाजीपुर खंड तथा गाजीपुर-वाराणसी पहले से चार लेन हैं। कुशीनगर-देवरिया और देवरिया-दोहरीघाट खंड का कार्य लोक निमार्ण द्वारा किया जाना है। जिसकी अनुमानित लागत 342 करोड़ रुपये है।

कॉरिडोर-1 (कुशीनगर से वाराणसी) के जिले
इस रूट पर आने वाले मुख्य जिले:
    कुशीनगर
    देवरिया
    मऊ (दोहरीघाट खंड के जरिए)
    गाजीपुर
    वाराणसी

नेपाल सीमा पिपरी-प्रयागराज कारिडोर
पिपरी (भारत-नेपाल सीमा)-सिद्धार्थनगर- प्रयागराज कारिडोर की लंबाई 295 किलोमीटर है। पहला हिस्सा 9.4 किमी पिपरी-बर्डपुर का काम स्वीकृत कर दिया गया है। यह कारिडोर शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और विंध्य एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इसमें 107 किमी के तीन खंडो का काम पीडब्ल्यूडी 642 करोड़ रुपये से और 123 किलोमीटर का काम सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) 738 करोड़ की लागत से करेगा।

इस रूट की कनेक्टिविटी इन जिलों को कवर करेगी:
    सिद्धार्थनगर (पिपरी-बर्डपुर-बांसी खंड)
    बस्ती (सिद्धार्थनगर से प्रयागराज के रास्ते में)
    संत कबीर नगर
    अमेठी (पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लिंक के जरिए)
    सुलतानपुर
    प्रतापगढ़
    प्रयागराज

 

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