वर्ष 2027 होगा युवाओं का वर्ष

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पूज्य संत अवधूत  दादागुरु भगवान ने रविवार को मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी कैंपस में आयोजित 'युवा संवाद' कार्यक्रम में सहभागिता की। 'युवा संवाद' का विषय 'प्रकृति केन्द्रित जीवन : व्यवस्था एवं विकास' था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद युवाओं से आत्मीय संवाद कर उनके शिक्षा, रोजगार, आजीविका, स्वास्थ्य और युवाओं के विकास के लिए सरकार के प्रयासों पर केन्द्रित प्रश्नों के उत्तर दिए। कार्यक्रम के दौरान पूज्य संत  दादागुरु भगवान एवं मानसरोवर ग्लोबल यूनिविर्सिटी ने वर्ष 2027 को युवा वर्ष घोषित करने के लिए प्रदेश के सभी युवाओं की तरफ से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया और उन्हें तुलसी का पौधा एवं शॉल भेंटकर तथा प्रतीक चिन्ह देकर अभिनंदन किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा संवाद में संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं में निहित असीम ऊर्जा को एक नई दिशा देकर प्रदेश के विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित कर रही है। युवा ही विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश का सपना साकार करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार हर संभव तरीके से युवाओं के कल्याण की दिशा में आगे बढ़ रही है। युवाओं के हित में ठोस प्रयासों के लिए हमने आने वाले वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' घोषित किया है। प्रदेश में औद्योगिक विकास, रोजगार के नए साधन, शासकीय सेवा में नई भर्ती और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देकर हमने युवाओं के लिए प्रदेश में हर तरह के संसाधन उपलब्ध कराए हैं। युवा वर्ष 2027 के लिए भी हमारी तैयारी जारी है। हम योजनाबद्ध तरीके से पूरे साल युवाओं के कल्याण और उनके कौशल विकास से जुड़ी गतिविधियां आयोजित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हो रहे औद्योगिक विकास का लाभ हम युवाओं को देना चाहते हैं। हमारी सरकार युवाओं को भारी उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा कुटीर एवं ग्रामोद्योग सहित स्वरोजगार से जोड़कर उनके कौशल का विकास कर रही हैं। हमारी सरकार की मंशा है कि हमारे युवा उद्योगपति बनें, ताकि वे रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाली सक्षम स्थिति में आ जाएं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं से संवाद कर उन्हें हमेशा ऊर्जा मिलती है। युवाओं के कल्याण के लिए नए आइडिया मिलते हैं। हमारी सरकार इस तरह के युवा संवाद से मिले सकारात्मक और नवाचारी विचारों को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रयास करेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का युवाओं से आत्मीय संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं द्वारा पूछे गये प्रश्नों के बड़ी सहजता से जवाब दिए।

प्रश्न – 1 छात्र सुजल शुक्ला : मुख्यमंत्री जी, आपका चयन चिकित्सा के क्षेत्र में हो गया था । फिर आपने इस क्षेत्र में केरियर बनाने के बजाय राजनीति और सार्वजनिक जीवन को क्यों चुना ?

मुख्यमंत्री डॉ. यादव : पढ़-लिखकर अपना केरियर बनाना हम सभी का सपना हो सकता है, लेकिन हमारे देश में राष्ट्रसेवा के लिए जीवन समर्पित करने की गौरवशाली परंपरा रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनेक प्रचारक अत्यंत शिक्षित होने के बावजूद राष्ट्रकार्य के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर देते हैं। संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने भी चिकित्सा की पढ़ाई की थी, लेकिन उन्होंने डॉक्टरी को व्यवसाय बनाने के बजाय राष्ट्रसेवा का मार्ग चुना। इसी प्रेरक परंपरा का मेरे जीवन पर भी प्रभाव पड़ा। मेरे सामने भी चिकित्सा के क्षेत्र में जाने का विकल्प था, लेकिन मार्गदर्शन मिलने पर मैंने विज्ञान विषय से बीएससी करने का निर्णय लिया, ताकि पढ़ाई के साथ सामाजिक और संगठनात्मक कार्य भी कर सकूं। आज मुझे अपने उस निर्णय पर पूरा संतोष है।

प्रश्न – 2 छात्र अमन राय : मुख्यमंत्री जी, आपने 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वर्ष 2027 को ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। प्रदेश के युवाओं से आपकी क्या अपेक्षाएं हैं और युवा वर्ष के लिए सरकार की क्या कार्ययोजना है ?

