ChatGPT बनाने वाली कंपनी के CEO बोले- AI से खत्म नहीं होंगे रोजगार

 नई दिल्ली

पिछले कुछ सालों में AI को लेकर दुनिया भर में सबसे बड़ा डर यही रहा है कि क्या मशीनें इंसानों की नौकरियां छीन लेंगी. चैटजीपीटी और दूसरे एआई टूल्स आने के बाद यह बहस और तेज हो गई. दुनिया भर में कई कंपनियों ने AI के नाम पर हजारों जॉब्स कट की हैं. लेकिन अब टॉप टेक सीईओ के सुर बदले से लग रहे हैं। 

कई लोगों को लगने लगा है कि आने वाले समय में लाखों लोग बेरोजगार हो सकते हैं. लेकिन अब खुद AI दुनिया के बड़े नाम इस मुद्दे पर थोड़ा अलग सुर में बात करते नजर आ रहे हैं। 

OpenAI सीईओ ऑल्टमैन ने मानी अपनी गलती

OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने हाल ही में माना कि एआई को लेकर नौकरी खत्म होने का जो डर था, वह अभी तक उतना सच साबित नहीं हुआ है जितना उन्होंने पहले सोचा था। 

ऑल्टमैन ने कहा कि उन्हें लगा था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सबसे पहले एंट्री लेवल ऑफिस जॉब्स को तेजी से खत्म कर देगा, लेकिन ऐसा बड़े स्तर पर अभी तक देखने को नहीं मिला. उन्होंने यहां तक कहा कि वह गलत साबित होकर खुश हैं। 

ऑल्टमैन का कहना है कि एआई कई काम आसान जरूर कर रहा है, लेकिन इंसानों की जगह पूरी तरह नहीं ले पा रहा. उन्होंने मिसल देते हुए बताया कि उन्होंने कुछ समय तक अपने मैसेज और जवाब एआई से लिखवाने की कोशिश की, लेकिन बाद में महसूस हुआ कि इंसानों के बीच बातचीत और जुड़ाव की अहमियत अलग होती है। 

सैम ऑल्टमैन के मुताबिक कई नौकरियों में मानवीय हिस्सा ऐसा है जिसे मशीनें आसानी से कॉपी नहीं कर सकतीं। 

AI का बहाना बना कर की जा रही छंटनी: Nvidia CEO
दूसरी तरफ अमेरिकी टेक कंपनी Nvidia के सीईओ जेनसन हुआंग का बयान भी काफी चर्चा में है. उन्होंने कहा कि जो लोग एआई सीखेंगे और उसके साथ काम करना सीख जाएंगे, वही आगे बढ़ेंगे. लेकिन जो लोग नई टेक्नोलॉजी अपनाने से बचेंगे, उनके लिए खतरा बढ़ सकता है. यानी एआई नौकरी पूरी तरह खत्म नहीं करेगा, लेकिन काम करने का तरीका जरूर बदल देगा। 

जेनसन हुआंग ने उन कंपनियों पर भी सवाल उठाए जो हर छंटनी का कारण एआई को बता रही हैं. उनका कहना है कि कई कंपनियां एआई का नाम लेकर आसान बहाना बना रही हैं. उनके मुताबिक एआई अभी इतना पुराना नहीं हुआ कि वह अचानक पूरी दुनिया की नौकरियां खत्म कर दे। 

गूगल सीईओ सुंदर पिचाई क्या कह रहे हैं?
गूगल सीईओ सुंदर पिचाई भी लगातार कह रहे हैं कि एआई को डर की तरह नहीं बल्कि एक नए टूल की तरह देखना चाहिए. हाल ही में उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी AI के साथ काम करेगी और उसी के साथ फ्यूचर बनाएगी. पिचाई का मानना है कि AI इंसानों की मदद करेगा, लेकिन लोगों को नई स्किल्स सीखनी होंगी। 

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि खतरा बिल्कुल खत्म हो गया है. दुनिया भर की कई कंपनियां अब AI की मदद से कम लोगों में ज्यादा काम करने की कोशिश कर रही हैं। 

कुछ जगहों पर एंट्री लेवल और दोहराए जाने वाले काम कम हुए हैं. लेकिन साथ ही नए तरह के काम भी पैदा हो रहे हैं, जैसे एआई ट्रेनिंग, एआई मॉनिटरिंग और एआई आधारित कंटेंट वर्क। 

एक नई रिसर्च में भी सामने आया है कि एआई सीधे नौकरी खत्म करने से ज्यादा काम करने के तरीके को बदल रहा है. कंपनियां अब लोगों की भर्ती और काम की जिम्मेदारियां दोनों बदल रही हैं. यानी आने वाले समय में वही लोग ज्यादा सुरक्षित होंगे जो नई तकनीक के साथ खुद को बदल सकेंगे। 

धीरे धीरे तस्वीर बगलती हुई दिख रहा है. कुछ साल पहले जहां जॉब एपोकैलिप्स यानी नौकरियों के खत्म होने का डर सबसे बड़ा मुद्दा था, वहीं अब टेक दुनिया के बड़े लोग कह रहे हैं कि एआई इंसानों की जगह लेने नहीं, बल्कि उनके साथ काम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 

More From Author

मध्यप्रदेश में लंबी छुट्टियों का असर! बैंक-स्कूल समेत सरकारी कार्यालय रहेंगे बंद

1 जून को मेधावियों का सम्मान समारोह, योगी सरकार देगी कैश अवॉर्ड और टैबलेट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13814/1

RO No. 13783/138

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.