जगदलपुर.
बस्तर में सड़क हादसों और गंभीर चोटों के मरीजों के लिए अब इलाज की पहली घड़ी और ज्यादा अहम होने जा रही है। डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में करीब 6 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर शुरू किया गया है।
20 बिस्तरों वाले इस केंद्र के साथ 60 नए पदों की स्वीकृति भी दी गई है। दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटे को मरीज की जिंदगी के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी गोल्डन ऑवर को ध्यान में रखते हुए यहां आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू की सुविधा तैयार की गई है। न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, जनरल सर्जरी, एनेस्थीसिया, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी विशेषज्ञों की सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। इससे गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार मिलने और बड़े शहरों में रेफर करने की जरूरत घटने की उम्मीद है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बस्तर को स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनाने की बात कही। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 35 लाख लोगों की जांच और 11 हजार गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए रायपुर भेजा गया।
आपको बता दें कि डिमरापाल में ट्रामा सेंटर शुरू होने से बस्तर के अलावा आसपास के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले गंभीर मरीजों को भी तत्काल उपचार की सुविधा मिलने की उम्मीद है. खासकर सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में समय पर इलाज और सर्जरी की सुविधा उपलब्ध होना मरीजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. सड़क हादसे, दुर्घटनाएं और गंभीर चोट के मामलों में बस्तर के लोगों को लंबे समय से बेहतर ट्रॉमा सुविधाओं की जरूरत महसूस होती रही है. गंभीर मरीजों को कई बार इलाज के लिए दूसरे शहरों की ओर रेफर करना पड़ता था. जिससे समय और दूरी दोनों बड़ी चुनौती बन जाते थे. ऐसे समय में डिमरापाल में ट्रामा सेंटर की शुरुआत बस्तर के स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.