मुख्यमंत्री डॉ. यादव : हमारे इतिहास में युवाओं की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। भगवान राम ने युवावस्था में महर्षि विश्वामित्र के साथ जाकर ऋषि-मुनियों की रक्षा की और समाज के सामने अपने सामर्थ्य का परिचय दिया। भगवान कृष्ण ने भी युवावस्था में कंस के अत्याचार का अंत किया। इसी प्रकार चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह और नेताजी सुभाषचंद्र बोस जैसे असंख्य युवाओं ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। भारत आज दुनिया का सबसे युवा देश है। हमारे युवाओं में अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर भारत को विश्व का अग्रणी राष्ट्र बनाने की क्षमता है। सरकार की अपेक्षा है कि प्रदेश के युवा केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। वे बड़े सपने देखें, अपना लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी शक्ति से आगे बढ़ें। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वर्ष 2027 में प्रदेश सरकार के सभी विभाग मिलकर शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता और नवाचार से जुड़ी गतिविधियां संचालित करेंगे। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे युवा अपने माता-पिता के सपनों को साकार करते हुए मध्यप्रदेश और देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। इसी संकल्प के साथ वर्ष 2027 युवाओं को समर्पित किया गया है।

प्रश्न – 3 छात्र आदित्य प्रभाकर : मुख्यमंत्री जी, हमने देखा है कि अत्यंत व्यस्त दिनचर्या और कार्यक्रमों के बावजूद आप अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखते हैं। कृपया हमें भी मार्गदर्शन दें कि हम अपनी जीवनशैली को स्वस्थ और नियमित कैसे बना सकते हैं ?

मुख्यमंत्री डॉ. यादव : यदि हम समय का अनुशासन बनाए रखते हुए अपनी दिनचर्या निर्धारित कर लें, तो सभी कार्य सहजता से पूरे कर सकते हैं। जिस प्रकार विद्यार्थी पूरे वर्ष प्रतिदिन नियमित रूप से पाठ्यक्रम की पढ़ाई करें तो परीक्षा के समय उन्हें तनाव नहीं होता, उसी प्रकार जीवन में भी नियमितता आवश्यक है। हमारे दैनिक जीवन में सोना, खाना-पीना और पढ़ना जितना आवश्यक है, उतना ही योग एवं व्यायाम भी जरूरी है। मुझे इस बात का संतोष है कि अन्य व्यस्तताओं के बावजूद मैं नियमित रूप से योग और व्यायाम के लिए समय अवश्य निकालता हूं। परमात्मा की कृपा से मुझे अभी तक डायबिटीज, हृदय रोग या कोई अन्य गंभीर बीमारी नहीं है और आंखों पर चश्मा भी नहीं लगा है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से योग एवं व्यायाम का समय अवश्य निकालना चाहिए।

प्रश्न – 4 छात्रा कुमारी तन्वी योगी : मैं सेकंड प्रोफेशनल की छात्रा हूं। मेरा प्रश्न है कि आपकी गिनती देश के सबसे अधिक शिक्षित मुख्यमंत्रियों में होती है। इतनी व्यस्त जीवनशैली के बीच आपने अपनी पढ़ाई और अन्य जिम्मेदारियों को किस प्रकार संतुलित किया ?

मुख्यमंत्री डॉ. यादव : यह कठिन जरूर है, लेकिन असंभव नहीं। केवल डिग्री प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, हमें अपने ज्ञान को काम और व्यावहारिक जीवन से भी जोड़ना चाहिए। जब मैं पहली बार छात्रसंघ का संयुक्त सचिव बना, उस समय बीएससी प्रथम वर्ष का विद्यार्थी था। पढ़ाई के साथ चुनाव भी लड़ा और अपना व्यवसाय भी संभाला। समय का सही नियोजन किया जाए तो काम करते हुए भी पढ़ाई जारी रखी जा सकती है। मैंने इसी तरह बीएससी और एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। उज्जैन विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष रहते हुए एमए राजनीति विज्ञान की पढ़ाई की। बाद में अन्य सार्वजनिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए एमबीए किया और फिर पीएचडी पूरी की। मेरा मानना है कि पढ़ाई केवल नौकरी प्राप्त करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। मनुष्य को जीवनभर अध्ययन और स्वाध्याय करते रहना चाहिए। मैं आज भी नियमित रूप से स्वाध्याय करता हूं। आप सभी से भी यही आग्रह है कि पुस्तकों को अपना साथी बनाएं और निरंतर आगे बढ़ते रहें। ज्ञान वह दिव्य धन है, जो जीवन में कभी नष्ट नहीं होता और हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

प्रश्न – 5 मानसरोवर डेंटल कॉलेज के स्टाफर डॉ. जयेश : मुख्यमंत्री जी, प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मैं जानना चाहता हूं कि इन बड़े उद्योगों की स्थापना से मध्यप्रदेश के युवाओं को कितना लाभ और रोजगार मिलेगा ?

