लखनऊ रेल मंडल की पहल, पटरियों पर दबाव घटाने के लिए दो ट्रेनों को जोड़कर चलाने की तैयारी

लखनऊ
 मालगाड़ियों की तरह ही आने वाले दिनों में दो ट्रेनों को जोड़कर उनका संचालन संभव है। पटरियों पर ट्रेनों का दबाव कम करने के लिए रेलवे एक ही रूट की दो ट्रेनें एक साथ दौड़ाने की योजना पर मंथन कर रहा है।

यह अनूठा सुझाव रेल मंडल लखनऊ की ओर से रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। हालांकि सुझाव संरक्षा मानकों की दृष्टि से कितना व्यावहारिक है ? इसका आकलन किया जा रहा है। प्रस्ताव उसी टीम ने भेजा है, जिसने एआइ से ट्रेन आपरेशन के लिए लखनऊ में देश का पहला कंट्रोल रूम बनाया है।

दरअसल रेलवे बोर्ड ने पिछले दिनों देश भर के सभी रेल मंडलों से मौजूदा संसाधन का उपयोग कर ट्रेन परिचालन की क्षमता बढ़ाने को लेकर सुझाव मांगे थे। ऐसा इसलिए क्योंकि मौजूदा समय में डबल लाइन होने के बाद भी पटरियों का उपयोग उनकी क्षमता से अधिक हो रहा है। लखनऊ -मुरादाबाद सेक्शन पर ही पटरियों का उपयोग 125 से 130 प्रतिशत तक हो रहा है।

उसपर क्षमता से 25 से 30 प्रतिशत अधिक ग्रास मीट्रिक टन (जीएमटी) भार है। सभी रेल मंडलों ने बोर्ड को अपनी ओर से सुझाव भेजे हैं। लखनऊ रेल मंडल की ओर से जो सुझाव बोर्ड को भेजा गया है, यदि उसे लागू किया गया तो एक ही रूट की दो ट्रेनें एक साथ दौड़ सकेंगी। रेलवे ने लांग हाल (एक से अधिक मालगाड़ियों पर जोड़कर संचालन) की तरह एक्सप्रेस ट्रेनों पर भी जोड़कर चलाने का प्रस्ताव भेजा है।

ऐसे हो सकेगा संचालन
जो प्रस्ताव भेजा गया है, एक ही समय पर समान दिशा की ओर वाली ट्रेन को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शामिल किया जा सकता है। 300 से 400 किलोमीटर की दूरी के लिए शुरुआत में 12 से 16 बोगियों वाली इंटरसिटी ट्रेनों को जोड़कर संचालन शुरू करने का सुझाव दिया गया है। मंडल प्रशासन ने अपने सुझाव में कहा है कि अब एलएचबी बोगियों में आटोमेटेड गेट की सुविधा है।

ऐसे में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 300 किलोमीटर से कम दूरी में इस प्रयोग को किया जा सकता है। एक ट्रेन के यात्रियों को उतरने और चढ़ने के लिए 10 मिनट का समय पर्याप्त है। प्लेटफार्म से अगले हिस्से को आगे बढ़ाने के बाद पीछे वाली ट्रेन के यात्रियों को चढ़ने और उतरने की सुविधा दी जा सकती है। ऐसे में ट्रेन का ठहराव 20 मिनट किया जा सकता है।

लेकिन यह चुनौती भी है सामने
बीच सेक्शन पर इन ट्रेनों को रोका नहीं जा सकता है। ऐसा करने पर पीछे तक ट्रेनें खड़ी हो जाएंगी। ट्रेन के लूप या मेन लाइन पर खड़े होने पर पर एक लाइन से दूसरी लाइन जाने वाली ट्रेनों के लिए बने प्वाइंट (कैंची) के ब्लाक होने का भी अंदेशा बना रहेगा।

 

More From Author

15 साल के वैभव सूर्यवंशी की टीम इंडिया में एंट्री की चर्चा तेज, ईशान किशन के चोटिल होने से खुल सकता है रास्ता

दिवाली पर दमकेगा चेहरा, महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स की जगह अपनाएं ये 5 आसान स्किनकेयर टिप्स

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 14099/197

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.