नेपाल में भोटेकोशी का रौद्र रूप, तेज बहाव के बाद रसुवा-नुवाकोट समेत निचले इलाकों में चेतावनी

काठमांडू 

नेपाल ने पिछले 3 दिनों में जो आपदा देखी है, उसे शब्दों में बताया भी नहीं जा सकता. जो लोग इसमें बह गए उनकी तलाश जारी है और जो बच गए, वो इस सदमे में हैं कि कुछ बता भी नहीं पा रहे. एक तबाही देखने के बाद नेपाल पर एक बार फिर से आफत का साया मंडरा रहा है. यहां की भोटेकोशी नदी के बढ़ते जलस्तर ने फिर से चिंता बढ़ा दी है. राष्ट्रीय आपदा जोखिम और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने रविवार को नया बाढ़ अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने नदी के आसपास और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। 

नेपाल में फिर आ रही है आफत भोटेकोशी में बढ़ा जलस्तर, सुरंग में फंसे 600 लोग
स्थानीय अधिकारियों को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं. NDRRMA ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि रासुवा जिला प्रशासन को भोटेकोशी नदी में बाढ़ का बहाव बढ़ने की सूचना मिली है. इसके बाद आसपास के क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा के जरूरी कदम उठाने की सलाह दी गई है। 

सावधानी बरतने की अपील
NDRRMA नेपाल ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा, "रसुवा जिला प्रशासन कार्यालय को भोटे कोशी नदी में उफान और तेज बहाव की आवाज सुने जाने की सूचना मिली है। इसी कारण रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग के नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की जाती है। जैसे ही अतिरिक्त जानकारी प्राप्त होगी, हम नया अपडेट जारी करेंगे।"

सुरंग में करीब 600 लोग फंसे
इस बीच रसुवा में बाढ़ की वजह से करीब 600 लोग एक सुरंग में फंसे हुए हैं. उनका बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन अभी शुरू नहीं हो सका है. संबंधित परियोजनाओं के मुताबिक, बचाव के लिए जरूरी कर्मचारी, विशेषज्ञ और उपकरण पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हैं. सरकारी स्तर पर तैयारी की कमी के चलते भी अभियान में देरी हो रही है. फंसे लोगों को बाहर निकालना इस समय सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है. सुरंग के भीतर लोगों की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है। 

26 अगस्त की फ्लैश फ्लड में भारी तबाही
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े इलाके में तबाही मचा दी थी. नेपाल पुलिस के मुताबिक, इस आपदा में अब तक 734 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3,000 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं. खराब मौसम की वजह से राहत और खोज अभियान में भी मुश्किलें आ रही हैं। 

बाढ़ के पानी ने सड़कें, पुल, बस्तियां तथा हाइड्रोपावर से जुड़ी कई परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाया है. कई इलाकों में लोग अब भी अपनों की तलाश कर रहे हैं। 

275 से ज्यादा भारतीय अब भी लापता
इस हादसे में भारतीय नागरिकों को भी भारी नुकसान हुआ है. 275 से ज्यादा भारतीय अभी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि 108 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. इसके अलावा, भारतीय मूल के 128 लोगों से भी कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पिछले दो दिनों में 598 भारतीय नागरिक चीन के रास्ते सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं. करीब 900 भारतीय अभी चीन की तरफ हैं, जो पूरी तरह सुरक्षित हैं। 

भारत ने नेपाल भेजी राहत की चौथी खेप
मुश्किल की इस घड़ी में भारत ने नेपाल के लिए राहत सामग्री की चौथी खेप भेजी है. शनिवार रात 11 टन सामान लेकर C-130 सैन्य विमान नेपाल रवाना हुआ. इसमें सुरंग में फंसे लोगों की तलाश के लिए जरूरी उपकरणों से लैस तकनीकी टीम शामिल है. DNA जांच में मदद के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञ भी भेजे गए हैं. राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट भी शामिल हैं। 

भोटेकोशी में पानी बढ़ने की खबर ने नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों की चिंता जरूर बढ़ाई है. हालांकि, फिलहाल बड़े बाढ़ के खतरे से इनकार किया गया है. प्रशासन नदी के बहाव पर लगातार नजर बनाए हुए है। 

नेपाल में इस आपदा से कई परिवारों ने अपनों को खोया है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी मुश्किल हालात में फंसे हैं. आजतक टीम की संवेदनाएं इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के साथ हैं। 

आपदा में मरने वालों की संख्या 691 पहुंची 
इस बीच, नेपाल-तिब्बत में आई विनाशकारी बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 691 हो गई है. इनमें नेपाल में 675 और तिब्बत क्षेत्र में 16 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है. नेपाल में राहत एवं बचाव दल अब तक करीब 3000 लोगों को सुरक्षित निकाल चुके हैं, जिनमें 163 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. बताया जा रहा है कि हिमालय में ग्लेशियर और चट्टानों के बड़े हिस्से के खिसकने से अचानक भारी बाढ़ आई. तेज पानी कई गांवों को अपनी चपेट में ले गया, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और घरों समेत अन्य संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा। 

भारत ने भेजी राहत की चौथी खेप
भारत ने भी नेपाल के लिए मदद बढ़ाई है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक 11 टन राहत सामग्री लेकर भारत से चौथा विमान नेपाल पहुंचा. राहत सामग्री नेपाल के संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई है. भारत ने इस मुश्किल समय में नेपाल के साथ खड़े रहने और प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई है। 

सुरंग में फंसे हैं 600 लोग 
रसुवा की बाढ़ के चलते एक सुरंग में भी 600 लोगों के फंसे होने की आशंका है. यहां पर रेस्क्यू का काम शुरू नहीं हो पाया था क्योंकि पर्याप्त उपकरण नहीं थे. ऐसे में बाढ़ से प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान को तेज करने के लिए भारत, चीन और कोरिया की स्पेशल टीमें पहुंच गई हैं. भारत की ओर से 11 सदस्यों वाली विशेष टीम भेजी गई है, जो सुरंगों में फंसे लोगों को बचाने के काम में विशेषज्ञ है. यह टीम प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान में जुट गई है. वहीं चीन की सुरंग बचाव टीम भी मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य कर रही है. तीनों देशों की विशेषज्ञ टीमें स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर लापता लोगों की तलाश और प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने में मदद कर रही हैं। 

More From Author

अगस्त में सूखा-सूखा रहा उदयपुर, दशक की सबसे कम बारिश; अब सितंबर से उम्मीद

न्यूयॉर्क में मोहन भागवत बोले- भारत के DNA में है विविधता में एकता, जानें बड़ी बातें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13967/1

RO No. 13944/210

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.