ईरान का बड़ा ऐलान, इन शर्तों के बिना नहीं खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट

तेहरान
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार जारी है। होर्मुज स्ट्रेट के आस पास भी लगातार जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है। हाल में संयुक्त अरब अमीरात (uae) की तरफ से कहा गया है कि उसके एक जहाज को ईरानी मिसाइल से निशाना बनाया गया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर होर्मुज पर स्थिति कब और कैसे सामान्य होगी। इसका जवाब भी तेहरान ने दे दिया है

ईरान की 'सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल' ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट तब तक नहीं खुलेगा जब तक अमेरिका "अपना व्यवहार नहीं सुधारता"। इसके साथ ही काउंसिल ने कुछ और मांगें भी रखी हैं। ईरानी अर्ध सरकारी मीडिया के मुताबिक काउंसिल के सचिव मोहम्मद बाकर जोलगद्र ने एक बयान जारी करके इन शर्तों की एक लिस्ट बताई है।

इस लिस्ट के मुताबिक…
1. अमेरिका ईरान को फिर कभी धमकी नहीं देगा।

2.अमेरिका, ईरान और उसके सहयोगियों के साथ युद्ध को हमेशा के लिए छोड़ देगा।

3. अमेरिका को ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी हटानी चाहिए और उस इलाके से अपनी सेना वापस बुलानी चाहिए।

4. अमेरिका को इस युद्ध की वजह से ईरान को हुए नुकसान की भरपाई करनी होगी

5. अमेरिका, ईरान से सारे प्रतिबंध हटाए और उसकी जिस भी संपत्ति को जब्त किया गया है। उसको बिना किसी शर्त के साथ जारी करे।

ईरान की इन शर्तों पर अभी तक संयुक्त राज्य अमेरिका की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है। अमेरिका शुरुआत से यह कहता आ रहा है कि होर्मुज पर कोई टैक्स नहीं लगेगा और युद्ध के पहले वाली स्थिति ही बहाल होगी। हालांकि, ईरान इसके लिए तैयार नहीं है।

ओमान के साथ मिलकर होर्मुज पर टैक्स लगाने की कोशिश में ईरान
अमेरिका और ईरान युद्ध से पहले सभी के लिए सामान्य रूप से खुले होर्मुज पर अब नई पाबंदी लगने की आशंका बढ़ गई है। तेहरान का कहना है कि वह ओमान के साथ मिलकर फीस लगाने को लेकर प्रस्ताव बना रहा है। हालांकि, ओमान की तरफ से इस तरह के टैक्स को लेकर इनकार ही किया गया है। युद्ध के पहले ईरान नेभी कभी इस तरह की बात नहीं की है लेकिन अमेरिकी हमले ने उसे होर्मुज को हथियार की तरह उपयोग करने का रास्ता दे दिया है।

दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बातचीत जारी है। हालांकि, तनाव भी लगातार बढ़ रहा है। दूसरे दौर के युद्ध के बाद फिलहाल शांति बनी हुई है, लेकिन तनाव की वजह से होर्मुज पर पाबंदी लगी हुई है। कई देशों के जहाजों पर हमला हुआ है। इसकी वजह से वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चैन बुरी तरह से प्रभावित हुई है। इसका सबसे बड़ा असर खाड़ी देशों के ऊपर भी पड़ा है। इन देशों का ज्यादातर व्यापार होर्मुज स्ट्रेट या फिर लाल सागर के बाब अल मंडेब से होता है। होर्मुज पर ईरान जहाजों को निशाना बना रहा है। वहीं, दूसरी तरफ लाल सागर में हूथी विद्रोही निशाना बना रहे हैं।

More From Author

सावन के दूसरे सोमवार बाबा महाकाल की निकलेगी सवारी, चांदी की पालकी-हाथी पर होंगे सवार

स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर योगी सरकार सख्त, 12 साल तक के बच्चों संग अटेंडेंट अनिवार्य

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13944/210

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.