मुख्यमंत्री डॉ. यादव : प्रदेश में रोजगार सृजन के लिए भारी उद्योग, एमएसएमई तथा लघु एवं कुटीर उद्योग सहित सभी क्षेत्रों में काम किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में खनन, प्रसंस्करण और प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। सरकार का प्रयास है कि इन संभावनाओं का लाभ प्रदेश के युवाओं को मिले। उद्योगों की स्थापना के लिए सरकार बिजली, पानी, भूमि, पंजीयन शुल्क और निवेश पर ब्याज सहायता सहित विभिन्न सुविधाएं प्रदान कर रही है। रोजगार आधारित उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जवाब देते हुए कहा कि रेडीमेड गारमेंट जैसे श्रम आधारित उद्योग स्थापित करने पर नीति के अनुसार प्रति श्रमिक 5 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन सहायता दी जा सकती है। इसका उद्देश्य उद्योगों के विकास के साथ अधिक से अधिक रोजगार सृजित करना है। हमारी विशेष प्राथमिकता है कि बहनों को भी उद्योगों में रोजगार मिले। लाड़ली बहनों को राज्य सरकार प्रतिमाह 1500 रुपये की सहायता दे रही है। यदि वे रेडीमेड गारमेंट अथवा किसी अन्य उद्योग में काम करती हैं, तो शासन द्वारा प्रति महिला श्रमिक प्रोत्साहन सहायता और उद्योगपति द्वारा वेतन दिए जाने से वे प्रतिमाह 10 से 15 हजार रुपये तक अर्जित कर सकती हैं। इससे महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में श्रम कानूनों में किए गए सुधारों को मध्यप्रदेश सरकार ने भी अपनाया है। श्रमिकों की सहमति और निर्धारित नियमों के अंतर्गत कार्य के घंटों में लचीलापन दिया गया है। कोई श्रमिक यदि चार दिनों में निर्धारित 48 घंटे का कार्य पूरा करता है, तो उसे शेष तीन दिन परिवार अथवा अपने गांव के लिए मिल सकते हैं। कानून जनता की सुविधा, सहायता और उसकी क्षमता के सदुपयोग के लिए होना चाहिए। मुझे प्रसन्नता है कि मध्यप्रदेश तेजी से निवेश और औद्योगिक विकास की ओर बढ़ रहा है। भोपाल भी निवेश की दृष्टि से आकर्षक औद्योगिक गंतव्य बन रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और आसपास विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों का लाभ भोपाल सहित पूरे प्रदेश के युवाओं को मिलेगा। राज्य सरकार का अंतिम लक्ष्य युवाओं को केवल रोजगार दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार देने वाला बनाना है। हमने प्रदेश के युवाओं को उद्यमी और उद्योगपति बनाने का संकल्प लिया है, ताकि वे स्वयं आगे बढ़ने के साथ अनेक लोगों को रोजगार प्रदान कर सकें।

पूज्य संत अवधूत  दादागुरु भगवान ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु हमेशा विचार और दृष्टि देते है। उनका एक विचार ही इस जीवन और जगत का आधार बन जाता है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया की नजर भारत पर है। क्योंकि भारत ने ही विश्व को वसुधैव कुटुम्ब तथा जियो और जीने दो की दृष्टि दी है। हमारी भारतीय संस्कृति सिर्फ एक संस्कृति ही नहीं, एक जीवन पद्धति है और इसीलिए हम विषम परिस्थतियों में भी विकास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में मध्यप्रदेश ही वह एकमात्र राज्य है, जिसने आनेवाले साल को युवाओं का साल घोषित कर दिया है। यह अकेला निर्णय ही युवाओं के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) का दौर है पर हमें अपने युवाओं को एआई से आगे ले जाकर नेचर इंटेलीजेंस या कहें एनआई (प्राकृतिक बुद्धिमत्ता) से जोड़ना होगा। यह समय उदाहरण देने का नहीं, उदाहरण बनने का है। विकास के साथ हमें प्रकृति का भी ध्यान रखना है। मिट्टी में भी प्राण है। वृक्ष ही प्रत्यक्ष है और यही कारण है कि कोरोना काल में 'धन' संचय करने वाला मृत्यु को प्राप्त हो गया है और 'वन' में रहने वाला असंचयी व्यक्ति बच गया।

युवा संवाद कार्यक्रम में विधायक  रामेश्वर शर्मा, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. खेमसिंह डेहरिया, मध्यप्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष  प्रवीण शर्मा, नर्मदा मिशन से जुड़ी  प्रिया भावे चित्तावर, मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी की ऑनर  मंजुला तिवारी, कुलगुरु  एएस यादव, युवा प्रतिनिधि  योगिता राय, सीईडी  पंकज वास्तव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, यूनिवर्सिटी के फैकल्टीज़ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

 

More From Author

इंदौर पहुंची हेरिटेज ट्रेन के 12 कोच, एक सप्ताह में शुरू होगा संचालन; पर्यटकों को मिलेगी पहाड़ी सफर की सौगात

इंदौर सबसे बेहतर और अलग करता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13967/1

RO No. 13944/210

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.